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दुस्साहस : डीडीयू में घुसकर छात्रा को रोका, विरोध पर सहपाठी छात्र को पीटा
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डीडीयू में रसायन विज्ञान विभाग के सामने मेन रोड पर मनबढ़ों ने मचाया उत्पात
बीच-बचाव कर रही छात्राओं को भी आईं हल्की चोटें, विश्वविद्यालय चौकी पर दी तहरीर
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में बुधवार को मनबढ़ों ने उत्पात मचाया। वे एक साल से डीडीयू की छात्रा का पीछा कर रहे थे। बुधवार को यूनिवर्सिटी कैंपस में पहुंच गए। वहां छात्रा को सड़क पर रोकने की कोशिश की। साथ चल रहे सहपाठी ने विरोध किया तो उसे सड़क पर गिराकर पीटा गया। बीच-बचाव में छात्रा को भी चोटें आईं। मामले में विश्वविद्यालय चौकी पर तहरीर दी गई है।
बताया जा रहा है कि देवरिया जिले की रहने वाली छात्रा डीडीयू में पढ़ाई करती है। बुधवार को वह अपने क्लास की तीन अन्य छात्राओं और एक छात्र के साथ शाम चार बजे विभाग से निकल रही थी। विभाग के गेट पर पहले से ही दो बुलेट और एक स्कूटी पर सवार सात-आठ बाहरी युवक पहुंचे हुए थे। उनमें से ज्यादातर युवक उसके गांव के आसपास के थे। उन्हें देखते ही छात्रा सहम गई। विभाग से कला संकाय होते हुए वह रसायन विज्ञान विभाग के सामने पहुंची थी, इसी दौरान बुलेट और स्कूटी सवार युवकों ने उसे रोकना शुरू कर दिया। उसके साथ चल रही छात्राओं और छात्र ने इसका विरोध किया तो वे भड़क उठे। बाइक से उतरकर साथ चल रहे छात्र को पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान बीच-बचाव करने वाली छात्राओं को भी चोटें आईं।
घटना को देखकर शिक्षक और कर्मचारी जब तक वहां पहुंचते, तब तक हमलावर वहां से भाग निकले। इसके बाद घायल छात्र और छात्राओं को नियंता कार्यालय ले जाया गया। नियंता ने पूरे मामले को समझा। इसके बाद विश्वविद्यालय चौकी को घटना की सूचना दी गई। इसके बाद घायल छात्र को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। छात्रा की तरफ से विश्वविद्यालय चौकी में दो-तीन नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी गई है। समाचार लिखे जाने तक केस दर्ज नहीं हुआ था।
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छात्रा ने कहा- अब बर्दाश्त नहीं करूंगी
घटनास्थल पर घायल छात्र के साथ ही छात्राओं का रो-रोकर बुरा हाल था। देवरिया की छात्रा ने बताया कि मामले से छात्र का कोई लेना-देना नहीं था। वह साथ चल रहा था। बाहरी युवक उसके गांव के आसपास के गांवों के हैं। उन्हें वह पहचानती है। वे लोग लगभग एक साल से उसे राह चलते परेशान कर रहे हैं। रास्ते चलते कई बार उन लोगों ने बदतमीजी की थी। उसने अपने घर में इसकी शिकायत भी की थी लेकिन घरवाले लड़की होने का हवाला देकर किसी कार्रवाई से बचते रहे। एक आरोपी के घरवालों से बात करके समझाने की कोशिश भी की गई लेकिन आज ये बदमाश यूनिवर्सिटी तक पहुंच गए। अब मामला बर्दाश्त से बाहर हो गया है।
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तहरीर में आरोपियों के नाम व मोबाइल नंबर दिए
पीड़िता ने तहरीर में दहशतगर्दों के नाम, पता, बुलेट के नंबर के साथ ही उनके मोबाइल नंबर भी दिए। आरोप है कि वे लोग फोन करके भी परेशान करते हैं। तहरीर मिलने के बाद कैंट थाने की पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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गेट पर नहीं होती किसी की जांच
डीडीयू कैंपस में कोई भी प्रवेश करना चाहे तो उसे बिना किसी औपचारिकता के प्रवेश दिया जाता है। नियम-कायदे हैं कि सिर्फ शिक्षक व कर्मचारी ही वाहन से जा सकते हैं लेकिन छात्र और बाहरी लोग भी बाइक से आते-जाते हैं। गार्ड किसी को रोकने की कोशिश करते हैं तो वे उनसे उलझ जाते हैं।
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कोट
यह गंभीर मामला है। छात्रा ने अपनी शिकायत दर्ज कराई है। सभी आरोपी बाहरी हैं। विश्वविद्यालय चौकी पुलिस को इस घटना की सूचना तत्काल दे दी गई। छात्रा की तरफ से पुलिस को तहरीर दी गई है।
- प्रो. विनय सिंह, नियंता, डीडीयू
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बीच-बचाव कर रही छात्राओं को भी आईं हल्की चोटें, विश्वविद्यालय चौकी पर दी तहरीर
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में बुधवार को मनबढ़ों ने उत्पात मचाया। वे एक साल से डीडीयू की छात्रा का पीछा कर रहे थे। बुधवार को यूनिवर्सिटी कैंपस में पहुंच गए। वहां छात्रा को सड़क पर रोकने की कोशिश की। साथ चल रहे सहपाठी ने विरोध किया तो उसे सड़क पर गिराकर पीटा गया। बीच-बचाव में छात्रा को भी चोटें आईं। मामले में विश्वविद्यालय चौकी पर तहरीर दी गई है।
बताया जा रहा है कि देवरिया जिले की रहने वाली छात्रा डीडीयू में पढ़ाई करती है। बुधवार को वह अपने क्लास की तीन अन्य छात्राओं और एक छात्र के साथ शाम चार बजे विभाग से निकल रही थी। विभाग के गेट पर पहले से ही दो बुलेट और एक स्कूटी पर सवार सात-आठ बाहरी युवक पहुंचे हुए थे। उनमें से ज्यादातर युवक उसके गांव के आसपास के थे। उन्हें देखते ही छात्रा सहम गई। विभाग से कला संकाय होते हुए वह रसायन विज्ञान विभाग के सामने पहुंची थी, इसी दौरान बुलेट और स्कूटी सवार युवकों ने उसे रोकना शुरू कर दिया। उसके साथ चल रही छात्राओं और छात्र ने इसका विरोध किया तो वे भड़क उठे। बाइक से उतरकर साथ चल रहे छात्र को पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान बीच-बचाव करने वाली छात्राओं को भी चोटें आईं।
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घटना को देखकर शिक्षक और कर्मचारी जब तक वहां पहुंचते, तब तक हमलावर वहां से भाग निकले। इसके बाद घायल छात्र और छात्राओं को नियंता कार्यालय ले जाया गया। नियंता ने पूरे मामले को समझा। इसके बाद विश्वविद्यालय चौकी को घटना की सूचना दी गई। इसके बाद घायल छात्र को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। छात्रा की तरफ से विश्वविद्यालय चौकी में दो-तीन नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी गई है। समाचार लिखे जाने तक केस दर्ज नहीं हुआ था।
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छात्रा ने कहा- अब बर्दाश्त नहीं करूंगी
घटनास्थल पर घायल छात्र के साथ ही छात्राओं का रो-रोकर बुरा हाल था। देवरिया की छात्रा ने बताया कि मामले से छात्र का कोई लेना-देना नहीं था। वह साथ चल रहा था। बाहरी युवक उसके गांव के आसपास के गांवों के हैं। उन्हें वह पहचानती है। वे लोग लगभग एक साल से उसे राह चलते परेशान कर रहे हैं। रास्ते चलते कई बार उन लोगों ने बदतमीजी की थी। उसने अपने घर में इसकी शिकायत भी की थी लेकिन घरवाले लड़की होने का हवाला देकर किसी कार्रवाई से बचते रहे। एक आरोपी के घरवालों से बात करके समझाने की कोशिश भी की गई लेकिन आज ये बदमाश यूनिवर्सिटी तक पहुंच गए। अब मामला बर्दाश्त से बाहर हो गया है।
तहरीर में आरोपियों के नाम व मोबाइल नंबर दिए
पीड़िता ने तहरीर में दहशतगर्दों के नाम, पता, बुलेट के नंबर के साथ ही उनके मोबाइल नंबर भी दिए। आरोप है कि वे लोग फोन करके भी परेशान करते हैं। तहरीर मिलने के बाद कैंट थाने की पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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गेट पर नहीं होती किसी की जांच
डीडीयू कैंपस में कोई भी प्रवेश करना चाहे तो उसे बिना किसी औपचारिकता के प्रवेश दिया जाता है। नियम-कायदे हैं कि सिर्फ शिक्षक व कर्मचारी ही वाहन से जा सकते हैं लेकिन छात्र और बाहरी लोग भी बाइक से आते-जाते हैं। गार्ड किसी को रोकने की कोशिश करते हैं तो वे उनसे उलझ जाते हैं।
कोट
यह गंभीर मामला है। छात्रा ने अपनी शिकायत दर्ज कराई है। सभी आरोपी बाहरी हैं। विश्वविद्यालय चौकी पुलिस को इस घटना की सूचना तत्काल दे दी गई। छात्रा की तरफ से पुलिस को तहरीर दी गई है।
- प्रो. विनय सिंह, नियंता, डीडीयू