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Gorakhpur News: अडानी ग्रुप का सीएनजी पंप खोलने का झांसा देकर ऑनलाइन 34 लाख ठगे
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चिलुआताल इलाके के जय प्रकाश दूबे ने साइबर अपराध थाने में दर्ज कराया केस
सीएनजी पंप खोलने के लिए किया था आवेदन, रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर की गई जालसाजी
गोरखपुर। सीएनजी पंप खोलने के चक्कर में एक युवक 34 लाख रुपये की ऑनलाइन जालसाजी का शिकार हो गया। पीड़ित के पिता चिलुआताल इलाके के मिलेनियम सिटी निवासी जय प्रकाश दूबे ने साइबर अपराध थाने में तहरीर देकर ऑनलाइन जालसाजी करने वाले छह अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। साइबर अपराध थाने की पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच-पड़ताल कर रही है।
जय प्रकाश दूबे ने तहरीर में बताया है कि मेरे बेटे आलोक दूबे ने अपनी पत्नी निधि दूबे के नाम पर पंप खोलने के लिए अडानी टोटल गैस लिमिटेड की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया था। जवाब में बेटे को 26 नवंबर 2024 को धन्यवाद का मेल आया। 23 दिसंबर 2024 को केवाईसी प्रमाणित करने और कंपनी के सीएनजी पंप डीलरशिप के आवेदन को चयनित किए जाने का मेल आया। शर्तों के मुताबिक बेटे ने रजिस्ट्रेशन के लिए कंपनी के खाते में 49,500 रुपये ट्रांसफर करवा दिए। बहू के नाम पर कनफर्म पत्र कंपनी ने भेज दिया।
हेड आफिस जाने पर पता चली सच्चाई
जय प्रकाश ने बताया है कि बेटे ने कंपनी की पॉलिसी के बारे में जानने के लिए गूगल सर्च कर कस्टमर केयर का नंबर निकाला। मिले नंबरों के आधार पर मोबाइल से विरेन पटेल, अनिल पांडेय, निरंजन, अभिषेक, राहुल और मधु नाम की लड़की से बात हुई। कंपनी की शर्तों का हवाला देते हुए बेटे से रजिस्ट्रेशन फीस के मद में विभिन्न तिथियों में कुल 34 लाख रुपये जमा कराए गए। इसके बाद भौतिक सत्यापन करने की बात कहकर कंपनी के कर्मचारियों ने फोन उठाना बंद कर दिया। पांच अप्रैल 2025 को कंपनी के हेड ऑफिस का पता करके बेटा गुजरात के अहमदाबाद शहर गया। हेड ऑफिस में जाकर सारे कागज दिखाए। कंपनी के मैनेजर व कर्मचारियों ने बताया कि गोरखपुर में किसी को भी सीएनजी पंप का लाइसेंस नहीं दिया गया है। तब बेटे को जालसाजी का पता चला।
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एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बताया कि केस दर्ज करके मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। कोई भी कंपनी कॉल करके पैसे नहीं मांगती है। अथराइज कंपनी का उसके नाम पर खाता होता है। इसलिए गूगल से सर्च करके किसी भी नंबर पर विश्वास न करें। पहले उसकी अच्छे से जांच-परख जरूर कर लें।
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सीएनजी पंप खोलने के लिए किया था आवेदन, रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर की गई जालसाजी
गोरखपुर। सीएनजी पंप खोलने के चक्कर में एक युवक 34 लाख रुपये की ऑनलाइन जालसाजी का शिकार हो गया। पीड़ित के पिता चिलुआताल इलाके के मिलेनियम सिटी निवासी जय प्रकाश दूबे ने साइबर अपराध थाने में तहरीर देकर ऑनलाइन जालसाजी करने वाले छह अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। साइबर अपराध थाने की पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच-पड़ताल कर रही है।
जय प्रकाश दूबे ने तहरीर में बताया है कि मेरे बेटे आलोक दूबे ने अपनी पत्नी निधि दूबे के नाम पर पंप खोलने के लिए अडानी टोटल गैस लिमिटेड की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया था। जवाब में बेटे को 26 नवंबर 2024 को धन्यवाद का मेल आया। 23 दिसंबर 2024 को केवाईसी प्रमाणित करने और कंपनी के सीएनजी पंप डीलरशिप के आवेदन को चयनित किए जाने का मेल आया। शर्तों के मुताबिक बेटे ने रजिस्ट्रेशन के लिए कंपनी के खाते में 49,500 रुपये ट्रांसफर करवा दिए। बहू के नाम पर कनफर्म पत्र कंपनी ने भेज दिया।
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हेड आफिस जाने पर पता चली सच्चाई
जय प्रकाश ने बताया है कि बेटे ने कंपनी की पॉलिसी के बारे में जानने के लिए गूगल सर्च कर कस्टमर केयर का नंबर निकाला। मिले नंबरों के आधार पर मोबाइल से विरेन पटेल, अनिल पांडेय, निरंजन, अभिषेक, राहुल और मधु नाम की लड़की से बात हुई। कंपनी की शर्तों का हवाला देते हुए बेटे से रजिस्ट्रेशन फीस के मद में विभिन्न तिथियों में कुल 34 लाख रुपये जमा कराए गए। इसके बाद भौतिक सत्यापन करने की बात कहकर कंपनी के कर्मचारियों ने फोन उठाना बंद कर दिया। पांच अप्रैल 2025 को कंपनी के हेड ऑफिस का पता करके बेटा गुजरात के अहमदाबाद शहर गया। हेड ऑफिस में जाकर सारे कागज दिखाए। कंपनी के मैनेजर व कर्मचारियों ने बताया कि गोरखपुर में किसी को भी सीएनजी पंप का लाइसेंस नहीं दिया गया है। तब बेटे को जालसाजी का पता चला।
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एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बताया कि केस दर्ज करके मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। कोई भी कंपनी कॉल करके पैसे नहीं मांगती है। अथराइज कंपनी का उसके नाम पर खाता होता है। इसलिए गूगल से सर्च करके किसी भी नंबर पर विश्वास न करें। पहले उसकी अच्छे से जांच-परख जरूर कर लें।