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Gorakhpur News: अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ा
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गोरखपुर। छठ महापर्व के तीसरे दिन बृहस्पतिवार को शहर के गाेरखनाथ मंदिर स्थित भीम सरोवर, मानसरोवर, राप्ती तट, सूर्यकुंड धाम, रामगढ़ताल सहित विभिन्न सरोवरों से साथ गली-मोहल्लों में बने छठ घाटाें पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। निर्जल व्रती महिलाएं पूरे परिवार के साथ नंगे पैर छठ माता के मंगल गीत गाती हुई घाट पहुंचीं। कांच ही बांस के बहंगिया...बहंगी लचकत जाए..गीत गूंज रहे थे। कुछ श्रद्धालु बैंड बाजे के साथ तो कुछ लेट कर छठ घाट पहुंचे। छठ माता की पूजा-अर्चना करने के बाद पानी में उतर कर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर संतान के मंगल की कामना की। शुक्रवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य सुबह 6 बजकर 32 मिनट पर दिया जाएगा।
राप्ती तट पर दोपहर बाद से ही मेले जैसा माहौल हो गया। रामघाट व गुरु गोरक्षनाथ घाट पर दोपहर लगभग 2:30 बजे से ही श्रद्धालुओं का घाट पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सोलह श्रृंगार कर व्रती महिलाएं हाथ में लोटे में जल व उस पर दीपक जलाकर मंगल गीत गाती हुई घाट पहुंच रही थीं। लगभग तीन घंटे तक श्रद्धालुओं के घाट पर पहुंचने का सिलसिला चलता रहा। बहुत से श्रद्धालु बैंड बाजे के साथ चल रहे थे। श्रद्धालुओं के लेट कर जाने का दृश्य भी देखने को मिला। रामघाट व गुरु गोरक्षनाथ घाट दोनों को सजा दिया गया था। इधर समाज सेवी संस्थाओं ने श्रद्धालुओं के चाय पीने की भी व्यवस्था कर रखी थी। शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया। यहां मशीन के सहयोग से श्रद्धालु सेल्फी वीडियो भी बना रहे थे। रंगोली लोगाें का मन मोह रही थी। घाट को सजाया गया था।
सूर्यकुंड धाम पर पर भी आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। दोपहर बाद घाट पर निर्जल व्रती महिलाएं पहुंची। मंगल गीत गाते हुए छठ माता की विधि पूर्वक पूजा-अर्चना की व डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। भीड़ इतनी थी कि घाट पर पैर रखने की जगह के लिए भी मशक्कत करनी पड़ी। यहां लगे मेले में लोगों ने खरीददारी भी की। सूर्यकुंड धाम विकास समिति की ओर से यहां छठ माता की महा आरती की गई व 55 सौ पर्यावरण दीप जलाकर 6300 लोगों ने पर्यावरण मित्र बन संरक्षण का संकल्प भी लिया। पूरा परिसर भक्ति से सराबोर रहा।
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गोरखनाथ मंदिर के भीम सरोवर पर श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त इंतजाम थे। दोपहर बाद ही लोग अपने परिवार के साथ छठ घाट पहुंचते रहे। महिलाओं ने छठ माता की पूजा-अर्चना की। अर्घ्य देने के बाद भी रातभर सरोवर तट पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा रहा। माहौल खिचड़ी मेले जैसा लग रहा था। इसके साथ ही रामगढ़ताल में भी श्रद्धालुओं ने बेदी बनाकर छठ पूजा की। इस दौरान सदर सांसद रवि किशन ने भी डाला को सिर पर रखा और घाट पर पहुंच कर पूजा-अर्चना की।
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मनौती: लेट कर घाट पर पहुंचे श्रद्धालु
