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Gorakhpur News: मुआवजा लिया मगर लाल निशान से कम तोड़ा मकान... 96 को मिलेगा नोटिस
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मैत्रीपुरम में गोड़धइया नाला के हिस्से में मकान पर लगाया गया चिन्ह।
गोड़धोइया नाला: मैत्रीपुरम में 66 लोगों ने लाल निशान से कम तोड़ा मकान, आदित्यपुरी में 30 लोगों ने मुआवजा लेने के बाद एक फुट भी नहीं तोड़ा
जगह खाली न मिलने की वजह से प्रभावित हो रहा गोड़धोइया नाले का काम
गोरखपुर। गोड़धोइया नाला निर्माण की जद में आ रहे मकानों को लाल निशान तक तोड़ना था लेकिन कुछ लोगों ने लालच में आकर कम हिस्सा ही तोड़ा है। जल निगम ने ऐसे 96 मकानों को चिन्हित किया है। इसमें 66 मकान ऐसे हैं जिन्होंने मुआवजा लेने के बाद भी कम हिस्सा ही तोड़ा है जबकि 30 अन्य मकान एक फुट भी नहीं तोड़े गए हैं। अब ऐसे मकान मालिकों को नोटिस जारी किया जाएगा। वहीं, मकानों को लाल निशान तक न तोड़ने से नाला निर्माण बाधित हो रहा है।
नाला निर्माण की जद में आ रहे मकानों का सर्वे कर लाल निशान लगाए गए थे। जो नुकसान हो रहा था उसके लिए लोगों को मुआवजा दिया गया। बहुत सारे लोगों ने लगाए गए निशान से कम ही जगह खाली की है। मैत्रीपुरम मोहल्ले में ऐसा सबसे ज्यादा हुआ है। अब कार्यदायी संस्था जल निगम के अधिकारी रोजाना लोगों को जागरूक कर रहे हैं ताकि वे प्रभावित हिस्से को स्वयं तोड़ लें। वहीं, आदित्यपुरी कॉलोनी में 30 मकान ऐसे हैं जिन्होंने मुआवजा लेने के बाद भी प्रभावित हिस्से को अभी तक तोड़ा ही नहीं है। ये मकान लाल निशान तक न तोड़े जाने से 1.80 किमी में नाला निर्माण कार्य बाधित है। अब जल निगम ने इन्हें चिन्हित कर एक रिपोर्ट तैयार की है, जो एसडीएम को सौंपी जाएगी। इसके बाद इन लोगों को मकान तोड़ने के लिए नोटिस भेजा जाएगा।
मकान में पड़ सकती हैं दरारें
गोड़धोइया नाले के लिए 18 मीटर चौड़ाई तक मकानों में निशान लगाए गए हैं। इसमें करीब 9 मीटर में नाला है। दोनों तरफ आधा मीटर की दीवार रहेगी। नाले के दोनों तरफ चार मीटर जगह में सीवर लाइन बिछेगी। इसके ऊपर चलने के लिए सड़क बनाई जाएगी। जल निगम के अभियंताओं का कहना है कि यदि लोगों ने लाल निशान तक मकान नहीं तोड़ा तो सड़क निर्माण में परेशानी हो सकती है। वहीं, सीवर लाइन डालने के दौरान खुदाई में मकान में दरार भी पड़ सकती है।
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करीब चार किलोमीटर नाला तैयार
गोड़धोइया नाले का निर्माण कार्य एक अप्रैल 2023 से शुरू हुआ था। योजना के तहत 9.20 किमी लंबाई में नाला का निर्माण किया जाना है। इसके अलावा 17.94 किलोमीटर लंबाई में इंटरसेप्टिंग सीवर लाइन डाली जानी है। 38 एमएलडी का एक एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और 61 एमएलडी का एमपीएस (मेन पंपिंग स्टेशन) का निर्माण किया जा रहा है। वर्तमान में जंगल क्षत्रधारी, सेमरा, हरसेवकपुर, बशारतपुर, शाहपुर, जंगल मातादीन, जंगल तुलसीराम में 3.80 किलोमीटर लंबाई में आरसीसी नाला का निर्माण किया जा चुका है। वहीं, जयरामपुर, कटकट एवं मोहद्दीपुर क्षेत्र में 1.40 किलोमीटर लंबाई में ड्रेजिंग कर कच्चा नाला बनाया जा चुका है, जिसमें आरसीसी नाला निर्माण का कार्य जारी है। दूसरी ओर रेलवे कॉलोनी के पीछे एसटीपी का 48 फीसदी और मेन पंपिंग स्टेशन (एमपीएस) का 55 फीसदी निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है।
बोले लोग
मुआवजा मिलने के बाद लाल निशान तक मकान को तोड़ दिया था। आगे कुछ हिस्सा बचा है जो नाला निर्माण के समय तोड़ दिया जाएगा।
- धर्मदेव, मैत्रीपुरम
मकान का थोड़ा सा हिस्सा नाला निर्माण में आ रहा है। अधिकारियों ने इसे तोड़ने का निर्देश दिया है। जल्द ही इसे हटा दिया जाएगा।
- मुन्नी, मैत्रीपुरम
कोट...
नाला निर्माण की जद में आ रहे ज्यादातर मकानों के मालिकों ने निशान लगा निर्माण तोड़ दिया है। कुछ लोगों ने इसे अभी नहीं तोड़ा है। उनके साथ बातचीत कर जल्द से जल्द निर्माण तोड़ने के लिए कहा जा रहा है। जिनके मकान नाले के जद में आ रहे हैं, उन्हें मुआवजा भी मिल चुका है। जिन लोगों ने लाल निशान तक मकान का हिस्सा नहीं तोड़ा है उनकी सूची तैयार कर एसडीएम को भेजी जाएगी।
- पंकज कुमार, अधिशासी अभियंता, जलनिगम
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जगह खाली न मिलने की वजह से प्रभावित हो रहा गोड़धोइया नाले का काम
गोरखपुर। गोड़धोइया नाला निर्माण की जद में आ रहे मकानों को लाल निशान तक तोड़ना था लेकिन कुछ लोगों ने लालच में आकर कम हिस्सा ही तोड़ा है। जल निगम ने ऐसे 96 मकानों को चिन्हित किया है। इसमें 66 मकान ऐसे हैं जिन्होंने मुआवजा लेने के बाद भी कम हिस्सा ही तोड़ा है जबकि 30 अन्य मकान एक फुट भी नहीं तोड़े गए हैं। अब ऐसे मकान मालिकों को नोटिस जारी किया जाएगा। वहीं, मकानों को लाल निशान तक न तोड़ने से नाला निर्माण बाधित हो रहा है।
नाला निर्माण की जद में आ रहे मकानों का सर्वे कर लाल निशान लगाए गए थे। जो नुकसान हो रहा था उसके लिए लोगों को मुआवजा दिया गया। बहुत सारे लोगों ने लगाए गए निशान से कम ही जगह खाली की है। मैत्रीपुरम मोहल्ले में ऐसा सबसे ज्यादा हुआ है। अब कार्यदायी संस्था जल निगम के अधिकारी रोजाना लोगों को जागरूक कर रहे हैं ताकि वे प्रभावित हिस्से को स्वयं तोड़ लें। वहीं, आदित्यपुरी कॉलोनी में 30 मकान ऐसे हैं जिन्होंने मुआवजा लेने के बाद भी प्रभावित हिस्से को अभी तक तोड़ा ही नहीं है। ये मकान लाल निशान तक न तोड़े जाने से 1.80 किमी में नाला निर्माण कार्य बाधित है। अब जल निगम ने इन्हें चिन्हित कर एक रिपोर्ट तैयार की है, जो एसडीएम को सौंपी जाएगी। इसके बाद इन लोगों को मकान तोड़ने के लिए नोटिस भेजा जाएगा।
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मकान में पड़ सकती हैं दरारें
गोड़धोइया नाले के लिए 18 मीटर चौड़ाई तक मकानों में निशान लगाए गए हैं। इसमें करीब 9 मीटर में नाला है। दोनों तरफ आधा मीटर की दीवार रहेगी। नाले के दोनों तरफ चार मीटर जगह में सीवर लाइन बिछेगी। इसके ऊपर चलने के लिए सड़क बनाई जाएगी। जल निगम के अभियंताओं का कहना है कि यदि लोगों ने लाल निशान तक मकान नहीं तोड़ा तो सड़क निर्माण में परेशानी हो सकती है। वहीं, सीवर लाइन डालने के दौरान खुदाई में मकान में दरार भी पड़ सकती है।
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करीब चार किलोमीटर नाला तैयार
गोड़धोइया नाले का निर्माण कार्य एक अप्रैल 2023 से शुरू हुआ था। योजना के तहत 9.20 किमी लंबाई में नाला का निर्माण किया जाना है। इसके अलावा 17.94 किलोमीटर लंबाई में इंटरसेप्टिंग सीवर लाइन डाली जानी है। 38 एमएलडी का एक एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और 61 एमएलडी का एमपीएस (मेन पंपिंग स्टेशन) का निर्माण किया जा रहा है। वर्तमान में जंगल क्षत्रधारी, सेमरा, हरसेवकपुर, बशारतपुर, शाहपुर, जंगल मातादीन, जंगल तुलसीराम में 3.80 किलोमीटर लंबाई में आरसीसी नाला का निर्माण किया जा चुका है। वहीं, जयरामपुर, कटकट एवं मोहद्दीपुर क्षेत्र में 1.40 किलोमीटर लंबाई में ड्रेजिंग कर कच्चा नाला बनाया जा चुका है, जिसमें आरसीसी नाला निर्माण का कार्य जारी है। दूसरी ओर रेलवे कॉलोनी के पीछे एसटीपी का 48 फीसदी और मेन पंपिंग स्टेशन (एमपीएस) का 55 फीसदी निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है।
बोले लोग
मुआवजा मिलने के बाद लाल निशान तक मकान को तोड़ दिया था। आगे कुछ हिस्सा बचा है जो नाला निर्माण के समय तोड़ दिया जाएगा।
- धर्मदेव, मैत्रीपुरम
मकान का थोड़ा सा हिस्सा नाला निर्माण में आ रहा है। अधिकारियों ने इसे तोड़ने का निर्देश दिया है। जल्द ही इसे हटा दिया जाएगा।
- मुन्नी, मैत्रीपुरम
कोट...
नाला निर्माण की जद में आ रहे ज्यादातर मकानों के मालिकों ने निशान लगा निर्माण तोड़ दिया है। कुछ लोगों ने इसे अभी नहीं तोड़ा है। उनके साथ बातचीत कर जल्द से जल्द निर्माण तोड़ने के लिए कहा जा रहा है। जिनके मकान नाले के जद में आ रहे हैं, उन्हें मुआवजा भी मिल चुका है। जिन लोगों ने लाल निशान तक मकान का हिस्सा नहीं तोड़ा है उनकी सूची तैयार कर एसडीएम को भेजी जाएगी।
- पंकज कुमार, अधिशासी अभियंता, जलनिगम