फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur News: After the murder, smugglers Zubair and Wahab reached the village, but fled after seeing the situation.

Gorakhpur News: हत्या के बाद गांव में पहुंचे थे तस्कर जुबैर व वहाब, माहौल देख भाग गए

Wed, 24 Sep 2025 02:18 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 24 Sep 2025 02:18 AM IST
विज्ञापन
Gorakhpur News: After the murder, smugglers Zubair and Wahab reached the village, but fled after seeing the situation.
पिपराइच कांड : रामपुर निवासी जुबैर का पार्टनर हैं गोंडा का वांटेड वहाब, तलाश में जुटी एसटीएफ
विज्ञापन

छह माह पहले गोंडा में हुए मुठभेड़ के दौरान चालक को लगी थी गोली, भाग गया था वहाब
गोरखपुर। पिपराइच इलाके में छात्र दीपक गुप्ता हत्याकांड की जांच एसटीएफ ने तेज कर दी है। जांच में पता चला कि रामपुर के शहर कोतवाली के मोहल्ला घेर मर्दान खां निवासी जुबैर का गोंडा जिले के वांटेड अपराधी वहाब से गहरा रिश्ता है। दोनों को पुलिस लंबे समय से अंतरराज्यीय पशु तस्करी नेटवर्क का सरगना मानती रही है। एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, दीपक की हत्या के बाद पकड़े गए तस्कर की जानकारी लेने जुबैर और वहाब मौके पर पहुंचे थे। गांव में गुस्से का माहौल देखने के बाद वहां से भाग गए थे।
एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, जुबैर और वहाब सिर्फ गोरखपुर ही नहीं, बल्कि गोंडा, बहराइच, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर से लेकर बिहार तक फैले पशु तस्करी के गढ़ में सक्रिय रहे हैं। मूलरूप से संतकबीरनगर के रहने वाले वहाब की छह माह पहले गोंडा में पुलिस से मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ में वहाब के चालक के पैर में गोली लगी थी, लेकिन वह खुद मौके से भाग निकला था। तभी से पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
विज्ञापन

वहीं, जुबैर आठ साल से पशु तस्करी में लिप्त है। पिछले साल सितंबर माह में वह पहली बार चर्चा में आया जब उसने बलरामपुर जिले के तुलसीपुर में पशु तस्करी का विरोध करने पर दो सिपाहियों के सिर पर डंडे से हमला कर लहूलुहान कर दिया था। इसके बाद उसपर 50 हजार का इनाम घोषित किया था। हालांकि एसटीएफ ने छह माह पहले उसे शहजादनगर थानाक्षेत्र से मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

सूत्रों के अनुसार, जेल से छूटने के बाद वह दोबारा पशु तस्करी के धंधे में लिप्त हो गया। पिपराइच में छात्र दीपक गुप्ता की हत्या में भी दोनों का नाम एक बार फिर सामने आ गया। इसके बाद से एसटीएफ उसकी तलाश में जुट गई है। अब दोनों की गिरफ्तार के लिए डीआईजी एस चनप्पा ने एक-एक लाख रुपये का इनाम रखा है।

माहौल भांपने गांव पहुंचे थे
एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात के दिन जुबैर और वहाब सक्रिय रूप से घटनास्थल के इर्द-गिर्द घूमते रहे। हत्या के बाद माहौल भांपने के लिए गांव पहुंचना यह दर्शाता है कि वे किसी बड़े तंत्र की सुरक्षा में हैं। यही वजह है कि क्षेत्रीय पुलिस की कार्रवाई अब एसटीएफ और अन्य एजेंसियों की निगरानी में लाई गई है। सूत्रों के अनुसार जुबैर और वहाब का पशु तस्करी का अंतरराज्यीय नेटवर्क इतना गहरा है कि इसमें नेपाल सीमा तक के संपर्क शामिल हैं। यही कारण है कि पुलिस की कई कार्रवाई के बावजूद दोनों हर बार बचते रहे। इस बार दीपक हत्याकांड ने पूरे नेटवर्क को कानून की पकड़ में लाने की चुनौती खड़ी कर दी है।

---
पुलिस और एसटीएफ ने तेज की दबिश
दीपक के चाचा सुरेंद्र का कहना है कि तस्करों का आतंक इतना गहरा है कि आसपास के लोग खुलकर विरोध नहीं कर पाते। दीपक ने हिम्मत दिखाई और लगातार आवाज उठाई लेकिन उसकी कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि जुबैर और वहाब को गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। फिलहाल, एसटीएफ ने केस की कमान संभाल ली है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई अहम गिरफ्तारियां हो सकती हैं। वहीं पुलिस और एसटीएफ जुबैर और वहाब के नेटवर्क की तह तक जाने के लिए दबिश तेज कर चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed