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Gorakhpur News: बाढ़ में घिरे 43 गांव, प्रभावित गावों में लगाईं गईं 57 नावें
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गोरखपुर।
सरयू नदी में आई बाढ़ की वजह से गोला और खजनी इलाके के 43 गांव प्रभावित हो गए हैं। इनमें 35 गांव गोला, जबकि आठ खजनी तहसील के हैं। बाढ़ प्रभावित गावों के लोगों को आने-जाने के लिए प्रशासन ने 57 नावों को लगाया है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सरयू नदी अयोध्या में उतार पर है, लेकिन अब भी खतरे के निशान से 39 सेमी ऊपर बह रही है। वहीं देवरिया के बरहज में यह लाल निशान से लगभग डेढ़ मीटर ऊपर बह रही है।
नेपाल में भारी बारिश का असर भारतीय क्षेत्रों में पड़ा है। जो नदी खतरे के निशान से काफी नीचे जा चुकी थी अचानक उसका जलस्तर बढ़ गया। देखते-देखते नदी के जलस्तर ने खतरे का निशान पार कर 43 गावों को अपनी जद में ले लिया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण सरयू का पानी उसमें तेजी से नहीं जा पा रहा है। इस कारण उसके तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति विकट हो गई है। इसके चलते गोला और खजनी के 43 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
विभाग का अनुमान है कि एक से दो दिन के अंदर बरहज में भी नदी नीचे आने लगेगी तब उस क्षेत्र में स्थिति सामान्य हो जाएगी। वैसे कहीं पर कोई विकट स्थिति नहीं है। पर बाढ़ के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बुधवार को भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान बाढ़ से बचाव के लिए कराए गए कार्यों से वह संतुष्ट दिखे।
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सरयू नदी में आई बाढ़ की वजह से गोला और खजनी इलाके के 43 गांव प्रभावित हो गए हैं। इनमें 35 गांव गोला, जबकि आठ खजनी तहसील के हैं। बाढ़ प्रभावित गावों के लोगों को आने-जाने के लिए प्रशासन ने 57 नावों को लगाया है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सरयू नदी अयोध्या में उतार पर है, लेकिन अब भी खतरे के निशान से 39 सेमी ऊपर बह रही है। वहीं देवरिया के बरहज में यह लाल निशान से लगभग डेढ़ मीटर ऊपर बह रही है।
नेपाल में भारी बारिश का असर भारतीय क्षेत्रों में पड़ा है। जो नदी खतरे के निशान से काफी नीचे जा चुकी थी अचानक उसका जलस्तर बढ़ गया। देखते-देखते नदी के जलस्तर ने खतरे का निशान पार कर 43 गावों को अपनी जद में ले लिया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण सरयू का पानी उसमें तेजी से नहीं जा पा रहा है। इस कारण उसके तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति विकट हो गई है। इसके चलते गोला और खजनी के 43 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
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विभाग का अनुमान है कि एक से दो दिन के अंदर बरहज में भी नदी नीचे आने लगेगी तब उस क्षेत्र में स्थिति सामान्य हो जाएगी। वैसे कहीं पर कोई विकट स्थिति नहीं है। पर बाढ़ के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बुधवार को भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान बाढ़ से बचाव के लिए कराए गए कार्यों से वह संतुष्ट दिखे।
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