ट्रांसपोर्ट नगर के रहने वाले गौरव लेट कर घाट पर जा रहे थे। उनका कहना था कि बहन को बच्चा नहीं हो रहा था। इसको लेकर छठ माता से मनौती थी। माता ने तीन साल पहले मनौती पूरी कर दी। तीन साल से हम ऐसे ही घाट पर जा रहे हैं। दो साल और जाएंगे। पांच साल की मनौती है। तुर्कमानपुर की रहने वाली शकुंतला देवी लेट कर घाट पर जा रही थीं। उनका कहना था कि बच्चा हमारा एक परेशानियों में फंसा था। छठ माता से मनौती के बाद उसे राहत मिली है। इस कारण हम पहला साल लेट कर घाट पर जा रही हैं। इसी तरह चार साल और छठ घाट जाएंगी। इसी के साथ ही बेतियाहाता के रिपुंजन, चंपारन के सुमित व गुड़िया सोनी भी लेट कर राप्ती तट पर पहुंचे। सभी की मनौतियां पूरी हो गई हैं।
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समाज सेवियों ने श्रद्धालुओं को चाय पिला कर की सेवा
राप्ती तट के गुरु गोरक्षनाथ घाट पर समाज सेवा करने वाले भी आगे रहे। इसमें खुर्रमपुर के उमा शंकर परिवार सहित स्टॉल लगाकर श्रद्धालुओं को चाय व नमकीन मुफ्त में दे रहे थे। उनका कहना था कि वह गोला के निवासी हैं। चार साल से छठ पर्व पर यहां श्रद्धालुओं को चाय नमकीन देकर सेवा करते हैं।
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पूर्व महापौर ने परिजनों संग दिया भगवान भास्कर को अर्घ्य
गोरखपुर। छठ पर्व के तीसरे दिन शाम को रामघाट पर पूर्व महापौर सीताराम जायसवाल व देवमुन्ना देवी ने लोक कल्याण की मंगलकामना के साथ भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया। इस अवसर पर अनिल जायसवाल, संजय जायसवाल, अजय जायसवाल, डॉ मनोज जायसवाल, प्रीति जायसवाल, मीना जायसवाल, कविता जायसवाल, डॉ सिंपी जायसवाल, नीलू जायसवाल, खुशबू जायसवाल, प्रिंस जायसवाल, दृष्टि जायसवाल, चक्रिका जायसवाल, अंशु जायसवाल समेत परिवार के समस्त लोग उपस्थित रहे।
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सांसद रवि किशन शुक्ला ने दी छठ की शुभकामना
छठ महापर्व के पावन अवसर पर सदर सांसद और प्रसिद्ध अभिनेता रवि किशन शुक्ला ने गोरखपुर वासियों सहित प्रदेश और देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए पर्व का महत्व रेखांकित किया। गोरखनाथ मंदिर और रामघाट पहुंचकर उन्होंने श्रद्धालुओं संग परंपरागत तरीके से भगवान सूर्य की उपासना की, जिससे समूचे माहौल में विशेष उत्सव की झलक दिखाई दी। गोरखनाथ मंदिर में छठ पर्व के दौरान श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। पूजा-अर्चना कर सूर्य देवता के सामने नतमस्तक होते हुए रवि किशन ने आशीर्वाद लिया और छठ पर्व की महत्ता पर विचार साझा किए। रवि किशन शुक्ला ने इस अवसर पर कहा, छठ महापर्व भारतीय संस्कृति का प्रतीक है, जो आस्था, प्रकृति और पर्यावरण के प्रति आदर और प्रेम को दर्शाता है।
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मनोज मिश्र मिहिर के भजनों पर झूमे श्रोता
सूर्यकुंड धाम परिसर में भोजपुरी गायक व नायक मनोज मिश्र मिहिर ने छठ मैया के भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को छठमय कर दिया। केरवा जे फरेला घवद से.. गाकर मिहिर लोगों के दिलों में उतर गए। इसके बाद मिहिर ने आज सूरजकुंड धमवा बड़ा नीक लागे हो.., छठी मैया के दुवरिया लुभावन लागे.., अरे-अरे मैया छठ मैया हो रउरा अर्जी करत बानी हो.., छठी मैया के लाली रे चुनरिया..,फलवा मंगवली शहर से.., अइसन मनोहर मंगल मूरत..,आदि गाकर लोगों को झूमने नाचने पर मजबूर कर दिया। इसके साथ ही राप्ती तट पर
