{"_id":"672fc905ff8a4081b9037319","slug":"gorakhpur-news-after-chhath-festival-increased-crowd-of-passengers-in-trains-and-buses-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-741617-2024-11-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: छठ पर्व के बाद ट्रेनों और बसों में यात्रियों की बढ़ी भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: छठ पर्व के बाद ट्रेनों और बसों में यात्रियों की बढ़ी भीड़
विज्ञापन
गोरखपुर। छठ पर्व के बाद रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ दिख रही है। पूरे दिन ट्रेनों और बसों से यात्रियों की आवाजाही जारी है। छठ पर्व पर यात्रियों की संख्या के मद्देनजर रेलवे स्टेशन से रोडवेज बस स्टेशन तक कतारों में खड़ी मेरठ, सहारनपुर आदि डिपों की बसें पूरे दिन यात्रियों को ढोती रहीं। लोकल रूटों के बसों में भी यात्रियों की भीड़ देखी जा रही है।
रेलवे प्रशाासन ने बड़ी संख्या में पूजा स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रहा है। दीपावली और छठ पर्व के समाप्त होते ही रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। कटिहार से अमृतसर जाने वाली आम्रपाली एक्सप्रेस में यात्रियों की खास भीड़ दिखी। रेलवे द्वारा वेटिंग टिकट न दिये जाने के कारण बहुत से यात्रियों को जनरल डिब्बे के भीड़ के बीच यात्रा करनी पड़ रही है। आठ नंबर प्लेटफार्म से गोरखपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनल जाने वाली ट्रेन के जनरल बोगी में भीड़ के बीच खड़े रवि मौर्या का कहना था कि काम पर जाना जरूरी है। आरक्षित टिकट न मिलने के कारण जनरल बोगी में यात्रा करनी पड़ रही है। दिल्ली और मुम्बई के रूटों पर चलने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या ज्यादा देखी गई।
रोडवेज बस स्टेशन, कचहरी बस स्टेशन, नौसढ़ बस स्टेशन समेत अन्य बस स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ देखी गयी। सबसे अधिक देवरिया, तमकूही, पडरौना, हाटा, कसया, कुशीनगर, महराजगंज, निचलौल, सोनौली रूट की बसों में भीड़ दिखी। यात्रियों की भीड़ बढ़ने से प्रइवेट बसों और टैम्पो, आटो रिक्शा वालों की चांदी रही। मौके का लाभ उठाते हुए प्रइवेट बस चालकों ने यात्रियों से मनमाना किराया वसूला। एक यात्री के मुताबिक दिल्ली जाने के लिए प्राइवेट बस में तीन हजार रुपये की मांग की गई। ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा वालों ने भी यात्रियों से मनमाना किराया वसूला।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
- रोडवेज स्टेशन पर लगे बाहर के डिपो के सौ से अधिक बस
छठ पर्व को देखते हुए रोडवेज प्रशासन ने बसों की पर्याप्त व्यवस्था कर ली थी। इसके अलावा मेरठ, सोहराबगढ़, लोनी, हापुड़, दिल्ली, कानपुर, सहारनपुर डिपों की बसों में भी यात्री बैठते दिखे। बाहर की डिपो की सौ से अधिक बसें रेलवे स्टेशन से रोडवेज बस स्टेशन तक कतारों में नजर आयीं। ये बसें बाहर के यात्रियों को लेकर रवाना होती रहीं।
-- -- -- -- -- -- -- --
मुम्बई जाना है। छठ पर्व पर घर आए थे। इस बार आरक्षण मिल गया है। उम्मीद थी की ट्रेन में बहुत भीड़ होगी लेकिन अभी आरक्षित डिब्बे में बहुत भीड़ नहीं है। ट्रेन छूटने में अभी समय है यात्री आते होंगे। लेकिन ट्रेन की बोगी में गंदगी से लगा रहा है कि ट्रेन में साफ-सफाई ठीक से नहीं की जा रही है।
- गुलाम टिबडिया, रेल यात्री
-- -- -- -- -- -- -- -- -
दिवाली पर घर आया था। मुम्बई में जॉब करता हूं। रेलवे स्टेशन की व्यवस्था ठीक दिखी। यात्रियों के पानी के लिए स्टाल लगाया गया है। चिकित्सा शिविर भी लगा है। लेकिन ट्रेन बोगी में बैठा तो सफाई का अभाव दिखा। सफाई पर रेलवे प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
- इन्द्र प्रकाश, रेल यात्री
-- -- -- -- -- -- -- -
