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बखीरा झील : शिकारियों ने रखा जहर, चार मोर की मौत
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सुबह के समय ग्रामीणों ने मरे पड़े मोर को देखा
दो बेहोश थे जिनकी अस्पताल ले जाते समय हो गई मौत
घघसरा (गोरखपुर)। विकास खंड पाली क्षेत्र के ग्राम सभा नेवास के राजस्व गांव कोटिया में चार मोर की मौत हो गई। बखीरा झील से सटे गांव के लोगों ने सुबह मोर को मृत देखा। इसमें दो बेहोश थे जिनकी अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। वन विभाग की टीम ने इनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा। घटना से ग्रामीणों में रोष है। उनका आरोप है कि शिकारियों ने मोरों को जहर देकर मारा है।
ग्रामीण अरुण तिवारी, अजय, सोनू, विकास, सूर्यकांत, गौरव, विक्की तिवारी और शैलेंद्र आदि सुबह टहलने निकले थे। तभी उनकी नजर मृत पड़े मोरों पर पड़ी। नजदीक पहुंचने पर देखा की दो मोर बेहोश थे। उनको पानी पिलाया तो उनके मुंह से कुछ तरल पदार्थ निकला जिसमें से दुर्गंध आ रही थी। उसमें कुछ दानेदार चीज भी बाहर आ रही थी। बेहोश मोर को लेकर नजदीकी पशु अस्पताल जा रहे थे तभी रास्ते में दोनों ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को दी। वन विभाग के लोग चारों मोरों को पोस्टमॉर्टम के लिए ले गए।
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झील के पास करते हैं पक्षियों का शिकार
ग्रामीणों का कहना है कि बखीरा झील के पास शिकारी पक्षियों का शिकार करते रहते हैं। वे पत्ते पर दाने में जहर मिलाकर झील में रख देते हैं। साइबेरियन पक्षी इसे खाने के बाद थोड़ी देर में मर जाते हैं। ऐसे ही सारस का भी शिकार होता है। आरोप है कि मोर को भी शिकारियों ने जहर देकर मार दिया है। यहां 100 से भी ज्यादा मोर देखे जाते हैं।
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कोट..
मोर की मौत के मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। टीम ने मौके का निरीक्षण किया है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रह है। उसकी रिपोर्ट से मौत का कारण पता चल सकेगा।
- विकास यादव, डीएफओ
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दो बेहोश थे जिनकी अस्पताल ले जाते समय हो गई मौत
घघसरा (गोरखपुर)। विकास खंड पाली क्षेत्र के ग्राम सभा नेवास के राजस्व गांव कोटिया में चार मोर की मौत हो गई। बखीरा झील से सटे गांव के लोगों ने सुबह मोर को मृत देखा। इसमें दो बेहोश थे जिनकी अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। वन विभाग की टीम ने इनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा। घटना से ग्रामीणों में रोष है। उनका आरोप है कि शिकारियों ने मोरों को जहर देकर मारा है।
ग्रामीण अरुण तिवारी, अजय, सोनू, विकास, सूर्यकांत, गौरव, विक्की तिवारी और शैलेंद्र आदि सुबह टहलने निकले थे। तभी उनकी नजर मृत पड़े मोरों पर पड़ी। नजदीक पहुंचने पर देखा की दो मोर बेहोश थे। उनको पानी पिलाया तो उनके मुंह से कुछ तरल पदार्थ निकला जिसमें से दुर्गंध आ रही थी। उसमें कुछ दानेदार चीज भी बाहर आ रही थी। बेहोश मोर को लेकर नजदीकी पशु अस्पताल जा रहे थे तभी रास्ते में दोनों ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को दी। वन विभाग के लोग चारों मोरों को पोस्टमॉर्टम के लिए ले गए।
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झील के पास करते हैं पक्षियों का शिकार
ग्रामीणों का कहना है कि बखीरा झील के पास शिकारी पक्षियों का शिकार करते रहते हैं। वे पत्ते पर दाने में जहर मिलाकर झील में रख देते हैं। साइबेरियन पक्षी इसे खाने के बाद थोड़ी देर में मर जाते हैं। ऐसे ही सारस का भी शिकार होता है। आरोप है कि मोर को भी शिकारियों ने जहर देकर मार दिया है। यहां 100 से भी ज्यादा मोर देखे जाते हैं।
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कोट..
मोर की मौत के मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। टीम ने मौके का निरीक्षण किया है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रह है। उसकी रिपोर्ट से मौत का कारण पता चल सकेगा।
- विकास यादव, डीएफओ

-फोटो 58 : कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्यातिथि डॉ. राजेश कुमार व साथ मौजूद प्राचार्य। स्रोत कॉ