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Gorakhpur News: बिहार के डॉक्टर से पूछताछ, सच छिपाने को यू-ट्यूबर काे रुपये देता था संचालक
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अर्पित हॉस्पिटल प्रकरण: केस में चार यू-ट्यूबर का नाम बढ़ाने की तैयारी, रुपये के लेन-देन के मिले साक्ष्य
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मरीजों की खरीद-फरोख्त के आरोपी अर्पित हॉस्पिटल के संचालक से बिहार के डॉक्टर की भी मिलीभगत थी। डॉक्टर से पूछताछ की गई है। यही नहीं, संचालक डॉ. प्रवीण सिंह सच दबाने के लिए यू-ट्यूबर को भी रुपये भी देता था। कुछ ने तो पांच हजार रुपये महीना तक बांध लिया था। वह इस बात का भी संरक्षण देते थे कि सच उजागर नहीं करेंगे। ऐसे चार यू-ट्यूबर के नाम भी पुलिस को पता चले हैं। उनके खाते में रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। जांच कर पुलिस उन्हें भी आरोपी बनाने की तैयारी में है।
दरअसल, मरीज माफिया के खिलाफ पुलिस अभियान चला रही है। इसी क्रम में पिछले दिनों अर्पित हॉस्पिटल का नाम सामने आया। देवरिया जिले के सलेमपुर क्षेत्र के वार्ड नंबर 11 भरौली निवासी लक्ष्मी देवी की देवरानी लीलावती देवी के बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर 108 नंबर की एंबुलेंस से बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती करने के लिए 17 जनवरी को आई थीं। वहां बाल रोग सेवा संस्थान के कर्मचारियों ने बताया कि वेंटिलेटर खाली नहीं है।
बीआरडी से बाहर निकलीं तो अमन गुप्ता नामक ब्रोकर ने एंबुलेंस चालक से मरीज खरीदने के बाद अर्पित अस्पताल को बेच दिया था। हालत में सुधार न होने पर अस्पताल प्रशासन से रेफर करने के लिए कहा तो आरोप है कि स्टाॅफ ने बच्चे को गलत इंजेक्शन लगाकर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले में गुलरिहा पुलिस ने हॉस्पिटल संचालक डॉ. प्रवीण सिंह, मैनेजर तुषार, बिचौलिया अमन गुप्ता, 108 नंबर एंबुलेंस चालक और ईएमटी को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। इसी क्रम में यू-ट्यूबर और कथित पत्रकार के नाम सामने आए हैं। फिलहाल, अब इनकी भी गोपनीय जांच शुरू हो गई है।
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बिहार के डॉक्टर पर भी हो सकती है कार्रवाई
अर्पित हाॅस्पिटल का पंजीकरण जिस डॉक्टर के नाम से है, उसके नाम से बिहार में भी एक हाॅस्पिटल पंजीकृत है। ऐसे में एक डॉक्टर के नाम क्या दो हास्पिटल पंजीकृत हो सकते हैं?, इस बारे में पुलिस ने सीएमओ कार्यालय से जानकारी मांगी है। वहीं बिहार से डॉक्टर शुक्रवार को बयान दर्ज कराने आए थे। पुलिस ने पूछताछ कर बयान नोट किया है। आगे डॉक्टर के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
वर्जन
डॉक्टर का बयान दर्ज किया गया है। उनके बयान के संबंध में जवाब बनाकर सीएमओ से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अर्पित हाॅस्पिटल के संचालक से कुछ यू-ट्यूबर और कथित पत्रकार भी जुड़े थे, वह उन्हें रुपये देता था। इसके साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे हैं। जांच कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
-अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मरीजों की खरीद-फरोख्त के आरोपी अर्पित हॉस्पिटल के संचालक से बिहार के डॉक्टर की भी मिलीभगत थी। डॉक्टर से पूछताछ की गई है। यही नहीं, संचालक डॉ. प्रवीण सिंह सच दबाने के लिए यू-ट्यूबर को भी रुपये भी देता था। कुछ ने तो पांच हजार रुपये महीना तक बांध लिया था। वह इस बात का भी संरक्षण देते थे कि सच उजागर नहीं करेंगे। ऐसे चार यू-ट्यूबर के नाम भी पुलिस को पता चले हैं। उनके खाते में रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। जांच कर पुलिस उन्हें भी आरोपी बनाने की तैयारी में है।
दरअसल, मरीज माफिया के खिलाफ पुलिस अभियान चला रही है। इसी क्रम में पिछले दिनों अर्पित हॉस्पिटल का नाम सामने आया। देवरिया जिले के सलेमपुर क्षेत्र के वार्ड नंबर 11 भरौली निवासी लक्ष्मी देवी की देवरानी लीलावती देवी के बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर 108 नंबर की एंबुलेंस से बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती करने के लिए 17 जनवरी को आई थीं। वहां बाल रोग सेवा संस्थान के कर्मचारियों ने बताया कि वेंटिलेटर खाली नहीं है।
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बीआरडी से बाहर निकलीं तो अमन गुप्ता नामक ब्रोकर ने एंबुलेंस चालक से मरीज खरीदने के बाद अर्पित अस्पताल को बेच दिया था। हालत में सुधार न होने पर अस्पताल प्रशासन से रेफर करने के लिए कहा तो आरोप है कि स्टाॅफ ने बच्चे को गलत इंजेक्शन लगाकर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले में गुलरिहा पुलिस ने हॉस्पिटल संचालक डॉ. प्रवीण सिंह, मैनेजर तुषार, बिचौलिया अमन गुप्ता, 108 नंबर एंबुलेंस चालक और ईएमटी को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। इसी क्रम में यू-ट्यूबर और कथित पत्रकार के नाम सामने आए हैं। फिलहाल, अब इनकी भी गोपनीय जांच शुरू हो गई है।
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बिहार के डॉक्टर पर भी हो सकती है कार्रवाई
अर्पित हाॅस्पिटल का पंजीकरण जिस डॉक्टर के नाम से है, उसके नाम से बिहार में भी एक हाॅस्पिटल पंजीकृत है। ऐसे में एक डॉक्टर के नाम क्या दो हास्पिटल पंजीकृत हो सकते हैं?, इस बारे में पुलिस ने सीएमओ कार्यालय से जानकारी मांगी है। वहीं बिहार से डॉक्टर शुक्रवार को बयान दर्ज कराने आए थे। पुलिस ने पूछताछ कर बयान नोट किया है। आगे डॉक्टर के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
वर्जन
डॉक्टर का बयान दर्ज किया गया है। उनके बयान के संबंध में जवाब बनाकर सीएमओ से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अर्पित हाॅस्पिटल के संचालक से कुछ यू-ट्यूबर और कथित पत्रकार भी जुड़े थे, वह उन्हें रुपये देता था। इसके साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे हैं। जांच कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
-अभिनव त्यागी, एसपी सिटी