{"_id":"6709af05697916398d09c0f4","slug":"gorakhpur-news-aiims-now-patients-will-not-be-referred-from-trauma-center-doctors-duty-roster-ready-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-713376-2024-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"एम्स : ट्रामा सेंटर से अब रेफर नहीं होंगे मरीज, डॉक्टरों की ड्यूटी का रोस्टर तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एम्स : ट्रामा सेंटर से अब रेफर नहीं होंगे मरीज, डॉक्टरों की ड्यूटी का रोस्टर तैयार
विज्ञापन
गोरखपुर। एम्स के ट्रॉमा और इमरजेंसी (टीईएम) विभाग से अब मरीजों को रेफर नहीं किया जाएगा। बृहस्पतिवार को आए 125 में से 46 मरीजों को भर्ती किया गया। शेष मरीजों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दी गई। इसके अलावा व्यवस्था को नियमित बनाए रखने के लिए डॉक्टरों की ड्यूटी का रोस्टर तैयार हो गया है। अगले सप्ताह 30 बेड बढ़ाने के साथ ही डॉक्टरों का रोस्टर भी जारी कर दिया जाएगा। प्रत्येक शिफ्ट में एक सीनियर डॉक्टर, एक सीनियर रेजिडेंट व एक जूनियर रेजिडेंट की ड्यूटी रहेगी।
कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि आपातकालीन स्थिति में आने वाले सभी मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अथक प्रयास कर रहा है। आपातकालीन सेवाओं की महत्वपूर्ण प्रकृति को पहचानते हुए, टीम प्रतिक्रिया समय को अनुकूलित करने, रोगी प्रबंधन में सुधार करने और व्यापक देखभाल सुनिश्चित करने के लिए नवीन रणनीतियों को लागू किया जा रहा है। यह पहल आम लोगों के स्वास्थ्य देखभाल की जरूरतों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए है।
-- --
बेड नहीं होने पर सामान्य वार्ड में भर्ती होंगे मरीज
ट्रामा सेंटर की व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए कार्यकारी निदेशक प्रो. अजय सिंह की अध्यक्षता में ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें ट्रामा सेंटर के प्रभारी डॉ. गौरव गुप्ता ने व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी जूनियर और सीनियर रेजीडेंट की पोस्टिंग का रोस्टर तैयार कर लिया गया है और उन्हें अगले सप्ताह से ट्रॉमा इमरजेंसी विभाग में तैनात किया जाएगा। साथ ही प्री और पैरा-क्लिनिकल विभागों के संकायों को रोटेट किया जाएगा। इससे टीईएम में भर्ती मरीजों के इलाज में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि आपातकालीन स्थिति में आने वाले सभी मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अथक प्रयास कर रहा है। आपातकालीन सेवाओं की महत्वपूर्ण प्रकृति को पहचानते हुए, टीम प्रतिक्रिया समय को अनुकूलित करने, रोगी प्रबंधन में सुधार करने और व्यापक देखभाल सुनिश्चित करने के लिए नवीन रणनीतियों को लागू किया जा रहा है। यह पहल आम लोगों के स्वास्थ्य देखभाल की जरूरतों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए है।
विज्ञापन
बेड नहीं होने पर सामान्य वार्ड में भर्ती होंगे मरीज
ट्रामा सेंटर की व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए कार्यकारी निदेशक प्रो. अजय सिंह की अध्यक्षता में ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें ट्रामा सेंटर के प्रभारी डॉ. गौरव गुप्ता ने व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी जूनियर और सीनियर रेजीडेंट की पोस्टिंग का रोस्टर तैयार कर लिया गया है और उन्हें अगले सप्ताह से ट्रॉमा इमरजेंसी विभाग में तैनात किया जाएगा। साथ ही प्री और पैरा-क्लिनिकल विभागों के संकायों को रोटेट किया जाएगा। इससे टीईएम में भर्ती मरीजों के इलाज में मदद मिलेगी।
विज्ञापन