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Gorakhpur News: मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बचें, रचनात्मक गतिविधियों में समय दें युवा
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गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं में मोबाइल फोन के अत्याधिक इस्तेमाल पर चिंता व्यक्त की। कहा कि युवा पीढ़ी मोबाइल में अनावश्यक समय बिताने से बचे। अपना समय प्रकृति के बीच, रचनात्मक कार्यों, अध्ययन और कौशल विकास की गतिविधियों में बिताएं। आगाह किया कि हमें ध्यान रखना होगा कि तकनीकी हमसे संचालित हो, हम तकनीकी से संचालित न हों।
सीएम योगी, मंगलवार को एमपी इंटर कॉलेज में एमपी शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। सीएम ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद अपने संस्थापकों के मूल्यों और आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए 92वर्षों से निरंतर प्रतिबद्ध के साथ कार्य कर रहा है। जब देश गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था और नागरिकों के मन में असमंजस की स्थिति थी। तब युवाओं में देश हित और स्वाभिमान की भावना को जगाने के लिए 1932 में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। देश और स्वाभिमान की प्रेरणा के प्रतीक महाराणा प्रताप के त्याग और बलिदान को केंद्र में रखकर राष्ट्रवादी शिक्षा का कार्य प्रारंभ किया। आज यह परिषद पूर्वी उत्तर प्रदेश में राष्ट्रवादी शिक्षा की गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाते हुए सेवारत है।
संस्थापक सप्ताह के समापन समारोह में स्वागत संबोधन महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. यूपी सिंह, आभार ज्ञापन डीवीएपीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओमप्रकाश सिंह और संचालन डॉ. श्रीभगवान सिंह ने किया।
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इस अवसर पर गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन, महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एके सिंह, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय आरोग्यधाम के कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह, मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय बलरामपुर के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह, सांसद रविकिशन शुक्ल, मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, कैलाश सत्यार्थी की पत्नी सुमेधा सत्यार्थी, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी सहित विधायक, शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों, शिक्षकों व विद्यार्थियों की सहभागिता रही।
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कैलाश सत्यार्थी का जीवन सबके लिए प्रेरक
सीएम योगी ने कहा कि आज ही के दिन दस वर्ष पूर्व दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान नोबल पुरस्कार कैलाश सत्यार्थी को प्राप्त हुआ था। इनका जीवन प्रत्येक क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरक है। खासकर उन युवाओं के लिए जो किन्हीं कारणों से असमंजस की स्थिति में रहते हैं।
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शिप्रा सिंह की पुस्तक का हुआ विमोचन
संस्थापक समारोह के मुख्य महोत्सव में मुख्यमंत्री योगी और नोबल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के हाथों एमपीपीजी कॉलेज जंगल धूसड़ में शिक्षा शास्त्र विभाग की अध्यक्ष शिप्रा सिंह की पुस्तक ‘शिक्षा की भारतीय अवधारणा’ का विमोचन भी किया गया।
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सीएम योगी, मंगलवार को एमपी इंटर कॉलेज में एमपी शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। सीएम ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद अपने संस्थापकों के मूल्यों और आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए 92वर्षों से निरंतर प्रतिबद्ध के साथ कार्य कर रहा है। जब देश गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था और नागरिकों के मन में असमंजस की स्थिति थी। तब युवाओं में देश हित और स्वाभिमान की भावना को जगाने के लिए 1932 में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। देश और स्वाभिमान की प्रेरणा के प्रतीक महाराणा प्रताप के त्याग और बलिदान को केंद्र में रखकर राष्ट्रवादी शिक्षा का कार्य प्रारंभ किया। आज यह परिषद पूर्वी उत्तर प्रदेश में राष्ट्रवादी शिक्षा की गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाते हुए सेवारत है।
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संस्थापक सप्ताह के समापन समारोह में स्वागत संबोधन महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. यूपी सिंह, आभार ज्ञापन डीवीएपीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओमप्रकाश सिंह और संचालन डॉ. श्रीभगवान सिंह ने किया।
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इस अवसर पर गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन, महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एके सिंह, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय आरोग्यधाम के कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह, मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय बलरामपुर के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह, सांसद रविकिशन शुक्ल, मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, कैलाश सत्यार्थी की पत्नी सुमेधा सत्यार्थी, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी सहित विधायक, शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों, शिक्षकों व विद्यार्थियों की सहभागिता रही।
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कैलाश सत्यार्थी का जीवन सबके लिए प्रेरक
सीएम योगी ने कहा कि आज ही के दिन दस वर्ष पूर्व दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान नोबल पुरस्कार कैलाश सत्यार्थी को प्राप्त हुआ था। इनका जीवन प्रत्येक क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरक है। खासकर उन युवाओं के लिए जो किन्हीं कारणों से असमंजस की स्थिति में रहते हैं।
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शिप्रा सिंह की पुस्तक का हुआ विमोचन
संस्थापक समारोह के मुख्य महोत्सव में मुख्यमंत्री योगी और नोबल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के हाथों एमपीपीजी कॉलेज जंगल धूसड़ में शिक्षा शास्त्र विभाग की अध्यक्ष शिप्रा सिंह की पुस्तक ‘शिक्षा की भारतीय अवधारणा’ का विमोचन भी किया गया।