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Gorakhpur News: छात्रसंघ चुनाव को लेकर कुलपति से नोकझाेंक, छात्रनेताओं पर केस
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गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव कराने की मांग को लेकर प्रशासनिक भवन पर विरोध प्रदर्शन
करीब दो घंटे तक प्रदर्शन के बाद कुलपति से हुई तीखी बहस, कुलपति निकलीं
नियंता की तहरीर पर तीन नामजद व चार-पांच अज्ञात के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस
गोरखपुर। छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर सोमवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रनेताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कुलपति से उनकी तीखी नोकझोंक भी हुई। हंगामे के बाद कैंट थाने की पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रनेताओं को हिरासत में ले लिया। देर शाम नियंता की तहरीर पर पुलिस ने तीन नामजद और चार-पांच अज्ञात के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज कर लिया।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को पूर्वाह्न 11:30 के करीब छात्रनेता सतीश प्रजापति, आदर्श द्विवेदी, उज्जवल सिंह सहित लगभग 15 छात्र प्रशासनिक भवन पहुंचे। छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर वह नारेबाजी करने लगे। थोड़ी देर बाद वह कुलपति कार्यालय में पहुंच गए। सचिवालय में बैठकर उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कुलपति प्रो. पूनम टंडन कार्यालय में मौजूद रहीं। सूचना पाकर मुख्य नियंता प्रो. विनय कुमार सिंह भी पहुंचे। उन्होंने छात्रनेताओं को समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। थोड़ी देर में छात्रों की संख्या बढ़ गई और उन्हाेंने कुलपति सचिवालय को पूरी तरह घेर लिया। वे कुलपति से मिलकर अपनी बात रखने की मांग पर अड़े थे।
इसके बाद कुलपति ने उनकी मांग सुनने के लिए अंदर बुलाया। अंदर जाते ही छात्रनेता और जोर से नारेबाजी करने लगे। कुलपति ने बैठाकर उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन वह अपनी मांग पर अड़े रहे और उग्र हो गए। छात्रनेताओं से इस दौरान उनकी तीखी बहस भी हुई। थोड़ी देर बाद कुलपति नाराज होकर कार्यालय से बाहर निकल गईं।
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मौके पर पहुंची कैंट थाने की पुलिस ने मौके की नजाकत को देखते हुए प्रदर्शन कर रहे छात्रनेताओं को हिरासत में ले लिया। बाद में शांतिभंग का चालान कर छोड़ दिया। उसके बाद नियंता की तहरीर पर पुलिस ने आदर्श द्विवेदी, सतीश प्रजापति और उज्जवल सिंह और चार-पांच अज्ञात के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज किया।
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नियंता की तहरीर पर तीन नामजद व चार-पांच अज्ञात के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस
गोरखपुर। छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर सोमवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रनेताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कुलपति से उनकी तीखी नोकझोंक भी हुई। हंगामे के बाद कैंट थाने की पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रनेताओं को हिरासत में ले लिया। देर शाम नियंता की तहरीर पर पुलिस ने तीन नामजद और चार-पांच अज्ञात के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज कर लिया।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को पूर्वाह्न 11:30 के करीब छात्रनेता सतीश प्रजापति, आदर्श द्विवेदी, उज्जवल सिंह सहित लगभग 15 छात्र प्रशासनिक भवन पहुंचे। छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर वह नारेबाजी करने लगे। थोड़ी देर बाद वह कुलपति कार्यालय में पहुंच गए। सचिवालय में बैठकर उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कुलपति प्रो. पूनम टंडन कार्यालय में मौजूद रहीं। सूचना पाकर मुख्य नियंता प्रो. विनय कुमार सिंह भी पहुंचे। उन्होंने छात्रनेताओं को समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। थोड़ी देर में छात्रों की संख्या बढ़ गई और उन्हाेंने कुलपति सचिवालय को पूरी तरह घेर लिया। वे कुलपति से मिलकर अपनी बात रखने की मांग पर अड़े थे।
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इसके बाद कुलपति ने उनकी मांग सुनने के लिए अंदर बुलाया। अंदर जाते ही छात्रनेता और जोर से नारेबाजी करने लगे। कुलपति ने बैठाकर उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन वह अपनी मांग पर अड़े रहे और उग्र हो गए। छात्रनेताओं से इस दौरान उनकी तीखी बहस भी हुई। थोड़ी देर बाद कुलपति नाराज होकर कार्यालय से बाहर निकल गईं।
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मौके पर पहुंची कैंट थाने की पुलिस ने मौके की नजाकत को देखते हुए प्रदर्शन कर रहे छात्रनेताओं को हिरासत में ले लिया। बाद में शांतिभंग का चालान कर छोड़ दिया। उसके बाद नियंता की तहरीर पर पुलिस ने आदर्श द्विवेदी, सतीश प्रजापति और उज्जवल सिंह और चार-पांच अज्ञात के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज किया।