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आप भी रहें सतर्क: फेसबुक पर विज्ञापन देखा, लिंक क्लिक कर शेयर में किया निवेश- पहले मुनाफा; फिर 25 लाख की ठगी
Thu, 28 Aug 2025 01:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 28 Aug 2025 01:48 AM IST
सार
पीड़ित ने बताया कि इस निवेश के बाद कुछ समय तक डैशबोर्ड पर लाभ दिखता रहा जिससे विश्वास बढ़ गया। कुछ दिन बाद लाभ घटने लगा, तब कर्मचारी कॉल करने लगे। उन्होंने कहा कि जल्द और रकम ट्रांसफर करिए वरना पूरे रुपये डूब जाएंगे। यह सुनकर एक अगस्त 2025 को 9.80 लाख रुपये डाल दिए।
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साइबर ठग
- फोटो : social media
विस्तार
चिलुआताल क्षेत्र के मिलेनियम सिटी कॉलोनी के रिटायर्ड एक्सईएन से शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर करीब 25 लाख की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। रिटायर्ड एक्सईएन ने साइबर अपराध थाने में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
जानकारी के अनुसार, चिलुआताल थाना क्षेत्र के मिलेनियम सिटी कॉलोनी निवासी 61 वर्षीय योगेंद्र कुमार चतुर्वेदी बिजली निगम में अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) के पद से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले से भी कुछ शेयर खरीदे थे। अक्सर वित्त, बैंकिंग व निवेश से संबंधित जानकारी देखता रहता हूं।
20 जुलाई को फेसबुक पर एक वीडियो विज्ञापन पर नजर पड़ी। इसमें कैपप्लेस डाॅट काम को डॉलर में निवेश के लिए एक सुरक्षित मंच बताया गया। वीडियो के लिंक पर क्लिक किया तो फेसबुक के जरिये साइन अप लिंक से कैपप्लेस डाॅट काम वेबसाइट पर पहुंचा। उसपर निवेश से जुड़ी बातों को पढ़कर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरा।
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जानकारी के अनुसार, चिलुआताल थाना क्षेत्र के मिलेनियम सिटी कॉलोनी निवासी 61 वर्षीय योगेंद्र कुमार चतुर्वेदी बिजली निगम में अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) के पद से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले से भी कुछ शेयर खरीदे थे। अक्सर वित्त, बैंकिंग व निवेश से संबंधित जानकारी देखता रहता हूं।
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20 जुलाई को फेसबुक पर एक वीडियो विज्ञापन पर नजर पड़ी। इसमें कैपप्लेस डाॅट काम को डॉलर में निवेश के लिए एक सुरक्षित मंच बताया गया। वीडियो के लिंक पर क्लिक किया तो फेसबुक के जरिये साइन अप लिंक से कैपप्लेस डाॅट काम वेबसाइट पर पहुंचा। उसपर निवेश से जुड़ी बातों को पढ़कर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरा।
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Cyber Fraud Helpline Number
- फोटो : AdobeStock
इंटरनेशनल नंबरों से आने लगी कॉल
याेगेंद्र ने बताया कि वेबसाइट पर फॉर्म भरकर पंजीकरण करते ही अंतरराष्ट्रीय नंबरों से कॉल आने लगी। इसे पहले अनदेखा किया लेकिन कई बार कॉल आने पर रिसीव की। कॉल करने वाले ने खुद को कैपप्लेस डाट काम वेबसाइट का कर्मचारी बताया। उसने बताया कि यह वेबसाइट बहुत ही सुरक्षित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है।
निवेश की सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया। उसके कहने पर 20 जुलाई 2025 को गूगल पे के जरिये गगनदीप के नाम की आईडी पर 18,700 रुपये ट्रांसफर कर दिए। पेमेंट होते ही कैपप्लेस डाट काम से लॉगिन आईडी और पासवर्ड भेजा गया। इसके जरिये उनके डैशबोर्ड पर पहुंचा और ट्रेडिंग शुरू की।
इसके बाद मुझे लगातार कंपनी कर्मचारी फोन कर बड़ी रकम निवेश करने के लिए कहते रहे। विश्वास दिलाया आने वाले समय में अच्छा रिटर्न मिलेगा। अधिक लाभ के चक्कर में 24 जुलाई को करीब 10 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
याेगेंद्र ने बताया कि वेबसाइट पर फॉर्म भरकर पंजीकरण करते ही अंतरराष्ट्रीय नंबरों से कॉल आने लगी। इसे पहले अनदेखा किया लेकिन कई बार कॉल आने पर रिसीव की। कॉल करने वाले ने खुद को कैपप्लेस डाट काम वेबसाइट का कर्मचारी बताया। उसने बताया कि यह वेबसाइट बहुत ही सुरक्षित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है।
निवेश की सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया। उसके कहने पर 20 जुलाई 2025 को गूगल पे के जरिये गगनदीप के नाम की आईडी पर 18,700 रुपये ट्रांसफर कर दिए। पेमेंट होते ही कैपप्लेस डाट काम से लॉगिन आईडी और पासवर्ड भेजा गया। इसके जरिये उनके डैशबोर्ड पर पहुंचा और ट्रेडिंग शुरू की।
इसके बाद मुझे लगातार कंपनी कर्मचारी फोन कर बड़ी रकम निवेश करने के लिए कहते रहे। विश्वास दिलाया आने वाले समय में अच्छा रिटर्न मिलेगा। अधिक लाभ के चक्कर में 24 जुलाई को करीब 10 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
नए तरीके से ठगी की वारदात।
- फोटो : अमर उजाला
लाभ घटा तो रकम बढ़ाने को कहा
उन्होंने बताया कि इस निवेश के बाद कुछ समय तक डैशबोर्ड पर लाभ दिखता रहा जिससे विश्वास बढ़ गया। कुछ दिन बाद लाभ घटने लगा, तब कर्मचारी कॉल करने लगे। उन्होंने कहा कि जल्द और रकम ट्रांसफर करिए वरना पूरे रुपये डूब जाएंगे। यह सुनकर एक अगस्त 2025 को 9.80 लाख रुपये डाल दिए।
डैशबोर्ड पर फिर लाभ बढ़ा हुआ दिखाने लगा। लेकिन कुछ दिन बाद फिर से घटने लगा। योगेंद्र ने बताया कि 11 अगस्त को दो लाख रुपये भेजे। इसके बाद भी नुकसान होता दिखाई दिया। तब रुपये बचाने के लिए 13 अगस्त को तीन लाख रुपये और भेजे।
इसके बाद लगातार इंटरनेशनल नंबरों से कॉल करके और रुपये भेजने का दबाव बनाया जाने लगा। तब कर्मचारी से फोन पर बहस भी हुई। वे बोला कि सारी रकम डूब जाएगी। इसके बाद रुपये भेजने से इनकार कर दिया।
उन्होंने बताया कि इस निवेश के बाद कुछ समय तक डैशबोर्ड पर लाभ दिखता रहा जिससे विश्वास बढ़ गया। कुछ दिन बाद लाभ घटने लगा, तब कर्मचारी कॉल करने लगे। उन्होंने कहा कि जल्द और रकम ट्रांसफर करिए वरना पूरे रुपये डूब जाएंगे। यह सुनकर एक अगस्त 2025 को 9.80 लाख रुपये डाल दिए।
डैशबोर्ड पर फिर लाभ बढ़ा हुआ दिखाने लगा। लेकिन कुछ दिन बाद फिर से घटने लगा। योगेंद्र ने बताया कि 11 अगस्त को दो लाख रुपये भेजे। इसके बाद भी नुकसान होता दिखाई दिया। तब रुपये बचाने के लिए 13 अगस्त को तीन लाख रुपये और भेजे।
इसके बाद लगातार इंटरनेशनल नंबरों से कॉल करके और रुपये भेजने का दबाव बनाया जाने लगा। तब कर्मचारी से फोन पर बहस भी हुई। वे बोला कि सारी रकम डूब जाएगी। इसके बाद रुपये भेजने से इनकार कर दिया।