गुरु गोरक्षनाथ घाट पर सूरज मिश्रा व्यास ने भी छठ माता के मंगल गीत गाए। गीतों पर श्रद्धालु झूमते रहे। इसमे सदर सांसद रवि किशन भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने भी गीत गाया।
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भूले भटके लोगाें के लिए होता रहा एनाउंसमेंट
राप्ती तट पर पूर्व पार्षद रविंद्र निषाद की ओर से स्टॉल लगाया गया था जिसमें भूले भटके लोगों को उनके परिवार से मिलवाने के लिए एनाउंसमेंट किया जा रहा था। इसमें एक छोटा बच्चा चिंटू खो गया था, उसे परिवार से मिलावाया गया।
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राप्ती तट पर दोपहर बाद से ही मेले जैसा माहौल हो गया। रामघाट व गुरु गोरक्षनाथ घाट पर दोपहर लगभग 2:30 बजे से ही श्रद्धालुओं का घाट पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सोलह श्रृंगार कर व्रती महिलाएं हाथ में लोटे में जल व उस पर दीपक जलाकर मंगल गीत गाती हुई घाट पहुंच रही थीं। लगभग तीन घंटे तक श्रद्धालुओं के घाट पर पहुंचने का सिलसिला चलता रहा। बहुत से श्रद्धालु बैंड बाजे के साथ चल रहे थे। श्रद्धालुओं के लेट कर जाने का दृश्य भी देखने को मिला। रामघाट व गुरु गोरक्षनाथ घाट दोनों को सजा दिया गया था। इधर समाज सेवी संस्थाओं ने श्रद्धालुओं के चाय पीने की भी व्यवस्था कर रखी थी। शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया। यहां मशीन के सहयोग से श्रद्धालु सेल्फी वीडियो भी बना रहे थे। रंगोली लोगाें का मन मोह रही थी। घाट को सजाया गया था।
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सूर्यकुंड धाम पर पर भी आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। दोपहर बाद घाट पर निर्जल व्रती महिलाएं पहुंची। मंगल गीत गाते हुए छठ माता की विधि पूर्वक पूजा-अर्चना की व डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। भीड़ इतनी थी कि घाट पर पैर रखने की जगह के लिए भी मशक्कत करनी पड़ी। यहां लगे मेले में लोगों ने खरीददारी भी की। सूर्यकुंड धाम विकास समिति की ओर से यहां छठ माता की महा आरती की गई व 55 सौ पर्यावरण दीप जलाकर 6300 लोगों ने पर्यावरण मित्र बन संरक्षण का संकल्प भी लिया। पूरा परिसर भक्ति से सराबोर रहा।
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गोरखनाथ मंदिर के भीम सरोवर पर श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त इंतजाम थे। दोपहर बाद ही लोग अपने परिवार के साथ छठ घाट पहुंचते रहे। महिलाओं ने छठ माता की पूजा-अर्चना की। अर्घ्य देने के बाद भी रातभर सरोवर तट पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा रहा। माहौल खिचड़ी मेले जैसा लग रहा था। इसके साथ ही रामगढ़ताल में भी श्रद्धालुओं ने बेदी बनाकर छठ पूजा की। इस दौरान सदर सांसद रवि किशन ने भी डाला को सिर पर रखा और घाट पर पहुंच कर पूजा-अर्चना की।
मनौती: लेट कर घाट पर पहुंचे श्रद्धालु
ट्रांसपोर्ट नगर के रहने वाले गौरव लेट कर घाट पर जा रहे थे। उनका कहना था कि बहन को बच्चा नहीं हो रहा था। इसको लेकर छठ माता से मनौती थी। माता ने तीन साल पहले मनौती पूरी कर दी। तीन साल से हम ऐसे ही घाट पर जा रहे हैं। दो साल और जाएंगे। पांच साल की मनौती है। तुर्कमानपुर की रहने वाली शकुंतला देवी लेट कर घाट पर जा रही थीं। उनका कहना था कि बच्चा हमारा एक परेशानियों में फंसा था। छठ माता से मनौती के बाद उसे राहत मिली है। इस कारण हम पहला साल लेट कर घाट पर जा रही हैं। इसी तरह चार साल और छठ घाट जाएंगी। इसी के साथ ही बेतियाहाता के रिपुंजन, चंपारन के सुमित व गुड़िया सोनी भी लेट कर राप्ती तट पर पहुंचे। सभी की मनौतियां पूरी हो गई हैं।
