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Gorakhpur News: हटा एयरफोर्स का संचार उपकरण, अब नए टर्मिनल भवन का शुरू होगा निर्माण
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गोरखपुर एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल भवन के निर्माण में बाधक था यह संचार उपकरण
बुढि़या माई मंदिर के सामने विनोद वन पार्क के पास विमान पत्तन प्राधिकरण ने लगाया अपना उपकरण
जगह खाली होने के बाद अब शुरू होगा टर्मिनल भवन का निर्माण कार्य, बढ़ेंगी यात्री सुविधाएं
गोरखपुर। नंदानगर के सामने एयरपोर्ट के नए टर्मिनल बिल्डिंग निर्माण की अंतिम बाधा भी दूर हो गई। यहां एयरफोर्स के डीवीओआर (डाप्लर वीएचएफ-वेरी हाई फ्रीक्वेंसी ओमनी रेंज) एवं डीएमई (डिस्टेंस मेजरिंग इक्विपमेंट) को हटाकर बुढि़या माई मंदिर के पास लगा दिया गया है। दिल्ली से आईएफआईयू (फ्लाइट इंस्पेक्शन यूनिट) ने बी-360 जहाज उतारकर नए उपकरण के इंस्टालेशन कार्य को पूर्ण कराया। इसके हट जाने के बाद एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल बिल्डिंग बनाने का रास्ता साफ हो गया है। अब यहां से विमानों की संख्या बढ़ाने में भी आसानी होगी।
गोरखपुर हवाई अड्डे के सिविल टर्मिनल के निर्माण के लिए रनवे के पश्चिमी हिस्से में नंदानगर के सामने वायु सेना की तरफ से 42.14 एकड़ जमीन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को दी गई है। इस जमीन के पास वायु सेना का संचार उपकरण डीवीओआर और डीएमई लगा था। यही उपकरण जहाज को उड़ने और उतरने के लिए सिग्नल प्रदान करता है। प्रस्तावित टर्मिनल भवन की जमीन के बीच में इस उपकरण के लगे होने की वजह से करीब 12 एकड़ जमीन का उपयोग नहीं हो पा रहा था। इसके कारण एप्रन एरिया के निर्माण में भी बाधा आ रही थी। अब इस उपकरण को यहां से हटा दिया गया है। जिसके बाद नए टर्मिनल भवन के बनने का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए बजट पहले से ही आवंटित है। कार्यदाई एजेंसी भी नामित है।
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प्रदेश सरकार ने दी थी 10 एकड़ जमीन
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को अपना डीवीआरओ एवं डीएमई स्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार ने पिछले साल एयरपोर्ट के नजदीक जंगल रामगढ़ में बुढि़या माई मंदिर गेट के पास वन विभाग की 10 एकड़ भूमि आवंटित की थी। इस उपकरण के स्थल को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए खडंजा कराया गया है। हवाई अड्डे पर कैलिब्रेशन कार्य को पूर्ण करने के लिए रेडियो निर्माण और विकास इकाई के अधिकारी भी आए थे। डीवीओआर और डीएमई की स्थापना कार्य के प्रभारी विजय कुमार, सहायक महाप्रबंधक (संचार) ने विभिन्न विभागों से समन्वय कर इस कार्य को जल्द पूरा कराया।
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गोरखपुर में नए टर्मिनल भवन से सीधे जहाज तक पहुंचेंगे
यहां बनने वाला नया टर्मिनल भवन अयोध्या एयरपोर्ट की तर्ज पर बनेगा। एक साथ 10 जहाजों को पार्क करने की सुविधा रहेगी। एयरपोर्ट का विस्तार तीन तरफ से किया जाएगा और इसमें एक साथ 1500 यात्री चेक इन और चेक आउट कर सकेंगे। एयरपोर्ट पर पांच एयरोब्रिज बनाए जाएंगे, जिसके जरिए टर्मिनल भवन से यात्री सीधे विमान के गेट तक पहुंचेंगे। अभी ऐसी सुविधा केवल बड़े हवाई अड्डों पर ही है। नंदा नगर पुलिस चौकी के सामने से टर्मिनल भवन तक फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। एयरपोर्ट के विस्तार से भविष्य में यहां से देश के अन्य शहरों के लिए भी विमान सेवा शुरू हो सकेगी।
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वर्जन
