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चैत्र नवरात्र : माता कूष्मांडा व स्कंदमाता की एक ही दिन होगी आराधना
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दो अप्रैल को पड़ रही चतुर्थी व पंचमी तिथि, आठ दिनों का है इस बार नवरात्र
आराधना व दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से बरसेगी माता की कृपा
गोरखपुर। चैत्र नवरात्र का शुभारंभ 30 मार्च रविवार से होगा। नवमी छह अप्रैल को होगी। इस बार आठ दिनों का नवरात्र होने से चतुर्थी व पंचमी तिथि एक ही दिन दो अप्रैल बुधवार को है। इसी दिन माता कूष्मांडा व स्कंदमाता की आराधना होगी। बताया जा रहा है कि आराधना व दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से माता की कृपा बरसने के साथ अंदरूनी शक्ति भी मिलती है।
दाउदपुर काली मंदिर के पुजारी विजय शंकर पांडेय ने बताया कि शारदीय की तरह चैत्र नवरात्र की भी महिमा है। इस दिन हिंदू नव वर्ष की शुरूआत भी होती है। पूरे नवरात्र व्रत रहकर आराधना करने के मां की कृपा से संतान व पूरे परिवार की उन्नति होती है। कलश स्थापना, कन्या पूजन व हवन से माता प्रसन्न होती हैं।
वहीं पंडित विकास मालवीय ने बताया कि चैत्र नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान व्रत रखने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस बार माता का आगमन और प्रस्थान लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। इस नवरात्र में व्रत रहने से हर बार की अपेक्षा दोगुना फल श्रद्धालुओं को मिल सकता है। उन्होंने बताया कि राम नवमी छह अप्रैल को होगी। इसमें भगवान राम का प्रकाट्य उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। भगवान राम की भी कृपा भक्तों पर बरसेगी।
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इस दिन माता के इस रूप की होगी आराधना
30 मार्च माता शैलपुत्री
31 मार्च माता ब्रम्हचारिणी
1 अप्रैल माता चंद्रघंटा
2 अप्रैल माता कुष्मांडा व स्कंदमाता
3 अप्रैल माता कात्यायनी
4 अप्रैल माता कालरात्रि
5 अप्रैल माता महागौरी
6 अप्रैल माता सिद्धिदात्री व राम नवमी
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आराधना व दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से बरसेगी माता की कृपा
गोरखपुर। चैत्र नवरात्र का शुभारंभ 30 मार्च रविवार से होगा। नवमी छह अप्रैल को होगी। इस बार आठ दिनों का नवरात्र होने से चतुर्थी व पंचमी तिथि एक ही दिन दो अप्रैल बुधवार को है। इसी दिन माता कूष्मांडा व स्कंदमाता की आराधना होगी। बताया जा रहा है कि आराधना व दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से माता की कृपा बरसने के साथ अंदरूनी शक्ति भी मिलती है।
दाउदपुर काली मंदिर के पुजारी विजय शंकर पांडेय ने बताया कि शारदीय की तरह चैत्र नवरात्र की भी महिमा है। इस दिन हिंदू नव वर्ष की शुरूआत भी होती है। पूरे नवरात्र व्रत रहकर आराधना करने के मां की कृपा से संतान व पूरे परिवार की उन्नति होती है। कलश स्थापना, कन्या पूजन व हवन से माता प्रसन्न होती हैं।
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वहीं पंडित विकास मालवीय ने बताया कि चैत्र नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान व्रत रखने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस बार माता का आगमन और प्रस्थान लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। इस नवरात्र में व्रत रहने से हर बार की अपेक्षा दोगुना फल श्रद्धालुओं को मिल सकता है। उन्होंने बताया कि राम नवमी छह अप्रैल को होगी। इसमें भगवान राम का प्रकाट्य उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। भगवान राम की भी कृपा भक्तों पर बरसेगी।
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इस दिन माता के इस रूप की होगी आराधना
30 मार्च माता शैलपुत्री
31 मार्च माता ब्रम्हचारिणी
1 अप्रैल माता चंद्रघंटा
2 अप्रैल माता कुष्मांडा व स्कंदमाता
3 अप्रैल माता कात्यायनी
4 अप्रैल माता कालरात्रि
5 अप्रैल माता महागौरी
6 अप्रैल माता सिद्धिदात्री व राम नवमी