समाज सेवियों ने श्रद्धालुओं को चाय पिला कर की सेवा
राप्ती तट के गुरु गोरक्षनाथ घाट पर समाज सेवा करने वाले भी आगे रहे। इसमें खुर्रमपुर के उमा शंकर परिवार सहित स्टॉल लगाकर श्रद्धालुओं को चाय व नमकीन मुफ्त में दे रहे थे। उनका कहना था कि वह गोला के निवासी हैं। चार साल से छठ पर्व पर यहां श्रद्धालुओं को चाय नमकीन देकर सेवा करते हैं।
पूर्व महापौर ने परिजनों संग दिया भगवान भास्कर को अर्घ्य
गोरखपुर। छठ पर्व के तीसरे दिन शाम को रामघाट पर पूर्व महापौर सीताराम जायसवाल व देवमुन्ना देवी ने लोक कल्याण की मंगलकामना के साथ भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया। इस अवसर पर अनिल जायसवाल, संजय जायसवाल, अजय जायसवाल, डॉ मनोज जायसवाल, प्रीति जायसवाल, मीना जायसवाल, कविता जायसवाल, डॉ सिंपी जायसवाल, नीलू जायसवाल, खुशबू जायसवाल, प्रिंस जायसवाल, दृष्टि जायसवाल, चक्रिका जायसवाल, अंशु जायसवाल समेत परिवार के समस्त लोग उपस्थित रहे।
सांसद रवि किशन शुक्ला ने दी छठ की शुभकामना
छठ महापर्व के पावन अवसर पर सदर सांसद और प्रसिद्ध अभिनेता रवि किशन शुक्ला ने गोरखपुर वासियों सहित प्रदेश और देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए पर्व का महत्व रेखांकित किया। गोरखनाथ मंदिर और रामघाट पहुंचकर उन्होंने श्रद्धालुओं संग परंपरागत तरीके से भगवान सूर्य की उपासना की, जिससे समूचे माहौल में विशेष उत्सव की झलक दिखाई दी। गोरखनाथ मंदिर में छठ पर्व के दौरान श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। पूजा-अर्चना कर सूर्य देवता के सामने नतमस्तक होते हुए रवि किशन ने आशीर्वाद लिया और छठ पर्व की महत्ता पर विचार साझा किए। रवि किशन शुक्ला ने इस अवसर पर कहा, छठ महापर्व भारतीय संस्कृति का प्रतीक है, जो आस्था, प्रकृति और पर्यावरण के प्रति आदर और प्रेम को दर्शाता है।
मनोज मिश्र मिहिर के भजनों पर झूमे श्रोता
सूर्यकुंड धाम परिसर में भोजपुरी गायक व नायक मनोज मिश्र मिहिर ने छठ मैया के भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को छठमय कर दिया। केरवा जे फरेला घवद से.. गाकर मिहिर लोगों के दिलों में उतर गए। इसके बाद मिहिर ने आज सूरजकुंड धमवा बड़ा नीक लागे हो.., छठी मैया के दुवरिया लुभावन लागे.., अरे-अरे मैया छठ मैया हो रउरा अर्जी करत बानी हो.., छठी मैया के लाली रे चुनरिया..,फलवा मंगवली शहर से.., अइसन मनोहर मंगल मूरत..,आदि गाकर लोगों को झूमने नाचने पर मजबूर कर दिया। इसके साथ ही राप्ती तट पर
गुरु गोरक्षनाथ घाट पर सूरज मिश्रा व्यास ने भी छठ माता के मंगल गीत गाए। गीतों पर श्रद्धालु झूमते रहे। इसमे सदर सांसद रवि किशन भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने भी गीत गाया।
भूले भटके लोगाें के लिए होता रहा एनाउंसमेंट
राप्ती तट पर पूर्व पार्षद रविंद्र निषाद की ओर से स्टॉल लगाया गया था जिसमें भूले भटके लोगों को उनके परिवार से मिलवाने के लिए एनाउंसमेंट किया जा रहा था। इसमें एक छोटा बच्चा चिंटू खो गया था, उसे परिवार से मिलावाया गया।