{"_id":"6758cce19714f95642069886","slug":"gorakhpur-news-blood-stains-in-the-house-exposed-the-son-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-773851-2024-12-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: घर में खून के धब्बों ने कर दिया बेटे का राजफाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: घर में खून के धब्बों ने कर दिया बेटे का राजफाश
विज्ञापन
गोरखपुर। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र चेन्नई में वैज्ञानिक राममिलन की पत्नी की मौत के राज का पर्दाफाश पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घर में दो जगहों पर खून के धब्बे व शव को घसीटने के निशान से हुआ। वहीं, सीसीटीवी कैमरे में भी किसी के आने की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस ने इन पहलुओं पर जांच आगे बढ़ाई। शक के दायरे में आए बेटे से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने पूरी घटना बयां कर दी। इसे सुनकर पिता ही नहीं पुलिस भी दंग रही गई। पत्नी की मौत और इकलौते बेटे की करतूत पर पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
दरअसल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिला कि शव छह दिन पुराना था और सिर में चोट लगने की वजह से मौत हुई है। पुलिस को जांच के दौरान घर में खून के दो जगहाें पर निशान मिले। एक जगह पर घसीटने का भी निशान दिखा। इसके बाद यह तय हो गया कि मौत सामान्य नहीं है। डीवीआर चेक करने पर पता चला कि घर के अंदर किसी भी बाहरी का प्रवेश नहीं हुआ है। हर जगह बेटा ही नजर आया है। इसके बाद बेटे ने जो बातें बताईं, उसे सुनकर हर कोई सन्न रह गया।
पुलिस की पूछताछ में बेटे ने बताया कि मम्मी ने एक दिसंबर को स्कूल जाकर प्रिंसिपल से उसकी शिकायत की थी। स्कूल में ही सबके सामने उसे डांट-फटकार लगाई गई। वहां प्रिंसिपल भी उसकी शिकायतें करने लगीं। उसे यह बात बहुत खराब लगी। तीन दिसंबर को वह स्कूल नहीं जाना चाह रहा था, लेकिन मम्मी उसके पीछे पड़ गईं। उसे जबरदस्ती पकड़कर स्कूल भेजने का प्रयास करने लगीं तो उसने उन्हें धकेल दिया। वह फर्श गिर गईं और थोड़ी देर में बेहोश हो गईं। उनके सिर से खून बह रहा था।
विज्ञापन
बेटे ने बताया कि वह डर गया। उन्हें छोड़कर स्कूल ड्रेस पहनी। बैग लिया और घर के बाहर ताला लगाकर निकल गया। शाम को घर आकर फिर मां की नब्ज चेक की तो उनकी सांसें नहीं चल रही थीं। उन्हें घसीटकर स्टोर रूम में ले जाकर छोड़ दिया। इसके बाद चार दिन तक घर में ही रहा। किसी को शक न हो, इसलिए सीसीटीवी कैमरे का कनेक्शन काट दिया। जब शव से बदबू आने लगी तो अगरबत्ती जला लिया करता था।
-
साइंस की कर रहा पढ़ाई
पिपराइच इलाके में रहने वाले वैज्ञानिक ने अपने बेटे का शहर के एक अच्छे स्कूल में दाखिला कराया है। फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथ्स से वह कक्षा 12वीं की पढ़ाई कर रहा है। आरती को पता था कि बेटा बुरी संगत में फंस गया है, स्कूल के नाम पर वह मौजमस्ती करता है। इसलिए उस पर सख्ती करती थीं।
मां ने बनाया था पराठा-सब्जी
पुलिस को बेटे ने बताया कि तीन दिसंबर को मां ने टिफिन में पराठा-सब्जी बनाई थी। मां स्कूल जाने के लिए काफी देर तक मनाती रहीं। यही नहीं अच्छे नंबर से पास होने पर गिफ्ट देने की भी बात कही।
बोले काॅलोनीवासी
कॉलोनी में थोड़ी-थोड़ी दूर पर कुल 18 मकान हैं। अधिकतर लोग एक दूसरे से बहुत कम मतलब रखते हैं। बगल में रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि कक्षा 12वीं में पढ़ने वाले वैज्ञानिक के बेटे की हरकतें ठीक नहीं हैं। वह गलत संगत में रहता है। जबकि उसकी मां सख्त थीं। वह अक्सर बेटे की हरकतों पर उसे डांटती रहती थीं। बेटे और मां में हमेशा विवाद होता था। इसी तरह सुरक्षा में लगे एक गार्ड ने भी बताया कि उसकी संगत अच्छी नहीं है।
पिता बोले- बात की तो सब सामान्य था
