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Gorakhpur News: डॉक्टर पर हथौड़े से हमला करने के आरोपी सिपाही को मिली जमानत
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गोरखपुर। डॉक्टर अनुज सरकारी पर हथौड़े से हमला करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश पंकज श्रीवास्तव ने संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद थाना क्षेत्र के मंझरिया गंगा निवासी आरोपी सिपाही पंकज कुमार को एक लाख रुपये की जमानत राशि पर रिहा करने का आदेश दिया है। बुधवार को इस मामले में एडीजे-छह के यहां सुनवाई हुई। देर शाम कोर्ट ने जमानत का आदेश जारी किया।
पहले सोमवार को सिविल कोर्ट में एडीजे-छह के यहां सिपाही की जमानत पर सुनवाई हुई थी। काफी देर तक बहस चलने के बाद सिपाही की केस हिस्ट्री न आ पाने के कारण सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। इसलिए बुधवार को जमानत अर्जी पर फिर सुनवाई हुई।
विधि संवाददाता के अनुसार, न्यायाधीश ने जमानत प्रार्थना पत्र का अवलोकन किया और पाया कि डाॅक्टर अनुज सरकारी को आई चोटें प्राणघातक नहीं हैं। साथ ही जिन दो पुलिसकर्मियों के आरोपी पंकज कुमार के साथ जाने की बात कही गई, उनका बयान भी अभी तक नहीं दर्ज किया गया है और न ही डाॅक्टर अनुज सरकारी के हॉस्पिटल में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को भी अभी तक विवेचना का हिस्सा बनाया गया है।
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यह है मामला
तीन अक्तूबर को बलिया का निलंबित सिपाही पंकज कुमार पत्नी की रिपोर्ट दिखाने डॉ. अनुज सरकारी के पास आया था। इस दौरान अल्ट्रसाउंड की फीस को लेकर धक्का मुक्की हुई। आरोप है कि इसके बाद हॉस्पिटल के कर्मचारियों ने सिपाही को पीट दिया। अगले दिन चार अक्तूबर को सिपाही फिर आया। आरोप है कि उसने डॉक्टर अनुज सरकारी के चेंबर में घुसकर हथौड़े से उनके सिर पर हमला कर दिया। इसमें केस दर्ज कर पुलिस ने सिपाही को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। इसके बाद से ही सिपाही को न्याय दिलाने के लिए कई संगठन आवाज उठा रहे हैं।
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पहले सोमवार को सिविल कोर्ट में एडीजे-छह के यहां सिपाही की जमानत पर सुनवाई हुई थी। काफी देर तक बहस चलने के बाद सिपाही की केस हिस्ट्री न आ पाने के कारण सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। इसलिए बुधवार को जमानत अर्जी पर फिर सुनवाई हुई।
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विधि संवाददाता के अनुसार, न्यायाधीश ने जमानत प्रार्थना पत्र का अवलोकन किया और पाया कि डाॅक्टर अनुज सरकारी को आई चोटें प्राणघातक नहीं हैं। साथ ही जिन दो पुलिसकर्मियों के आरोपी पंकज कुमार के साथ जाने की बात कही गई, उनका बयान भी अभी तक नहीं दर्ज किया गया है और न ही डाॅक्टर अनुज सरकारी के हॉस्पिटल में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को भी अभी तक विवेचना का हिस्सा बनाया गया है।
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यह है मामला
तीन अक्तूबर को बलिया का निलंबित सिपाही पंकज कुमार पत्नी की रिपोर्ट दिखाने डॉ. अनुज सरकारी के पास आया था। इस दौरान अल्ट्रसाउंड की फीस को लेकर धक्का मुक्की हुई। आरोप है कि इसके बाद हॉस्पिटल के कर्मचारियों ने सिपाही को पीट दिया। अगले दिन चार अक्तूबर को सिपाही फिर आया। आरोप है कि उसने डॉक्टर अनुज सरकारी के चेंबर में घुसकर हथौड़े से उनके सिर पर हमला कर दिया। इसमें केस दर्ज कर पुलिस ने सिपाही को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। इसके बाद से ही सिपाही को न्याय दिलाने के लिए कई संगठन आवाज उठा रहे हैं।