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एम्स : विजिलेंस टीम ने शुरू की छानबीन, कई छात्रों-कर्मचारियों से लिया फीडबैक

Fri, 27 Sep 2024 08:53 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 27 Sep 2024 08:53 PM IST
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Gorakhpur News: AIIMS: Vigilance team started investigation, took feedback from many students and employees
गोरखपुर। कार्यकारी निदेशक के पुत्र के प्रमाण पत्र की जांच कर रही विजिलेंस टीम के गोरखपुर आने की सूचना से एम्स में दिनभर गहमा-गहमी बनी रही। टीम के पास प्रमाणपत्र से संबंधित पेपर पहले ही उपलब्ध हैं, अब वे पटना जाकर बाकी के पेपर जुटाएंगे। इस बीच कार्यकारी निदेशक का कार्यकाल दो अक्तूबर को समाप्त होने से संबंधित सूचना भी स्वास्थ्य मंत्रालय को भेज दी गई हैं। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्यकारी निदेशक पर फैसला होगा।
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एम्स के सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव गुप्ता ने कार्यकारी निदेशक के पुत्र डॉ. औरो पाल के पिछड़ी जाति प्रमाणपत्र को लेकर शिकायत की है। इस पर जांच के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने तीन सदस्यीय टीम गठित की है। इसके अलावा परिसर में चल रहे अन्य गतिविधियों को लेकर भी विजिलेंस आंतरिक जांच कर रही है। एम्स में चल रहे आरोप-प्रत्यारोप से संबंधित प्रकरणों पर केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान और चिराग पासवान भी स्वास्थ्य मंत्रालय से शिकायत कर चुके हैं। इसके अलावा सांसद रवि किशन भी पूरे प्रकरण से स्वास्थ्य मंत्री को अवगत करा चुके हैं। इन सभी प्रकरणों की प्रारंभिक जांच चल रही है। कई दिन से चर्चा थी कि कोई टीम आने वाली है। बृहस्पतिवार को पूरे दिन परिसर में इस बात की चर्चा होती रही कि विजिलेंस की एक टीम परिसर में पहुंची है। टीम के कुछ छात्रों, प्रोफेसर और कर्मचारियों से जानकारी जुटाने की बात कही जा रही है।
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शिकायतकर्ता से भी जानकारी लेगी टीम
इस प्रकरण में समस्त दस्तावेज तो पहले ही स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजे जा चुके हैं, अब जांच के दौरान फिर से शिकायतकर्ता और आरोपी का बयान दर्ज होगा। टीम के गोरखपुर के बाद पटना जाने की चर्चा है। कहा जा रहा है कि चूंकि डॉ. औरो पाल का प्रमाणपत्र पटना से ही जारी हुआ है, इसलिए पहली जांच वहीं होगी। पटना डीएम ने इस संबंध में पहले ही जांच कमेटी गठित कर दी है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई होनी है। कमेटी इस मामले में शिकायतकर्ता डॉ. गौरव गुप्ता और आरोपी डॉ. औरो पाल व कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल से भी इससे संबंधित जानकारी लेगी।
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कार्यकाल समाप्त होने की भेजी सूचना, अब नए आदेश का इंतजार
इन सबके बीच दो अक्तूबर को कार्यकारी निदेशक का कार्यकाल समाप्त होने की सूचना एम्स प्रशासन ने स्वास्थ्य मंत्रालय को भेज दी है। बता दें कि कार्यकारी निदेशक का पद दो जनवरी को रिक्त हुआ था, जिस पर एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक को अतिरिक्त चार्ज दिया गया था। अब इनका बढ़ा हुआ कार्यकाल भी दो अक्तूबर को समाप्त हो रहा है। नए कार्यकारी निदेशक के चयन के लिए काउंसिलिंग की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। कार्यकारी निदेशक का कार्यकाल बढ़ाया जाएगा या उनकी जगह नए कार्यकारी निदेशक की तैनाती होगी, यह 30 सितंबर को तय होगा।

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वर्जन
स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रकरण की जांच के लिए कमेटी का गठन किया है, उसकी रिपोर्ट से सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। हमारे ऊपर जो भी आरोप लगाए गए हैं, वे सभी तथ्यहीन हैं। विजिलेंस जांच शुरू होने की जानकारी नहीं है, न ही किसी ने हमसे अभी संपर्क किया है। अगर कोई जांच करने आएगा तो उसे पूरा सहयोग दिया जाएगा।
डॉ. जीके पाल, कार्यकारी निदेशक, एम्स
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