नए डीवीओआर एवं डीएमई के स्थापना का कार्य पूर्ण हो गया है। नया उपकरण शीघ्र ही कार्य शुरू कर देगा। इसके बाद एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का निर्माण शुरू हो जाएगा।
आरके पाराशर, निदेशक एयरपोर्ट गोरखपुर
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बुढि़या माई मंदिर के सामने विनोद वन पार्क के पास विमान पत्तन प्राधिकरण ने लगाया अपना उपकरण
जगह खाली होने के बाद अब शुरू होगा टर्मिनल भवन का निर्माण कार्य, बढ़ेंगी यात्री सुविधाएं
गोरखपुर। नंदानगर के सामने एयरपोर्ट के नए टर्मिनल बिल्डिंग निर्माण की अंतिम बाधा भी दूर हो गई। यहां एयरफोर्स के डीवीओआर (डाप्लर वीएचएफ-वेरी हाई फ्रीक्वेंसी ओमनी रेंज) एवं डीएमई (डिस्टेंस मेजरिंग इक्विपमेंट) को हटाकर बुढि़या माई मंदिर के पास लगा दिया गया है। दिल्ली से आईएफआईयू (फ्लाइट इंस्पेक्शन यूनिट) ने बी-360 जहाज उतारकर नए उपकरण के इंस्टालेशन कार्य को पूर्ण कराया। इसके हट जाने के बाद एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल बिल्डिंग बनाने का रास्ता साफ हो गया है। अब यहां से विमानों की संख्या बढ़ाने में भी आसानी होगी।
गोरखपुर हवाई अड्डे के सिविल टर्मिनल के निर्माण के लिए रनवे के पश्चिमी हिस्से में नंदानगर के सामने वायु सेना की तरफ से 42.14 एकड़ जमीन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को दी गई है। इस जमीन के पास वायु सेना का संचार उपकरण डीवीओआर और डीएमई लगा था। यही उपकरण जहाज को उड़ने और उतरने के लिए सिग्नल प्रदान करता है। प्रस्तावित टर्मिनल भवन की जमीन के बीच में इस उपकरण के लगे होने की वजह से करीब 12 एकड़ जमीन का उपयोग नहीं हो पा रहा था। इसके कारण एप्रन एरिया के निर्माण में भी बाधा आ रही थी। अब इस उपकरण को यहां से हटा दिया गया है। जिसके बाद नए टर्मिनल भवन के बनने का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए बजट पहले से ही आवंटित है। कार्यदाई एजेंसी भी नामित है।
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प्रदेश सरकार ने दी थी 10 एकड़ जमीन
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को अपना डीवीआरओ एवं डीएमई स्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार ने पिछले साल एयरपोर्ट के नजदीक जंगल रामगढ़ में बुढि़या माई मंदिर गेट के पास वन विभाग की 10 एकड़ भूमि आवंटित की थी। इस उपकरण के स्थल को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए खडंजा कराया गया है। हवाई अड्डे पर कैलिब्रेशन कार्य को पूर्ण करने के लिए रेडियो निर्माण और विकास इकाई के अधिकारी भी आए थे। डीवीओआर और डीएमई की स्थापना कार्य के प्रभारी विजय कुमार, सहायक महाप्रबंधक (संचार) ने विभिन्न विभागों से समन्वय कर इस कार्य को जल्द पूरा कराया।
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गोरखपुर में नए टर्मिनल भवन से सीधे जहाज तक पहुंचेंगे
यहां बनने वाला नया टर्मिनल भवन अयोध्या एयरपोर्ट की तर्ज पर बनेगा। एक साथ 10 जहाजों को पार्क करने की सुविधा रहेगी। एयरपोर्ट का विस्तार तीन तरफ से किया जाएगा और इसमें एक साथ 1500 यात्री चेक इन और चेक आउट कर सकेंगे। एयरपोर्ट पर पांच एयरोब्रिज बनाए जाएंगे, जिसके जरिए टर्मिनल भवन से यात्री सीधे विमान के गेट तक पहुंचेंगे। अभी ऐसी सुविधा केवल बड़े हवाई अड्डों पर ही है। नंदा नगर पुलिस चौकी के सामने से टर्मिनल भवन तक फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। एयरपोर्ट के विस्तार से भविष्य में यहां से देश के अन्य शहरों के लिए भी विमान सेवा शुरू हो सकेगी।
वर्जन
नए डीवीओआर एवं डीएमई के स्थापना का कार्य पूर्ण हो गया है। नया उपकरण शीघ्र ही कार्य शुरू कर देगा। इसके बाद एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का निर्माण शुरू हो जाएगा।
आरके पाराशर, निदेशक एयरपोर्ट गोरखपुर