देवरिया जाने के लिए बस पकड़ने आयी हूूं। अभी एक बस निकला है। भीड़ बहुत अधिक थी। बैठने के लिए सीट नहीं था। अब दूसरी बस लगी है उसी में बैठने जा रही हूं। यात्री बहुत हैं बस जल्दी भर जा रहा है।
- राजमती, बस यात्री
-- -- -- -- -- -- --
हाटा जाना है, बस खड़ी है। यात्रियों के लिए बस तो बहुत है लेकिन ज्यादातर बाहर वाली गाड़ियां हैं। बस स्टेशन पर साफ-सफाई का अभाव है। शौचालय में गंदगी अधिक है। स्टेशन पर भी जगह-जगह कूड़ा दिख रहा है।
- तारकेश्वर गुप्ता, बस यात्री
-- -- -- -- -- -- -- --
विज्ञापन
रेलवे प्रशाासन ने बड़ी संख्या में पूजा स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रहा है। दीपावली और छठ पर्व के समाप्त होते ही रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। कटिहार से अमृतसर जाने वाली आम्रपाली एक्सप्रेस में यात्रियों की खास भीड़ दिखी। रेलवे द्वारा वेटिंग टिकट न दिये जाने के कारण बहुत से यात्रियों को जनरल डिब्बे के भीड़ के बीच यात्रा करनी पड़ रही है। आठ नंबर प्लेटफार्म से गोरखपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनल जाने वाली ट्रेन के जनरल बोगी में भीड़ के बीच खड़े रवि मौर्या का कहना था कि काम पर जाना जरूरी है। आरक्षित टिकट न मिलने के कारण जनरल बोगी में यात्रा करनी पड़ रही है। दिल्ली और मुम्बई के रूटों पर चलने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या ज्यादा देखी गई।
विज्ञापन
रोडवेज बस स्टेशन, कचहरी बस स्टेशन, नौसढ़ बस स्टेशन समेत अन्य बस स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ देखी गयी। सबसे अधिक देवरिया, तमकूही, पडरौना, हाटा, कसया, कुशीनगर, महराजगंज, निचलौल, सोनौली रूट की बसों में भीड़ दिखी। यात्रियों की भीड़ बढ़ने से प्रइवेट बसों और टैम्पो, आटो रिक्शा वालों की चांदी रही। मौके का लाभ उठाते हुए प्रइवेट बस चालकों ने यात्रियों से मनमाना किराया वसूला। एक यात्री के मुताबिक दिल्ली जाने के लिए प्राइवेट बस में तीन हजार रुपये की मांग की गई। ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा वालों ने भी यात्रियों से मनमाना किराया वसूला।
विज्ञापन
- रोडवेज स्टेशन पर लगे बाहर के डिपो के सौ से अधिक बस
छठ पर्व को देखते हुए रोडवेज प्रशासन ने बसों की पर्याप्त व्यवस्था कर ली थी। इसके अलावा मेरठ, सोहराबगढ़, लोनी, हापुड़, दिल्ली, कानपुर, सहारनपुर डिपों की बसों में भी यात्री बैठते दिखे। बाहर की डिपो की सौ से अधिक बसें रेलवे स्टेशन से रोडवेज बस स्टेशन तक कतारों में नजर आयीं। ये बसें बाहर के यात्रियों को लेकर रवाना होती रहीं।
मुम्बई जाना है। छठ पर्व पर घर आए थे। इस बार आरक्षण मिल गया है। उम्मीद थी की ट्रेन में बहुत भीड़ होगी लेकिन अभी आरक्षित डिब्बे में बहुत भीड़ नहीं है। ट्रेन छूटने में अभी समय है यात्री आते होंगे। लेकिन ट्रेन की बोगी में गंदगी से लगा रहा है कि ट्रेन में साफ-सफाई ठीक से नहीं की जा रही है।
- गुलाम टिबडिया, रेल यात्री
दिवाली पर घर आया था। मुम्बई में जॉब करता हूं। रेलवे स्टेशन की व्यवस्था ठीक दिखी। यात्रियों के पानी के लिए स्टाल लगाया गया है। चिकित्सा शिविर भी लगा है। लेकिन ट्रेन बोगी में बैठा तो सफाई का अभाव दिखा। सफाई पर रेलवे प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
- इन्द्र प्रकाश, रेल यात्री
देवरिया जाने के लिए बस पकड़ने आयी हूूं। अभी एक बस निकला है। भीड़ बहुत अधिक थी। बैठने के लिए सीट नहीं था। अब दूसरी बस लगी है उसी में बैठने जा रही हूं। यात्री बहुत हैं बस जल्दी भर जा रहा है।
- राजमती, बस यात्री
हाटा जाना है, बस खड़ी है। यात्रियों के लिए बस तो बहुत है लेकिन ज्यादातर बाहर वाली गाड़ियां हैं। बस स्टेशन पर साफ-सफाई का अभाव है। शौचालय में गंदगी अधिक है। स्टेशन पर भी जगह-जगह कूड़ा दिख रहा है।
- तारकेश्वर गुप्ता, बस यात्री