फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur News: AIIMS: Token machine does not work in ophthalmology department, X-ray takes three hours

एम्स: नेत्र रोग विभाग में नहीं चलती टोकन मशीन, एक्स-रे में लगते हैं तीन घंटे

Wed, 17 Sep 2025 02:05 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 17 Sep 2025 02:05 AM IST
विज्ञापन
Gorakhpur News: AIIMS: Token machine does not work in ophthalmology department, X-ray takes three hours
नेटवर्क गड़बड़ी से ऑनलाइन भुगतान में भी होती है परेशानी
विज्ञापन



गोरखपुर। एम्स में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने के साथ ही व्यवस्थाएं चरमराती जा रही हैं। इलाज के लिए पहुंचे मरीज और उनके परिजन जगह-जगह परेशान हो रहे हैं। कहीं टोकन मशीनें बंद पड़ी हैं तो कहीं ऑनलाइन पेमेंट न होने से लोग घंटों भटक रहे हैं। एक्स-रे कराने में तीन-चार घंटे का समय लग रहा है।
कुशीनगर जिले के दुदही निवासी संदीप कुमार ने बताया कि वह दोपहर 12 बजे से एक्स-रे के लिए लाइन में खड़े हैं, लेकिन 3 बजकर 20 मिनट तक भी नंबर नहीं आया। पहले फीस जमा करनी होती है, फिर लिफाफा लेने की प्रक्रिया और उसके बाद एक्स-रे के लिए अलग से कतार। इस लंबी प्रक्रिया में मरीज बेहाल हो रहे हैं। देवरिया के रामाशीष और विजय कुमार ने भी बताया कि बिना “जुगाड़” के जल्द जांच होना मुश्किल है।
विज्ञापन

नेत्र रोग विभाग में टोकन मशीन बंद
नेत्र रोग विभाग में टोकन मशीन बंद मिली। कर्मचारियों ने बताया कि मरीजों को अलग-अलग कमरों में भेजा जाता है इसलिए मशीन का उपयोग नहीं किया जा रहा। हड्डी रोग विभाग में काउंटर पर रिसेप्शनिस्ट न होने से लोग घंटों से टोकन नंबर के लिए परेशान थे। वहीं, दोपहर दो बजे तक चार कियोस्क मशीनों में से तीन बंद हो चुकी थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बेड और दवा काउंटर पर भी दिक्कत
ग्राउंड फ्लोर स्थित कैश काउंटर के पास खड़े बांसगांव निवासी रमेश कुमार ने बताया कि पत्नी गर्भवती है, जिसे डॉक्टर ने भर्ती कराने के लिए कहा, लेकिन पता लगा कि कहीं बेड ही खाली नहीं है। काफी प्रयास के बाद शाम चार बजे के बाद आने को कहा गया। वहीं, अस्पताल परिसर में खुले दवा काउंटर पर भी लंबी कतारें लगी थीं। दवा काउंटर के पास ही दलाल घूम रहे थे, जो बाहर की दुकानों से 40 प्रतिशत तक की छूट पर दवाएं उपलब्ध कराने का लालच दे रहे थे।
वर्जन
टोकन मशीन क्यों बंद है, नेत्र विभाग से इसकी जानकारी कराई जाएगी। अन्य समस्याओं की भी जानकारी कराकर समाधान कराया जाएगा।
-डॉ. आराधना सिंह, मीडिया प्रभारी, एम्स
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed