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Gorakhpur News: बीटीसी में ईडब्लूएस कोटे के लिए कॉलेजों ने खोला मोर्चा
Fri, 31 Jan 2025 02:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 31 Jan 2025 02:13 AM IST
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नियम लागू करने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
गोरखपुर। डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) यानी बीटीसी में ईडब्लूएस (आर्थिक रूप से कमजोर) कोटे से प्रवेश की व्यवस्था लागू करने के लिए स्व-वित्तपोषित महाविद्यालय के प्रबंधकों ने मोर्चा खोल दिया है। उत्तर प्रदेश स्व-वित्तपोषित महाविद्यालय की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसकी शुरुआत की गई है।
पत्र के जरिये शासन को भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के उस नियम की याद दिलाई गई है, जिसमें सभी पाठ्यक्रमों निर्धारित सीटों के सापेक्ष 10 प्रतिशत अतिरिक्त सीट पर ईडब्लूएस कोटे से प्रवेश की बात कही गई है। प्रबंधकों ने डीएलएड पर इस नियम के लागू होने की जानकारी मुख्यमंत्री को दी है और उसे तत्काल प्रभाव से लागू कराने की अपील की है।
एसोसिएशन के महामंत्री डाॅ. सुधीर कुमार राय ने बताया कि गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध करीब 100 महाविद्यालयों में डीएलएड पाठ्यक्रम संचालित हैं। प्राथमिक शिक्षा में बीएड धारकों का रास्ता बंद होने के बाद डीएलएड की मांग काफी बढ़ी है। ईडब्लूएस का कोटा लागू न होने से बहुत से आर्थिक रूप से कमजोर छात्र इसमें प्रवेश लेने से वंचित रह जा रहे हैं। इसे देखते हुए एसोसिएशन ने आवाज उठाने का निर्णय लिया है।
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गोरखपुर। डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) यानी बीटीसी में ईडब्लूएस (आर्थिक रूप से कमजोर) कोटे से प्रवेश की व्यवस्था लागू करने के लिए स्व-वित्तपोषित महाविद्यालय के प्रबंधकों ने मोर्चा खोल दिया है। उत्तर प्रदेश स्व-वित्तपोषित महाविद्यालय की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसकी शुरुआत की गई है।
पत्र के जरिये शासन को भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के उस नियम की याद दिलाई गई है, जिसमें सभी पाठ्यक्रमों निर्धारित सीटों के सापेक्ष 10 प्रतिशत अतिरिक्त सीट पर ईडब्लूएस कोटे से प्रवेश की बात कही गई है। प्रबंधकों ने डीएलएड पर इस नियम के लागू होने की जानकारी मुख्यमंत्री को दी है और उसे तत्काल प्रभाव से लागू कराने की अपील की है।
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एसोसिएशन के महामंत्री डाॅ. सुधीर कुमार राय ने बताया कि गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध करीब 100 महाविद्यालयों में डीएलएड पाठ्यक्रम संचालित हैं। प्राथमिक शिक्षा में बीएड धारकों का रास्ता बंद होने के बाद डीएलएड की मांग काफी बढ़ी है। ईडब्लूएस का कोटा लागू न होने से बहुत से आर्थिक रूप से कमजोर छात्र इसमें प्रवेश लेने से वंचित रह जा रहे हैं। इसे देखते हुए एसोसिएशन ने आवाज उठाने का निर्णय लिया है।
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