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Gorakhpur News: स्वर्ण पदकों पर 74 प्रतिशत बेटियों का कब्जा, 161 में से 119 झटके
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गोरखपुर विश्वविद्यालय के 44 वां दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के साथ
डीडीयू का 44वां दीक्षांत समारोह संपन्न, 76 मेधावियों को मिले 161 पदक, 73887 विद्यार्थियों को डिग्री
301 शोधार्थियों को मिली पीएचडी की उपाधि, कैंपस के 7711 छात्र-छात्राओं को मिली डिग्री
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह सोमवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में हुआ। इसमें 73,887 छात्र-छात्राओं को डिग्री और 301 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि कुलाधिपति आनंदीबेन की ओर से प्रदान की गई। इस बार भी स्वर्ण पदकों पर बेटियों का दबदबा दिखा। कुल 76 स्वर्ण पदक पाने वाले विद्यार्थियों में 56 छात्राएं थीं। छात्राओं ने 161 में से कुल 119 पदक जीते।
दीक्षांत समारोह में 76 मेधावियों को कुलाधिपति ने स्वर्ण पदक प्रदान किए। इनमें 73.68 प्रतिशत छात्राएं और 26.32 प्रतिशत छात्र शामिल थे। इस बार कुल 71 और 90 स्मृति स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। कुलाधिपति ने बटन दबाकर डिजीलॉकर पर 73,887 डिग्रियां समाहित की। डीडीयू परिसर के कुल 7,711 छात्र-छात्राओं ने इस साल यूजी और पीजी की परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं। इसी तरह कॉलेजों के 66,176 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी।
इस वर्ष कुल 50,636 छात्राओं (68.53 प्रतिशत) और 23,251 छात्रों (31.47 प्रतिशत) को डिग्रियां प्रदान की जा रही हैं। इस वर्ष कला संकाय के 117, विज्ञान संकाय के 99, वाणिज्य संकाय के 35, शिक्षा संकाय के 31, विधि संकाय के 11 और कृषि संकाय के 8 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। समारोह से पूर्व विद्वत पदयात्रा निकाली गई, जो ज्ञान और परंपरा के प्रतीक के रूप में आयोजित हुई। संचालन डॉ. तूलिका मिश्रा ने किया।
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पांच शिक्षकों को टीचर्स एक्सीलेंस अवार्ड
कुलाधिपति ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पांच शिक्षकों को टीचर्स एक्सीलेंस अवार्ड प्रदान किया। इनमें बायोटेक्नोलॉजी के प्रो. दिनेश यादव, कॉमर्स के प्रो. मनीष श्रीवास्तव, बॉटनी के डॉ. रामवंत गुप्ता, बॉटनी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. तूलिका मिश्रा और भूगोल के डॉ. सर्वेश कुमार शामिल हैं।
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त्याग और साधना का प्रतीक है डिग्री : रजनी तिवारी
उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि दीक्षांत यात्रा का समापन नहीं है, आज से नया अध्याय शुरू हो रहा है। यह डिग्री त्याग और साधना का प्रतीक है। इस डिग्री को केवल कागज ने समझें, यह एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यह डिग्री आपको देश-समाज में योगदान के लिए प्रेरणा देगी। पदक पाने वाली करीब 75 प्रतिशत बेटियां हैं। आज शिक्षा नौकरी पाने का साधन नहीं बल्कि समाज व राष्ट्र निर्माण का साधन है। प्रदेश में शिक्षा का स्तर बढ़ रहा है।
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वैश्विक पहचान बना रहा विश्वविद्यालय : कुलपति
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने स्वागत करते हुए कहा कि यह समारोह केवल डिग्री प्रदान करने का नहीं बल्कि नए भारत की शिक्षा यात्रा में मील का पत्थर है। इस वर्ष 73 हजार से अधिक डिग्रीधारियों में करीब 68.53 प्रतिशत बेटियां रहीं। वहीं 76 पदक विजेताओं में 56 बेटियां हैं। यह न सिर्फ बदलते समाज की तस्वीर है बल्कि क्षेत्रीय शिक्षा में महिलाओं की सशक्त उपस्थिति का प्रमाण भी। इस वर्ष 301 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि दी गई, जो अब तक की सर्वाधिक संख्या है। विश्वविद्यालय वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहा है। विभिन्न शिक्षणेत्तर कार्यक्रमों से छात्रों का बहुमुखी विकास किया जा रहा है।
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न्यूजलेटर एवं पुस्तकों का किया विमोचन
कुलाधिपति और अन्य अतिथियों ने दीक्षांत न्यूजलेटर का विमोचन किया। इसका संपादन हिंदी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिषेक शुक्ल ने किया है। इसके अलावा जूलॉजी के प्रो. रविकांत उपाध्याय, विधि के डॉ. ओम प्रकाश सिंह, डॉ. आलोक कुमार, डॉ. शैलेष सिंह चौहान, डॉ. वंदना सिंह, नीलिमा सिंह, डॉ. कुशलनाथ मिश्र और डॉ. सोनल सिंह आदि की पुस्तकों का विमोचन किया गया। इस दौरान कुलाधिपति ने विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
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विज्ञान प्रदर्शनी में दिखा रचनात्मकता और शोध का संगम
आयोजन स्थल पर विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। ''''''''एक्सप्लोरिंग बियोंड बाउंड्रीज- साइंस फॉर सोसाइटी, साइंस फॉर ह्यूमैनिटीज'''''''' थीम पर आयोजित प्रदर्शनी में रचनात्मकता और शोध का संगम दिखा। कुलाधिपति ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए इसकी प्रशंसा की।
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500 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को किट
कुलाधिपति ने 500 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को किट प्रदान किया। मंच से गोरखपुर और देवरिया के पांच-पांच आंगनबाड़ी केंद्रों को किट प्रदान किए गए। इनमें गोरखपुर और देवरिया के जिला प्रशासन की तरफ से 200-200 और डीडीयू प्रशासन की तरफ से 100 किट उपलब्ध कराए गए थे। इसके अलावा राजभवन की तरफ से पुस्तकें भी भेंट की गईं।
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मुड़ियारी खुर्द ओवरऑल चैंपियन, चार बच्चे हुए सम्मानित
दीक्षांत के तहत गोद लिए गांवों के विद्यार्थियों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। इसके लिए पिपराइच के मुड़ियारी खुर्द स्थित कंपोजिट स्कूल को ओवरऑल विजेता का खिताब प्रदान किया गया। मुड़ियारी खुर्द के पांचवीं के छात्र कृष्णा ने दीक्षांत के मंच से ''''''''मेरा देश'''''''' विषय पर भाषण दिया। मंच से कृष्णा, दीया, प्रिया और करन को कुलाधिपति ने पुरस्कृत किया। कंपोजिट विद्यालय, हजारीपुर के विद्यार्थियों ने पर्यावरण गीत प्रस्तुत किया।
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301 शोधार्थियों को मिली पीएचडी की उपाधि, कैंपस के 7711 छात्र-छात्राओं को मिली डिग्री
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह सोमवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में हुआ। इसमें 73,887 छात्र-छात्राओं को डिग्री और 301 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि कुलाधिपति आनंदीबेन की ओर से प्रदान की गई। इस बार भी स्वर्ण पदकों पर बेटियों का दबदबा दिखा। कुल 76 स्वर्ण पदक पाने वाले विद्यार्थियों में 56 छात्राएं थीं। छात्राओं ने 161 में से कुल 119 पदक जीते।
दीक्षांत समारोह में 76 मेधावियों को कुलाधिपति ने स्वर्ण पदक प्रदान किए। इनमें 73.68 प्रतिशत छात्राएं और 26.32 प्रतिशत छात्र शामिल थे। इस बार कुल 71 और 90 स्मृति स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। कुलाधिपति ने बटन दबाकर डिजीलॉकर पर 73,887 डिग्रियां समाहित की। डीडीयू परिसर के कुल 7,711 छात्र-छात्राओं ने इस साल यूजी और पीजी की परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं। इसी तरह कॉलेजों के 66,176 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी।
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इस वर्ष कुल 50,636 छात्राओं (68.53 प्रतिशत) और 23,251 छात्रों (31.47 प्रतिशत) को डिग्रियां प्रदान की जा रही हैं। इस वर्ष कला संकाय के 117, विज्ञान संकाय के 99, वाणिज्य संकाय के 35, शिक्षा संकाय के 31, विधि संकाय के 11 और कृषि संकाय के 8 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। समारोह से पूर्व विद्वत पदयात्रा निकाली गई, जो ज्ञान और परंपरा के प्रतीक के रूप में आयोजित हुई। संचालन डॉ. तूलिका मिश्रा ने किया।
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पांच शिक्षकों को टीचर्स एक्सीलेंस अवार्ड
कुलाधिपति ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पांच शिक्षकों को टीचर्स एक्सीलेंस अवार्ड प्रदान किया। इनमें बायोटेक्नोलॉजी के प्रो. दिनेश यादव, कॉमर्स के प्रो. मनीष श्रीवास्तव, बॉटनी के डॉ. रामवंत गुप्ता, बॉटनी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. तूलिका मिश्रा और भूगोल के डॉ. सर्वेश कुमार शामिल हैं।
त्याग और साधना का प्रतीक है डिग्री : रजनी तिवारी
उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि दीक्षांत यात्रा का समापन नहीं है, आज से नया अध्याय शुरू हो रहा है। यह डिग्री त्याग और साधना का प्रतीक है। इस डिग्री को केवल कागज ने समझें, यह एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यह डिग्री आपको देश-समाज में योगदान के लिए प्रेरणा देगी। पदक पाने वाली करीब 75 प्रतिशत बेटियां हैं। आज शिक्षा नौकरी पाने का साधन नहीं बल्कि समाज व राष्ट्र निर्माण का साधन है। प्रदेश में शिक्षा का स्तर बढ़ रहा है।
वैश्विक पहचान बना रहा विश्वविद्यालय : कुलपति
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने स्वागत करते हुए कहा कि यह समारोह केवल डिग्री प्रदान करने का नहीं बल्कि नए भारत की शिक्षा यात्रा में मील का पत्थर है। इस वर्ष 73 हजार से अधिक डिग्रीधारियों में करीब 68.53 प्रतिशत बेटियां रहीं। वहीं 76 पदक विजेताओं में 56 बेटियां हैं। यह न सिर्फ बदलते समाज की तस्वीर है बल्कि क्षेत्रीय शिक्षा में महिलाओं की सशक्त उपस्थिति का प्रमाण भी। इस वर्ष 301 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि दी गई, जो अब तक की सर्वाधिक संख्या है। विश्वविद्यालय वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहा है। विभिन्न शिक्षणेत्तर कार्यक्रमों से छात्रों का बहुमुखी विकास किया जा रहा है।
न्यूजलेटर एवं पुस्तकों का किया विमोचन
कुलाधिपति और अन्य अतिथियों ने दीक्षांत न्यूजलेटर का विमोचन किया। इसका संपादन हिंदी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिषेक शुक्ल ने किया है। इसके अलावा जूलॉजी के प्रो. रविकांत उपाध्याय, विधि के डॉ. ओम प्रकाश सिंह, डॉ. आलोक कुमार, डॉ. शैलेष सिंह चौहान, डॉ. वंदना सिंह, नीलिमा सिंह, डॉ. कुशलनाथ मिश्र और डॉ. सोनल सिंह आदि की पुस्तकों का विमोचन किया गया। इस दौरान कुलाधिपति ने विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
विज्ञान प्रदर्शनी में दिखा रचनात्मकता और शोध का संगम
आयोजन स्थल पर विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। ''''''''एक्सप्लोरिंग बियोंड बाउंड्रीज- साइंस फॉर सोसाइटी, साइंस फॉर ह्यूमैनिटीज'''''''' थीम पर आयोजित प्रदर्शनी में रचनात्मकता और शोध का संगम दिखा। कुलाधिपति ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए इसकी प्रशंसा की।
500 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को किट
कुलाधिपति ने 500 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को किट प्रदान किया। मंच से गोरखपुर और देवरिया के पांच-पांच आंगनबाड़ी केंद्रों को किट प्रदान किए गए। इनमें गोरखपुर और देवरिया के जिला प्रशासन की तरफ से 200-200 और डीडीयू प्रशासन की तरफ से 100 किट उपलब्ध कराए गए थे। इसके अलावा राजभवन की तरफ से पुस्तकें भी भेंट की गईं।
मुड़ियारी खुर्द ओवरऑल चैंपियन, चार बच्चे हुए सम्मानित
दीक्षांत के तहत गोद लिए गांवों के विद्यार्थियों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। इसके लिए पिपराइच के मुड़ियारी खुर्द स्थित कंपोजिट स्कूल को ओवरऑल विजेता का खिताब प्रदान किया गया। मुड़ियारी खुर्द के पांचवीं के छात्र कृष्णा ने दीक्षांत के मंच से ''''''''मेरा देश'''''''' विषय पर भाषण दिया। मंच से कृष्णा, दीया, प्रिया और करन को कुलाधिपति ने पुरस्कृत किया। कंपोजिट विद्यालय, हजारीपुर के विद्यार्थियों ने पर्यावरण गीत प्रस्तुत किया।