राममिलन विश्वकर्मा ने बताया कि तीन दिसंबर को दोपहर में पत्नी से बात हुई थी। हालचाल लिया, बातचीत में सब कुछ सामान्य जैसा था। शाम को कॉल करने लगा तो मोबाइल स्वीच ऑफ बताने लगा। तीन दिन लगातार मोबाइल बंद मिलने पर साली को घर भेजा। लेकिन बेटा घर पर नहीं था। वह पास में ही मंदिर परिसर में बैठा था। पूछने पर कुछ बता नहीं रहा था। साली ने उनसे कुछ अनहोनी की आंशका जाहिर की। इसके बाद वह फ्लाइट से रविवार को गोरखपुर आए। यहां कमरे में जाकर देखा तो खून से लथपथ पत्नी का शव पड़ा था। बेटे से पूछा तो उसने बताया कि स्कूल से आकर खाना खाकर सो गया था। जगा तो मां फर्श पर पड़ी थीं, वहां खून फैला हुआ था। यह देखकर डर गया और ताला बंदकर मंदिर चला गया। मोबाइल से घर के सीसीटीवी कैमरे को अटैच किया, उसमें खंगालने पर कोई बाहरी अंदर आते नहीं दिखा है। बेटा ऐसा कर देगा, कभी सोचा नहीं था।
विज्ञापन
दरअसल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिला कि शव छह दिन पुराना था और सिर में चोट लगने की वजह से मौत हुई है। पुलिस को जांच के दौरान घर में खून के दो जगहाें पर निशान मिले। एक जगह पर घसीटने का भी निशान दिखा। इसके बाद यह तय हो गया कि मौत सामान्य नहीं है। डीवीआर चेक करने पर पता चला कि घर के अंदर किसी भी बाहरी का प्रवेश नहीं हुआ है। हर जगह बेटा ही नजर आया है। इसके बाद बेटे ने जो बातें बताईं, उसे सुनकर हर कोई सन्न रह गया।
विज्ञापन
पुलिस की पूछताछ में बेटे ने बताया कि मम्मी ने एक दिसंबर को स्कूल जाकर प्रिंसिपल से उसकी शिकायत की थी। स्कूल में ही सबके सामने उसे डांट-फटकार लगाई गई। वहां प्रिंसिपल भी उसकी शिकायतें करने लगीं। उसे यह बात बहुत खराब लगी। तीन दिसंबर को वह स्कूल नहीं जाना चाह रहा था, लेकिन मम्मी उसके पीछे पड़ गईं। उसे जबरदस्ती पकड़कर स्कूल भेजने का प्रयास करने लगीं तो उसने उन्हें धकेल दिया। वह फर्श गिर गईं और थोड़ी देर में बेहोश हो गईं। उनके सिर से खून बह रहा था।
विज्ञापन
बेटे ने बताया कि वह डर गया। उन्हें छोड़कर स्कूल ड्रेस पहनी। बैग लिया और घर के बाहर ताला लगाकर निकल गया। शाम को घर आकर फिर मां की नब्ज चेक की तो उनकी सांसें नहीं चल रही थीं। उन्हें घसीटकर स्टोर रूम में ले जाकर छोड़ दिया। इसके बाद चार दिन तक घर में ही रहा। किसी को शक न हो, इसलिए सीसीटीवी कैमरे का कनेक्शन काट दिया। जब शव से बदबू आने लगी तो अगरबत्ती जला लिया करता था।
-
साइंस की कर रहा पढ़ाई
पिपराइच इलाके में रहने वाले वैज्ञानिक ने अपने बेटे का शहर के एक अच्छे स्कूल में दाखिला कराया है। फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथ्स से वह कक्षा 12वीं की पढ़ाई कर रहा है। आरती को पता था कि बेटा बुरी संगत में फंस गया है, स्कूल के नाम पर वह मौजमस्ती करता है। इसलिए उस पर सख्ती करती थीं।
मां ने बनाया था पराठा-सब्जी
पुलिस को बेटे ने बताया कि तीन दिसंबर को मां ने टिफिन में पराठा-सब्जी बनाई थी। मां स्कूल जाने के लिए काफी देर तक मनाती रहीं। यही नहीं अच्छे नंबर से पास होने पर गिफ्ट देने की भी बात कही।
बोले काॅलोनीवासी
कॉलोनी में थोड़ी-थोड़ी दूर पर कुल 18 मकान हैं। अधिकतर लोग एक दूसरे से बहुत कम मतलब रखते हैं। बगल में रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि कक्षा 12वीं में पढ़ने वाले वैज्ञानिक के बेटे की हरकतें ठीक नहीं हैं। वह गलत संगत में रहता है। जबकि उसकी मां सख्त थीं। वह अक्सर बेटे की हरकतों पर उसे डांटती रहती थीं। बेटे और मां में हमेशा विवाद होता था। इसी तरह सुरक्षा में लगे एक गार्ड ने भी बताया कि उसकी संगत अच्छी नहीं है।
पिता बोले- बात की तो सब सामान्य था
राममिलन विश्वकर्मा ने बताया कि तीन दिसंबर को दोपहर में पत्नी से बात हुई थी। हालचाल लिया, बातचीत में सब कुछ सामान्य जैसा था। शाम को कॉल करने लगा तो मोबाइल स्वीच ऑफ बताने लगा। तीन दिन लगातार मोबाइल बंद मिलने पर साली को घर भेजा। लेकिन बेटा घर पर नहीं था। वह पास में ही मंदिर परिसर में बैठा था। पूछने पर कुछ बता नहीं रहा था। साली ने उनसे कुछ अनहोनी की आंशका जाहिर की। इसके बाद वह फ्लाइट से रविवार को गोरखपुर आए। यहां कमरे में जाकर देखा तो खून से लथपथ पत्नी का शव पड़ा था। बेटे से पूछा तो उसने बताया कि स्कूल से आकर खाना खाकर सो गया था। जगा तो मां फर्श पर पड़ी थीं, वहां खून फैला हुआ था। यह देखकर डर गया और ताला बंदकर मंदिर चला गया। मोबाइल से घर के सीसीटीवी कैमरे को अटैच किया, उसमें खंगालने पर कोई बाहरी अंदर आते नहीं दिखा है। बेटा ऐसा कर देगा, कभी सोचा नहीं था।