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Gorakhpur News: नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती युवक की हालत बिगड़ी, मौत- परिजनों ने लगाया ये गंभीर आरोप
Wed, 08 Oct 2025 02:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 Oct 2025 02:10 AM IST
सार
परिजनों के अनुसार, केंद्र के कर्मचारी राजू को एक निजी नर्सिंग होम में छोड़कर चले गए। जब परिवार को जानकारी मिली और वे अस्पताल पहुंचे। इसके बाद परिजनों ने राजू को तुरंत बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां मंगलवार सुबह उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
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पोस्टमार्टम हाउस के बाहर खड़े राजू साहनी के परिजन।
विस्तार
बेतियाहाता स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती राजू साहनी (36) की संदिग्ध परिस्थितियों में हालत बिगड़ने के बाद मंगलवार सुबह मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। परिजनों ने नशा मुक्ति केंद्र पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई और मामले की जांच की मांग की है।
चिलुआताल के मुर्दीनचक संझाई निवासी रामजनक साहनी ने बताया कि उनका छोटा भाई राजू साहनी (36) नशे का आदी था। जो टाइल्स लगाने का काम करता था। रामजनक के अनुसार, 15 दिन पहले जब परिवार उससे मिलने पहुंचे, तो उन्हें मिलने नहीं दिया गया।
केंद्र के कर्मचारियों ने केवल दूर से कमरे में दिखाकर वापस भेज दिया। आरोप है कि रविवार को राजू की तबीयत अचानक बिगड़ गई, लेकिन केंद्र ने न तो समय पर सूचना दी और न ही उचित इलाज की व्यवस्था की।
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परिजनों के अनुसार, केंद्र के कर्मचारी राजू को एक निजी नर्सिंग होम में छोड़कर चले गए। जब परिवार को जानकारी मिली और वे अस्पताल पहुंचे। इसके बाद परिजनों ने राजू को तुरंत बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां मंगलवार सुबह उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
मृतक के चाचा अविनाश साहनी ने आरोप लगाया कि यदि राजू की तबीयत पहले से बिगड़ रही थी, तो केंद्र ने परिवार को सूचना क्यों नहीं दी। उन्होंने मांग की कि नशा मुक्ति केंद्र की सीसीटीवी फुटेज जब्त कर जांच की जाए। ताकि मौत की असल वजह सामने आ सके। घटना की सूचना पर कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
थाना प्रभारी विजय कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। नशा मुक्ति केंद्र की भूमिका और लापरवाही को लेकर जांच की जा रही है।
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चिलुआताल के मुर्दीनचक संझाई निवासी रामजनक साहनी ने बताया कि उनका छोटा भाई राजू साहनी (36) नशे का आदी था। जो टाइल्स लगाने का काम करता था। रामजनक के अनुसार, 15 दिन पहले जब परिवार उससे मिलने पहुंचे, तो उन्हें मिलने नहीं दिया गया।
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केंद्र के कर्मचारियों ने केवल दूर से कमरे में दिखाकर वापस भेज दिया। आरोप है कि रविवार को राजू की तबीयत अचानक बिगड़ गई, लेकिन केंद्र ने न तो समय पर सूचना दी और न ही उचित इलाज की व्यवस्था की।
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परिजनों के अनुसार, केंद्र के कर्मचारी राजू को एक निजी नर्सिंग होम में छोड़कर चले गए। जब परिवार को जानकारी मिली और वे अस्पताल पहुंचे। इसके बाद परिजनों ने राजू को तुरंत बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां मंगलवार सुबह उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
मृतक के चाचा अविनाश साहनी ने आरोप लगाया कि यदि राजू की तबीयत पहले से बिगड़ रही थी, तो केंद्र ने परिवार को सूचना क्यों नहीं दी। उन्होंने मांग की कि नशा मुक्ति केंद्र की सीसीटीवी फुटेज जब्त कर जांच की जाए। ताकि मौत की असल वजह सामने आ सके। घटना की सूचना पर कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
थाना प्रभारी विजय कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। नशा मुक्ति केंद्र की भूमिका और लापरवाही को लेकर जांच की जा रही है।