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Gorakhpur News: डीडीयू में लंबे समय बाद असिस्टेंट प्रोफेसर्स को आवंटित हुए आवास
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प्रोफेसरों ने नहीं दिखाई रुचि तो किया गया आवंटन
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में लंबे समय बाद असिस्टेंट प्रोफेसर्स को आवासों का आवंटन किया गया है। नए आवंटन में कुल 20 असिस्टेंट प्रोफेसर्स को आवास मिले हैं। तृतीय श्रेणी के 17 और चतुर्थ श्रेणी के सात कर्मचारियों को भी आवास आवंटित किए गए हैं।
डीडीयू में शिक्षकों और कर्मचारियों के आवासों की हालत खस्ता है। बिजली-पानी की समस्या तो रहती ही है, लंबे समय से आवासों का मेनटेनेंस भी नहीं हुआ। इसे देखते हुए कैंपस के आवासों को लेकर बड़ी संख्या में वरिष्ठ शिक्षकों का मोहभंग हुआ है। इसके अलावा कुछ शिक्षक सेवानिवृत्त भी हुए हैं। कई शिक्षक पिछले कुछ वर्षों से आवास के लिए नियमित रूप से आवेदन कर रहे थे।
डीडीयू में बंगले अक्सर प्रोफेसर्स को ही आवंटित किए जाते हैं। बताया जा रहा है कि खस्ता हाल आवासों के कारण नए आवंटन में किसी प्रोफेसर ने कैंपस के बंगले में रहने में रुचि नहीं दिखाई। इसे देखते हुए कई असिस्टेंट प्रोफेसर्स को प्रोफेसरों के बंगले आवंटित कर दिए गए हैं।
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वर्जन
आवासों की उपलब्धता के आधार पर आवंटन किए गए हैं। जो आवास रिक्त हैं, वहां शिक्षक-कर्मचारी तत्काल शिफ्ट हो सकते हैं। आवासों को दुरुस्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- प्रो. शांतनु रस्तोगी, प्रति कुलपति, डीडीयू
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में लंबे समय बाद असिस्टेंट प्रोफेसर्स को आवासों का आवंटन किया गया है। नए आवंटन में कुल 20 असिस्टेंट प्रोफेसर्स को आवास मिले हैं। तृतीय श्रेणी के 17 और चतुर्थ श्रेणी के सात कर्मचारियों को भी आवास आवंटित किए गए हैं।
डीडीयू में शिक्षकों और कर्मचारियों के आवासों की हालत खस्ता है। बिजली-पानी की समस्या तो रहती ही है, लंबे समय से आवासों का मेनटेनेंस भी नहीं हुआ। इसे देखते हुए कैंपस के आवासों को लेकर बड़ी संख्या में वरिष्ठ शिक्षकों का मोहभंग हुआ है। इसके अलावा कुछ शिक्षक सेवानिवृत्त भी हुए हैं। कई शिक्षक पिछले कुछ वर्षों से आवास के लिए नियमित रूप से आवेदन कर रहे थे।
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डीडीयू में बंगले अक्सर प्रोफेसर्स को ही आवंटित किए जाते हैं। बताया जा रहा है कि खस्ता हाल आवासों के कारण नए आवंटन में किसी प्रोफेसर ने कैंपस के बंगले में रहने में रुचि नहीं दिखाई। इसे देखते हुए कई असिस्टेंट प्रोफेसर्स को प्रोफेसरों के बंगले आवंटित कर दिए गए हैं।
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वर्जन
आवासों की उपलब्धता के आधार पर आवंटन किए गए हैं। जो आवास रिक्त हैं, वहां शिक्षक-कर्मचारी तत्काल शिफ्ट हो सकते हैं। आवासों को दुरुस्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- प्रो. शांतनु रस्तोगी, प्रति कुलपति, डीडीयू