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Gorakhpur News: एम्स के पूर्व कार्यकारी निदेशक को कोर्ट का नोटिस
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गोरखपुर। एम्स पटना के निदेशक और एम्स गोरखपुर के पूर्व कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. गोपाल कृष्ण पाल व उनके सुपीरियर अथॉरिटी को प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने केस दर्ज कर नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी। मामला बेटे को फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए लाभ पहुंचाने का है।
कोर्ट में दिव्यनगर काॅलोनी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता आशुतोष कुमार मिश्र ने प्रोफेसर और उनके पुत्र के विरुद्ध केस दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रोफेसर गोपाल कृष्ण पाल ने अपने पुत्र ओरो प्रकाश पाल का एडमिशन एमडी में फर्जी ओबीसी नान क्रीमीलेयर का प्रमाणपत्र बनवाकर कराया है। जबकि वह और उनकी पत्नी भी प्रोफेसर हैं। वे किसी दृष्टि से पात्र नही हैं और उनका प्रमाणपत्र फर्जी बना है।
प्रार्थनापत्र में उन्होंने कहा कि ओबीसी नान क्रीमीलेयर का प्रमाण पत्र प्राप्त करने के अधिकतम आय आठ लाख निर्धारित है। पति-पत्नी दोनों प्रोफेसर हैं, ऐसे में उनकी आय आठ लाख से अधिक है। न्यायालय ने प्रोफेसर के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज कर प्रोफेसर और उनके सुपीरियर अथॉरिटी व थाना प्रभारी एम्स को नोटिस जारी किया है।
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कोर्ट में दिव्यनगर काॅलोनी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता आशुतोष कुमार मिश्र ने प्रोफेसर और उनके पुत्र के विरुद्ध केस दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रोफेसर गोपाल कृष्ण पाल ने अपने पुत्र ओरो प्रकाश पाल का एडमिशन एमडी में फर्जी ओबीसी नान क्रीमीलेयर का प्रमाणपत्र बनवाकर कराया है। जबकि वह और उनकी पत्नी भी प्रोफेसर हैं। वे किसी दृष्टि से पात्र नही हैं और उनका प्रमाणपत्र फर्जी बना है।
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प्रार्थनापत्र में उन्होंने कहा कि ओबीसी नान क्रीमीलेयर का प्रमाण पत्र प्राप्त करने के अधिकतम आय आठ लाख निर्धारित है। पति-पत्नी दोनों प्रोफेसर हैं, ऐसे में उनकी आय आठ लाख से अधिक है। न्यायालय ने प्रोफेसर के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज कर प्रोफेसर और उनके सुपीरियर अथॉरिटी व थाना प्रभारी एम्स को नोटिस जारी किया है।
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