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बीआरडी: नहीं हुई रैगिंग, एक ही बैच के छात्रों के बीच हुई थी मारपीट
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में छात्रों के गुटों में हुई मारपीट को लेकर स्क्वायड कमेटी की जांच रिपोर्ट आ गई है। इसमें छात्रों के बीच रैगिंग की बात नही की गई है। इसकी जगह दो समूहों के बीच हुई बातचीत के कारण एक ही बैच के छात्रों के बीच मनमुटाव को लेकर मारपीट की बात सामने आई है।
दस दिन पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पार्किंग स्थल पर कुछ छात्रों के बीच मारपीट हो गई थी। इसमें एक छात्र के सिर पर चोट भी लग गई थी। इस दौरान घटना में एक छात्र के सिर में चोट लग गई। इसमें 2024 बैच के एमबीबीएस छात्र पर मारपीट का आरोप लगाया गया। इसमें शामिल 2024 के एमबीबीएस के कुछ छात्रों की शिकायत में कुछ सीनियरों के नाम जुड़ते ही मामला रैगिंग का कहा जाने लगा। छात्रों ने सिर के बाल नही कटवाने पर मारपीट करने की शिकायत की थी। मामले की जांच के बाद स्क्वायड कमेटी ने अपनी रिपोर्ट प्राचार्य को सौंप दी है। इसके साथ ही कमेटी ने रिपोर्ट की एक प्रति एंटी रैगिंग सेल को सौंप दी है।
प्राचार्य डॉ रामकुमार जायसवाल ने कहा कि कारण कुछ भी हो, मारपीट किसी भी तरह से सही नहीं है। प्रारंभिक जांच में बाहर के कुछ लोगों को बुलाने की बात सामने आई है, यह भी अक्षम्य है। इसमें सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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दस दिन पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पार्किंग स्थल पर कुछ छात्रों के बीच मारपीट हो गई थी। इसमें एक छात्र के सिर पर चोट भी लग गई थी। इस दौरान घटना में एक छात्र के सिर में चोट लग गई। इसमें 2024 बैच के एमबीबीएस छात्र पर मारपीट का आरोप लगाया गया। इसमें शामिल 2024 के एमबीबीएस के कुछ छात्रों की शिकायत में कुछ सीनियरों के नाम जुड़ते ही मामला रैगिंग का कहा जाने लगा। छात्रों ने सिर के बाल नही कटवाने पर मारपीट करने की शिकायत की थी। मामले की जांच के बाद स्क्वायड कमेटी ने अपनी रिपोर्ट प्राचार्य को सौंप दी है। इसके साथ ही कमेटी ने रिपोर्ट की एक प्रति एंटी रैगिंग सेल को सौंप दी है।
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प्राचार्य डॉ रामकुमार जायसवाल ने कहा कि कारण कुछ भी हो, मारपीट किसी भी तरह से सही नहीं है। प्रारंभिक जांच में बाहर के कुछ लोगों को बुलाने की बात सामने आई है, यह भी अक्षम्य है। इसमें सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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