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एम्स : मरीज से दुर्व्यवहार की जांच करेगी तीन सदस्यीय कमेटी
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दो दिन में रिपोर्ट सौंपेगी कमेटी, इसके बाद होगी कार्रवाई
गोरखपुर। एम्स के हड्डी रोग विभाग में भर्ती मरीज के साथ नर्सिंग अधिकारी के दुर्व्यवहार की घटना के बाद एम्स प्रशासन ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी ने मामले की जांच भी शुरू कर दी है।
दो दिन पहले एम्स के हड्डी रोग विभाग के आईपीडी में भर्ती देवरिया निवासी अतुल तिवारी ने नर्सिंग अधिकारी पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया था। मामले की जांच के लिए एम्स प्रशासन ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है, जिसमें चीफ नर्सिंग ऑफिसर प्रो. रेनुका के, सहायक चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विकास श्रीवास्तव और हड्डी रोग विभाग के डॉ. सुधीर श्याम कुशवाहा शामिल हैं। इस बीच भर्ती मरीज से एम्स के अधिकारी समझौता करने के लिए गए थे लेकिन मरीज की पत्नी ने समझौता करने से मना कर दिया। इसके बाद भर्ती मरीज अतुल तिवारी को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। एम्स की मीडिया प्रभारी डॉ. आराधना सिंह ने बताया कि कमेटी को दो दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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नर्सिंग स्टाफ पर दुर्व्यवहार का आरोप
कुनराघाट की रहने वाली भारती जायसवाल ने स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में नर्सिंग स्टाफ पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। साथ ही सदर सांसद रविकिशन शुक्ल को पत्र भेजकर मामले की जानकारी दी है। भारती के अनुसार 19 मई को प्रसव पीड़ा के चलते उन्हें भर्ती किया गया था और 22 मई की रात ऑपरेशन से डिलीवरी हुई। उन्होंने वार्ड में एसी खराब होने की शिकायत की थी। आरोप लगाया कि इसके बाद नर्सों का व्यवहार बदल गया। बच्चे को पीलिया होने पर जब एनआईसीयू में भर्ती किया गया, तो आरोप है कि वहां मशीन बंद कर दी गई जिससे नवजात का शरीर ठंडा होने लगा। डॉक्टर के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सुधरी।
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गोरखपुर। एम्स के हड्डी रोग विभाग में भर्ती मरीज के साथ नर्सिंग अधिकारी के दुर्व्यवहार की घटना के बाद एम्स प्रशासन ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी ने मामले की जांच भी शुरू कर दी है।
दो दिन पहले एम्स के हड्डी रोग विभाग के आईपीडी में भर्ती देवरिया निवासी अतुल तिवारी ने नर्सिंग अधिकारी पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया था। मामले की जांच के लिए एम्स प्रशासन ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है, जिसमें चीफ नर्सिंग ऑफिसर प्रो. रेनुका के, सहायक चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विकास श्रीवास्तव और हड्डी रोग विभाग के डॉ. सुधीर श्याम कुशवाहा शामिल हैं। इस बीच भर्ती मरीज से एम्स के अधिकारी समझौता करने के लिए गए थे लेकिन मरीज की पत्नी ने समझौता करने से मना कर दिया। इसके बाद भर्ती मरीज अतुल तिवारी को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। एम्स की मीडिया प्रभारी डॉ. आराधना सिंह ने बताया कि कमेटी को दो दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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नर्सिंग स्टाफ पर दुर्व्यवहार का आरोप
कुनराघाट की रहने वाली भारती जायसवाल ने स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में नर्सिंग स्टाफ पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। साथ ही सदर सांसद रविकिशन शुक्ल को पत्र भेजकर मामले की जानकारी दी है। भारती के अनुसार 19 मई को प्रसव पीड़ा के चलते उन्हें भर्ती किया गया था और 22 मई की रात ऑपरेशन से डिलीवरी हुई। उन्होंने वार्ड में एसी खराब होने की शिकायत की थी। आरोप लगाया कि इसके बाद नर्सों का व्यवहार बदल गया। बच्चे को पीलिया होने पर जब एनआईसीयू में भर्ती किया गया, तो आरोप है कि वहां मशीन बंद कर दी गई जिससे नवजात का शरीर ठंडा होने लगा। डॉक्टर के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सुधरी।
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