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गीडा क्षेत्र में शानदार गेट बनाएं, सड़कें और नालियां भी बेहतर हों : नंद गोपाल नंदी
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गोरखपुर। प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने रविवार को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान मंत्री ने औद्योगिक क्षेत्र में जगह-जगह प्रवेश द्वार बनाने, सड़क-नाली का विकास कराने, मानचित्र स्वीकृति के लिए ऑनलाइन व्यवस्था और विकास कार्यों के लिए ई टेंडर जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक की शुरुआत में सीईओ गीडा अनुज मलिक ने बताया कि 99 गांवों में 27,135 एकड़ क्षेत्रफल औद्योगिक क्षेत्र में अधिसूचित है। अब तक गीडा ने 3110 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया है। गीडा को 33 सेक्टर में विभाजित किया गया है। 2024-25 में 31 अगस्त तक पांच महीने में 365 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है। भूमि क्रय करने की प्रगति के लिए रिटायर्ड लेखपाल और कानूनगो रखे गए हैं। कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की गई है। प्रस्तावित लैंड बैंक में दो गांव पिपरा और सेनुहारी ऐसे हैं, जिसकी 45 एकड़ भूमि पर न्यायालय में मामला लंबित है।
मंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों को सुंदर बनाने की जरूरत है। इसके लिए गीडा क्षेत्र में शानदार गेट बनाए जाएं। पूरे क्षेत्र और प्लॉट तक पहुंचने के लिए नाली और सड़कें अच्छी हों। इसके लिए प्रतिष्ठित फर्मों को ही टेंडर दिए जाएं। आउटसोर्सिंग पर रखे गए कर्मचारियों के कार्यों की निगरानी की जानी चाहिए। मंत्री ने कहा कि सॉफ्टवेयर ऐसा बनाया जाए जिससे पूरी जानकारी पारदर्शी हो। एक ही स्थान पर सेक्टर वाइज पूरी जानकारी आ जाए। डिफाल्टर आदि की लिस्ट भी एक ही स्थान पर ऑनलाइन मौजूद हो। नक्शा पास कराने की प्रक्रिया ऑनलाइन की जाय। ऑफलाइन में समय ज्यादा लगता है।
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बैठक की शुरुआत में सीईओ गीडा अनुज मलिक ने बताया कि 99 गांवों में 27,135 एकड़ क्षेत्रफल औद्योगिक क्षेत्र में अधिसूचित है। अब तक गीडा ने 3110 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया है। गीडा को 33 सेक्टर में विभाजित किया गया है। 2024-25 में 31 अगस्त तक पांच महीने में 365 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है। भूमि क्रय करने की प्रगति के लिए रिटायर्ड लेखपाल और कानूनगो रखे गए हैं। कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की गई है। प्रस्तावित लैंड बैंक में दो गांव पिपरा और सेनुहारी ऐसे हैं, जिसकी 45 एकड़ भूमि पर न्यायालय में मामला लंबित है।
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मंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों को सुंदर बनाने की जरूरत है। इसके लिए गीडा क्षेत्र में शानदार गेट बनाए जाएं। पूरे क्षेत्र और प्लॉट तक पहुंचने के लिए नाली और सड़कें अच्छी हों। इसके लिए प्रतिष्ठित फर्मों को ही टेंडर दिए जाएं। आउटसोर्सिंग पर रखे गए कर्मचारियों के कार्यों की निगरानी की जानी चाहिए। मंत्री ने कहा कि सॉफ्टवेयर ऐसा बनाया जाए जिससे पूरी जानकारी पारदर्शी हो। एक ही स्थान पर सेक्टर वाइज पूरी जानकारी आ जाए। डिफाल्टर आदि की लिस्ट भी एक ही स्थान पर ऑनलाइन मौजूद हो। नक्शा पास कराने की प्रक्रिया ऑनलाइन की जाय। ऑफलाइन में समय ज्यादा लगता है।
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