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Gorakhpur News: चार रिसर्च को आठ जर्नल में प्रकाशित कराने का आरोप, शिकायत
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शिकायत के साथ साक्ष्य भी लगाए, एपीआई बढ़ाने के लिए बार-बार प्रकाशन का आरोप
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में एक विभागाध्यक्ष ने महिला प्रोफेसर पर चार रिसर्च को अलग-अलग आठ जर्नल में प्रकाशित कराने का आरोप लगाया है। अध्यक्ष ने कुलपति, कुलाधिपति व केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। यह शिकायती पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय के इस विभाग में वर्तमान अध्यक्ष और महिला प्रोफेसर के बीच वरिष्ठता को लेकर काफी लंबे समय से रार चल रही है। विभागाध्यक्ष ने दावा किया कि महिला प्रोफेसर ने अकादमिक लाभ लेने के लिए चार शोध पत्रों को दूसरी शोध पत्रिकाओं में अक्षरश: प्रकाशित कराया है। एक ही शोध दो जर्नल्स में प्रकाशित होना अकादमिक अनियमितता की श्रेणी में आता है। यह भी आरोप लगाया कि जर्नल्स में बैक डेट में भी कूटरचित तरीके से अपने शोध प्रकाशित कराए गए हैं। विभागाध्यक्ष ने इसका संलग्नक लगाया है। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में एक विभागाध्यक्ष ने महिला प्रोफेसर पर चार रिसर्च को अलग-अलग आठ जर्नल में प्रकाशित कराने का आरोप लगाया है। अध्यक्ष ने कुलपति, कुलाधिपति व केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। यह शिकायती पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय के इस विभाग में वर्तमान अध्यक्ष और महिला प्रोफेसर के बीच वरिष्ठता को लेकर काफी लंबे समय से रार चल रही है। विभागाध्यक्ष ने दावा किया कि महिला प्रोफेसर ने अकादमिक लाभ लेने के लिए चार शोध पत्रों को दूसरी शोध पत्रिकाओं में अक्षरश: प्रकाशित कराया है। एक ही शोध दो जर्नल्स में प्रकाशित होना अकादमिक अनियमितता की श्रेणी में आता है। यह भी आरोप लगाया कि जर्नल्स में बैक डेट में भी कूटरचित तरीके से अपने शोध प्रकाशित कराए गए हैं। विभागाध्यक्ष ने इसका संलग्नक लगाया है। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
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