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बीआरडी : सीनियर छात्र कभी मरीजों के साथ करते हैं मारपीट...कभी जूनियर पर दिखाते हैं दम

Fri, 28 Feb 2025 12:34 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 28 Feb 2025 12:34 AM IST
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Gorakhpur News: BRD: Senior students sometimes beat patients...sometimes show their strength on juniors.
कॉलेज में अनुशासन बनाने का प्रयास हो रहा विफल, अब कार्रवाई का भी डर नहीं
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरी की पढ़ाई करने आए छात्र अक्सर ही किसी न किसी विवाद में शामिल होते हैं। बीते नवंबर में भी सीनियर्स ने जूनियर्स के हॉस्टल में घुसकर रैगिंग का प्रयास किया था। कॉलेज प्रशासन ने सात छात्रों को निलंबित भी किया था, लेकिन रैगिंग से इन्कार किया था। मरीजों से मारपीट के तो अनगिनत मामले हैं। वहीं दो बार सीनियर छात्रों का समूह दुकान पर पहुंचकर तोड़फोड़ भी कर चुका है। आए दिन आ रही शिकायतें मुख्यमंत्री तक पहुंचती हैं। जुलाई में कॉलेज के एक कार्यक्रम में पहुंचे सीएम ने मंच से सीनियर छात्रों से कॉलेज में अनुशासन बनाए रखने और विवादों से दूर रहकर पढ़ाई का संदेश दिया था।
प्रदेश के सबसे पुराने मेडिकल कॉलेजों में शामिल बीआरडी मेडिकल कॉलेज को शासन पीजीआई लेवल का इंस्टीट्यूट बनाने की योजना बना रहा है। क्योंकि यहां अलग-अलग वार्ड में करीब 1800 मरीजों का इलाज होता है। इसके अलावा एमबीबीएस प्रथम वर्ष से लेकर पीजी तक करीब एक हजार छात्र अलग-अलग कक्षाओं में चिकित्सा विज्ञान की पढ़ाई करते हैं। बीते साल 10-11 नवंबर को छठ पूजा की छुट्टियों से एमबीबीएस-2024 बैच के छात्र अपने छात्रावास में पहुंचे तो 2023 बैच के वरिष्ठ छात्र रात 10 बजे घुस गए। इन सीनियरों ने खूब हंगामा किया। किसी छात्र ने कॉलेज की एंटी रैगिंग समिति को ई-मेल भेजा तो प्रकरण की जांच हुई। आरोपी कुछ छात्रों ने अपने अध्यापकों को भी अर्दब में लेने की कोशिश की, लेकिन वीडियो फुटेज में बिना अनुमति दूसरे हॉस्टल में घुसने की रिकॉर्डिंग होने की जानकारी के बाद छात्र शांत हो गए थे। तब छात्रों ने अपने बचाव में बताया कि वे कनिष्ठ छात्रों के साथ क्रिकेट टीम बनाने पर चर्चा करने के लिए छात्रावास में घुसे थे। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने सात छात्रों को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया था।
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सीओ के साथ बैठक का ही नहीं हुआ असर
छात्रों के साथ रैगिंग की बात उजागर होने पर गोरखनाथ सीओ रवि कुमार सिंह नवंबर में मेडिकल कॉलेज गए थे। विभागाध्यक्षों की मौजूदगी में छात्रों के साथ बैठक की थी। मीटिंग हुई थी। छात्रों को नियम-कायदे की जानकारी देते हुए भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं करने की चेतावनी भी दी गई थी। कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को इससे आगे जीवन में आने वाले संकटों से अवगत कराया था।
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पहले भी दी जा चुकी है नसीहतें
13 अगस्त को छात्रों के समूह ने कॉलेज गेट बस्ती से आए एक मरीज के परिजन को दौड़ाकर पीटा था। बचाव करने गए चौकी के एक दरोगा के साथ धक्का मुक्की कर दी थी। तब भी प्राचार्य ने छात्रों को चेतावनी दी थी। इसके बाद पुलिस की तरफ से छात्रों की काउंसिलिंग के लिए पत्र भेजा गया था। कॉलेज प्रशासन ने भी ऐसी घटनाएं रोकने के लिए कार्यशाला आयोजित की थी, लेकिन सारे प्रयास अब तक विफल रहे हैं।

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वर्जन
रैगिंग के पिछले मामले की जानकारी होने पर छात्रों को समझाने गया था। कॉलेज प्रबंधन को भी छात्रों की काउंसिलिंग का सुझाव दिया गया था। फिर एक घटना सामने आई है, हालांकि तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलती है तो इस बार केस दर्ज कर कार्रवाई होगी।

- रवि कुमार सिंह, सीओ गोरखनाथ
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