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एम्स : अटेंडेंस कम बताकर चार साल से छात्रा को परीक्षा से रखा बाहर

Mon, 14 Oct 2024 05:41 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Oct 2024 05:41 AM IST
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Gorakhpur News: AIIMS: Student kept out of examination for four years on the grounds of low attendance
गोरखपुर। एम्स गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज में भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। एक छात्रा को चार साल से केवल इसलिए परीक्षा से वंचित किया जा रहा है कि उसने कोविड कॉल में कक्षाएं पूरी नहीं की है। 2020 बैच की इस छात्रा का कहना है कि उसके साथ के अन्य बच्चों की अटेंडेंस पूरी कराकर सेमेस्टर परीक्षा करा दी गई, लेकिन उसे हर बार किसी न किसी बहाने रोक दिया जाता है। इससे उसका भविष्य ही संकट में पड़ गया है।
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छात्रा के पिता ने नए कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. अजय कुमार सिंह को पूरी बात बताई है। छात्रा के पिता का कहना है कि बेटी ने वर्ष 2020 में एम्स गोरखपुर में एडमिशन लिया था। दाखिला के वक्त छात्रा के साथ उसकी मां गोरखपुर आई थीं। यहां हॉस्टल की सुविधा को लेकर उन्होंने तत्कालीन ईडी प्रो. डॉ. सुरेखा किशोर से आपत्ति जताई थी, जिसको लेकर कहासुनी हो गई थी। उसके बाद से ही उसे परेशान किया जा रहा है। हर बार सेमेस्टर परीक्षा से पहले अटेंडेंस पूरी नहीं होने की बात कहकर उसे परीक्षा से रोक दिया जाता है।
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हाईकोर्ट जाने से बिगड़ गया था मामला
एमबीबीएस छात्रा को कोविड कॉल में भी प्रमोशन नहीं दिया गया, जबकि उस वक्त ऑफलाइन कक्षाएं बंद थीं और सभी छात्र-छात्राओं को प्रमोशन दिए गए। बैच के अन्य छात्रों से पिछड़ने के बाद अपने प्रमोशन की मांग को लेकर छात्रा हाईकोर्ट गई, जहां से उसे वापस कॉलेज प्रबंधन के पास जाने को कहा गया। इसके बाद छात्रा को अपने से पिछले वाले बैच में पढ़ाई करने का निर्देश दिया गया। छात्रा के घरवालों का कहना है कि जब उसने पिछले बैच के साथ बैठकर परीक्षा दी तो इंटरनल नंबर कम कर फेल कर दिया गया, जिससे उसका कॅरिअर ही संकट में आ गया है।
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छात्रा पर मानसिक रोगी होने का लगा था आरोप
छात्रा के घरवालों का कहना है कि शुरुआत में उसे खूब परेशान किया गया। इस पर जब उसने तत्कालीन कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर से अपनी आपत्ति जताई तो ईडी ने छात्रा को मानसिक रोगी बताते हुए पुलिस बुला लिया। हालांकि, बाद में कई वरिष्ठ शिक्षकों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और एक सीनियर प्रोफेसर को उसका मेंटर नियुक्ति किया गया।

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वर्जन
यह प्रकरण संज्ञान में लाया गया है। छात्रा को किस कारण से परीक्षा से वंचित किया गया, इसकी जानकारी मांगी गई है। छात्रा का नुकसान न हो, इसका प्रयास किया जाएगा।

- प्रो. डॉ. अजय कुमार सिंह, कार्यकारी निदेशक, एम्स गोरखपुर
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