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जालसाजी: एक मकान को दो लोगों से बेचा, एक से की 36 लाख रुपये की ठगी- फर्जी दस्तावेज दिखा लिया झांसे में

Thu, 15 Jan 2026 12:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Thu, 15 Jan 2026 12:51 AM IST
सार

पीड़ित के अनुसार, मकान का सौदा 2 करोड़ 25 लाख रुपये में तय हुआ। एक वर्ष के भीतर बैनामा कराने की बात कही गई। इसी दौरान आरोपी ने अलग-अलग तिथियों में 17 लाख रुपये चेक के माध्यम से और 19 लाख रुपये नकद, कुल 36 लाख रुपये बतौर एडवांस ले लिए।

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In Gorakhpur, 36 lakh rupees defrauded in the name of selling a house, money taken by showing fake documents
fraud - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

एम्स थाना क्षेत्र में जालसाजों ने जमीन फर्जी दस्तावेजों के सहारे महादेव झारखंडी दून-1 निवासी सुजीत कुमार अग्रहरि से 36 लाख रुपये हड़प लिए। आरोप है कि शिकायत पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उस मकान को तीसरे व्यक्ति को बेच दिया।

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पुलिस ने मामले में पीड़ित की तहरीर पर दिव्यनगर कॉलोनी निवासी दिग्विजय सिंह समेत तीन के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित सुजीत कुमार अग्रहरि ने बताया कि वर्ष 2022 में कलक्ट्रेट कचहरी परिसर में उनकी मुलाकात दिव्यनगर कॉलोनी निवासी दिग्विजय सिंह से हुई थी। 

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दिग्विजय सिंह दो अन्य लोगों के साथ आए थे और उन्होंने आवास विकास कॉलोनी स्थित मकान संख्या-490 को बेचने की बातचीत शुरू की। स्वामित्व के प्रमाण के रूप में जनवरी 2022 की गृहकर रसीद और बैनामा की फोटो प्रति दिखाई गई, जिससे पीड़ित को भरोसा हो गया।

पीड़ित के अनुसार, मकान का सौदा 2 करोड़ 25 लाख रुपये में तय हुआ। एक वर्ष के भीतर बैनामा कराने की बात कही गई। इसी दौरान आरोपी ने अलग-अलग तिथियों में 17 लाख रुपये चेक के माध्यम से और 19 लाख रुपये नकद, कुल 36 लाख रुपये बतौर एडवांस ले लिए।
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जब पीड़ित ने मूल दस्तावेज, मकान की चाबी और बैनामा कराने की मांग की तो आरोपी टालमटोल करने लगा और केवल फोटो कॉपी के आधार पर बैनामा कराने का दबाव बनाने लगा।

संदेह होने पर जब उन्होंने अपने स्तर से जांच कराई तो पता चला कि उक्त मकान पहले से विवादित है और वास्तविक स्वामित्व रामादेवी का है, जिनका परिवार आज भी उस मकान पर काबिज है। यही नहीं, नगर निगम में कराई गई जांच में गृहकर की रसीद भी फर्जी पाई गई।
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इसके बावजूद आरोपी ने बिना नामांतरण और कब्जा लिए उसी मकान को चोरी-छिपे किसी तीसरे व्यक्ति को बेच दिया। पीड़ित का आरोप है कि लगातार दबाव बनाने पर आरोपी ने किसी तरह 10 लाख रुपये वापस किए, लेकिन शेष रकम मांगने पर मार्च 2025 में यूनिवर्सिटी चौराहे पर जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपी खुद को माफिया बताकर पुलिस से बेखौफ होने की बात कहता रहा।

थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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