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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   In Gorakhpur, Both sons vacated the bungalow. daughter in civil court.Late former MLA Kedarnath Singh case

Gorakhpur News: बंगला खाली कर गए दो बेटे...बेटी सिविल कोर्ट में- ये है पूर्व विधायक को आवंटित कब्जे की कहानी

Thu, 28 Aug 2025 01:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Thu, 28 Aug 2025 01:38 AM IST
सार

पूर्व विधायक स्व केदानराथ सिंह की पुत्री निशा के मुताबिक, नए मकान मालिक ने किराया बढ़ाया तो जुलाई 2024 से वह 1500 रुपये किराया देने लगीं। इसके बाद दोनों मकान मालिक 15 हजार रुपये प्रतिमाह की मांग करने लगे। असमर्थता जताने पर सामान बाहर फेंकने की धमकी देने लगे।

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In Gorakhpur,  Both sons vacated the bungalow. daughter in civil court.Late former MLA Kedarnath Singh case
सरकारी जमीन पर बनें आवास पर सुरक्षा में तैनात पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पूर्व विधायक दिवंगत केदारनाथ सिंह के दोनों बेटों ने बंगला खाली कर दिया है लेकिन उनकी बड़ी बेटी निशा सिंह अपने पति के साथ बंगले में रह रहीं हैं।

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निशा का दावा है कि बचपन से वह आवास में रहीं हैं लेकिन ऑकलैंड कामर्शियल कंपनी के निदेशक समीर कुमार अग्रवाल व कसया रोड निवासी अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने उन्हें पार्टी नहीं बनाया। इसके चलते उन्होंने बंगले पर हक जताते हुए सिविल कोर्ट में दावा किया है। अगली सुनवाई आठ सितंबर को हाेनी है।

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निशा ने कोर्ट में दाखिल अपनी अपील में दावा किया है कि उनके पिता पूर्व विधायक दिवंगत केदारनाथ सिंह 14 जून 1982 से परिवार संग आवास में रहते थे। आवास बृज मोहन सहाय उर्फ मुग्गन बाबू का था जिसे उन्होंने 72.81 रुपये प्रतिमाह के किराए पर लिया था।

बाद में यह किराया सिविल जज जूनियर डिविजन की कोर्ट में जमा होने लगा था। इस बीच 30 मार्च 2003 को मुग्गन सहाय ने यह बंगला ऑकलैंड कामर्शियल कंपनी के निदेशक समीर कुमार अग्रवाल व कसया रोड निवासी अवधेश कुमार श्रीवास्तव को बेच दिया। निशा का कहना है कि इसके बाद नए मकान मालिक को किराया दिया जा रहा है।
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निशा के मुताबिक नए मकान मालिक ने किराया बढ़ाया तो जुलाई 2024 से वह 1500 रुपये किराया देने लगीं। इसके बाद दोनों मकान मालिक 15 हजार रुपये प्रतिमाह की मांग करने लगे। असमर्थता जताने पर सामान बाहर फेंकने की धमकी देने लगे।

इस बीच साल 2024 में ही जिला प्रशासन ने बंगले को फ्री होल्ड करने का आदेश दिया जिस पर निशा के भाई अजय सिंह उर्फ राकेश सुप्रीम कोर्ट चले गए। अजय के सुप्रीम कोर्ट में केस हार जाने पर निशा ने बीती 15 मई को समीर अग्रवाल और अवधेश श्रीवास्तव के खिलाफ सिविल कोर्ट में वाद दाखिल किया जिस पर सुनवाई चल रही है।
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निशा ने बताया कि अगली सुनवाई आठ सितंबर 2025 को होनी है। उधर, पूर्व विधायक के दाेनों बेटों अजय सिंह उर्फ राकेश और डॉ. आदित्य ने मंगलवार की शाम बंगला खाली कर दिया और किराए के मकान में चले गए हैं।
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