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Gorakhpur News: अंतिम मुहूर्त में 300 शादियांः खूब बजी शहनाई..बरातियों के जाम में फंसे रहे शहरी
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गोरखपुर। गर्मी के सीजन के अंतिम मुहूर्त शुक्रवार को शहर में खूब शहनाई बजी। शाम होते ही बैंड-बाजा के साथ बरातें निकलने लगीं तो कई जगह सड़कों पर जाम लग गया। जाम की वजह से लोग काफी देर तक फंसे रहे।
गर्मी के मौसम में इस बार मात्र नौ लगन थी। इस कारण कम लगन में ही अधिक लोगों ने शादियां कीं। 26 अप्रैल को अंतिम लगन थी और पहले से ही तय था कि इस दिन अधिक शादियां होंगी।
ज्योतिर्विद शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, 26 अप्रैल की रात में शुक्र वृधत्व हो गए और तीन दिन बाद 29 अप्रैल की रात में अस्त हो जाएंगे। इस सीजन में 26 अप्रैल ही अंतिम लगन था। हालांकि, कुछ लोग आगे के दो-तीन लगन में भी शादियां कर सकते हैं। इसके बाद चार जुलाई से 17 जुलाई तक शादियों के मुहूर्त हैं, मगर खास 26 अप्रैल तक ही था।
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बाजार से लेकर मैरिज हाल में रौनक, 120 करोड़ का कारोबार
इस लगन में कारोबारियों ने खूब चांदी काटी, लेकिन अब उन्हें बाजार की रौनक कम होने की चिंता भी है। शादियाें से जुड़े कारोबारियों के अनुसार, आखिरी मुहूर्त पर सिर्फ एक दिन में शहर में 120 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार का अनुमान है।
मैरिज लॉन मालिक विजय खेमका के मुताबिक, अंतिम लगन में शहर में 300 से अधिक शादियां हुई हैं। पुरोहितों के सामने भी यजमानों की शादियों की रस्म पूरा करना चुनौतीपूर्ण रहा। व्यापारियों के अनुसार, एक शादी में औसत खर्च आठ लाख रुपये होगा। एक अनुमान के अनुसार शहर में अंतिम लगन में 120 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए होंगे।आभूषण व्यवसायी संजय अग्रवाल के अनुसार, एक शादी में तीन से पांच लाख रुपये के आभूषण का कारोबार होता है। इसमें जो लोग ज्यादा सक्षम होते हैं, वे अधिक खरीदारी करते हैं। कपड़ा व्यापारी अनुराग टेबड़ीवाल ने बताया कि शादी होती है तो दोनों पक्ष के लोग कपड़े खरीदते हैं। दूल्हा-दुल्हन के साथ रिश्तेदारों के लिए भी कपड़े खरीदे जाते हैं। एक शादी में दो लाख रुपये से अधिक के कपड़े खरीदे जाते हैं। लॉन के मालिक विजय खेमका ने बताया कि एक शादी में करीब डेढ़ से दो लाख रुपये के बजट कैटरर्स पर खर्च होते हैं। इलेक्ट्रानिक्स व्यवसायी आनंद रुंगटा के अनुसार 50 से 60 हजार रुपये में टीवी, कूलर, फ्रीज, वाशिंग मशीन पर खर्च होते हैं, जबकि डीजे संचालक गुड्डू के अनुसार बैंड बाजा, डीजे व आर्केस्ट्रा में एक शादी में लगभग 40-50 हजार रुपये खर्च होते हैं।
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गर्मी के मौसम में इस बार मात्र नौ लगन थी। इस कारण कम लगन में ही अधिक लोगों ने शादियां कीं। 26 अप्रैल को अंतिम लगन थी और पहले से ही तय था कि इस दिन अधिक शादियां होंगी।
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ज्योतिर्विद शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, 26 अप्रैल की रात में शुक्र वृधत्व हो गए और तीन दिन बाद 29 अप्रैल की रात में अस्त हो जाएंगे। इस सीजन में 26 अप्रैल ही अंतिम लगन था। हालांकि, कुछ लोग आगे के दो-तीन लगन में भी शादियां कर सकते हैं। इसके बाद चार जुलाई से 17 जुलाई तक शादियों के मुहूर्त हैं, मगर खास 26 अप्रैल तक ही था।
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बाजार से लेकर मैरिज हाल में रौनक, 120 करोड़ का कारोबार
इस लगन में कारोबारियों ने खूब चांदी काटी, लेकिन अब उन्हें बाजार की रौनक कम होने की चिंता भी है। शादियाें से जुड़े कारोबारियों के अनुसार, आखिरी मुहूर्त पर सिर्फ एक दिन में शहर में 120 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार का अनुमान है।
मैरिज लॉन मालिक विजय खेमका के मुताबिक, अंतिम लगन में शहर में 300 से अधिक शादियां हुई हैं। पुरोहितों के सामने भी यजमानों की शादियों की रस्म पूरा करना चुनौतीपूर्ण रहा। व्यापारियों के अनुसार, एक शादी में औसत खर्च आठ लाख रुपये होगा। एक अनुमान के अनुसार शहर में अंतिम लगन में 120 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए होंगे।आभूषण व्यवसायी संजय अग्रवाल के अनुसार, एक शादी में तीन से पांच लाख रुपये के आभूषण का कारोबार होता है। इसमें जो लोग ज्यादा सक्षम होते हैं, वे अधिक खरीदारी करते हैं। कपड़ा व्यापारी अनुराग टेबड़ीवाल ने बताया कि शादी होती है तो दोनों पक्ष के लोग कपड़े खरीदते हैं। दूल्हा-दुल्हन के साथ रिश्तेदारों के लिए भी कपड़े खरीदे जाते हैं। एक शादी में दो लाख रुपये से अधिक के कपड़े खरीदे जाते हैं। लॉन के मालिक विजय खेमका ने बताया कि एक शादी में करीब डेढ़ से दो लाख रुपये के बजट कैटरर्स पर खर्च होते हैं। इलेक्ट्रानिक्स व्यवसायी आनंद रुंगटा के अनुसार 50 से 60 हजार रुपये में टीवी, कूलर, फ्रीज, वाशिंग मशीन पर खर्च होते हैं, जबकि डीजे संचालक गुड्डू के अनुसार बैंड बाजा, डीजे व आर्केस्ट्रा में एक शादी में लगभग 40-50 हजार रुपये खर्च होते हैं।