Cyber Fraud
- फोटो : FREEPIK
डूब गई सारी कमाई
योगेंद्र ने बताया कि इतनी बड़ी रकम गंवाने के बाद से मानसिक तनाव में आ गया हूं। जिंदगी भर की कमाई डूब गई। करीब 25 लाख रुपये साइबर जालसाजों ने जाल में फंसाकर अपने खाते में डलवा लिए। कैपप्लेस डाट काम वेबसाइट के बारे में पता किया तब जानकारी हुई कि कई लोग इसके चक्कर में फंसकर साइबर फ्रॉड के शिकार हुए हैं। इसके बाद साइबर अपराध थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की जांच निरीक्षक सुभाष चंद्र को सौंपी गई है। साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। इसके अलावा जिन बैंकों में रुपये भेजे गए हैं उनसे भी पत्राचार किया जा रहा है: सुधीर जायसवाल, एसपी क्राइम
मुनाफे के चक्कर में न पड़ें
साइबर एक्सपर्ट उपेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि ट्रेडिंग के चक्कर में आए दिन साइबर जालसाजी के मामले सामने आ रहे हैं। लोगों को जागरूक किया जाता है। उन्हें बताया जाता है कि सोशल मीडिया के अंजान लिंक और विज्ञापन पर ध्यान न दें। इसके बाद भी लोग अधिक मुनाफे के चक्कर में फंस जा रहे हैं।
योगेंद्र ने बताया कि इतनी बड़ी रकम गंवाने के बाद से मानसिक तनाव में आ गया हूं। जिंदगी भर की कमाई डूब गई। करीब 25 लाख रुपये साइबर जालसाजों ने जाल में फंसाकर अपने खाते में डलवा लिए। कैपप्लेस डाट काम वेबसाइट के बारे में पता किया तब जानकारी हुई कि कई लोग इसके चक्कर में फंसकर साइबर फ्रॉड के शिकार हुए हैं। इसके बाद साइबर अपराध थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की जांच निरीक्षक सुभाष चंद्र को सौंपी गई है। साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। इसके अलावा जिन बैंकों में रुपये भेजे गए हैं उनसे भी पत्राचार किया जा रहा है: सुधीर जायसवाल, एसपी क्राइम
मुनाफे के चक्कर में न पड़ें
साइबर एक्सपर्ट उपेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि ट्रेडिंग के चक्कर में आए दिन साइबर जालसाजी के मामले सामने आ रहे हैं। लोगों को जागरूक किया जाता है। उन्हें बताया जाता है कि सोशल मीडिया के अंजान लिंक और विज्ञापन पर ध्यान न दें। इसके बाद भी लोग अधिक मुनाफे के चक्कर में फंस जा रहे हैं।
साइबर ठगी से बचने के उपाय
अज्ञात ईमेल, मैसेज या सोशल मीडिया पर आए लिंक पर कभी क्लिक न करें।
ओटीपी/पिन/पासवर्ड साझा न करें। बैंक, यूपीआई या किसी भी संस्था का कर्मचारी कभी आपसे ओटीपी नहीं मांगेगा।
सुरक्षित वेबसाइट पर ही लेन-देन करें।
सार्वजनिक वाई-फाई से बचें, पब्लिक वाई-फाई पर बैंकिंग या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन न करें।
अज्ञात ईमेल, मैसेज या सोशल मीडिया पर आए लिंक पर कभी क्लिक न करें।
ओटीपी/पिन/पासवर्ड साझा न करें। बैंक, यूपीआई या किसी भी संस्था का कर्मचारी कभी आपसे ओटीपी नहीं मांगेगा।
सुरक्षित वेबसाइट पर ही लेन-देन करें।
सार्वजनिक वाई-फाई से बचें, पब्लिक वाई-फाई पर बैंकिंग या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन न करें।
कॉल या मैसेज से सावधान रहें, लॉटरी जीतने, केवाईसी अपडेट करने या इनाम का लालच देने वाली कॉल/मैसेज से ठगी हो सकती है।
मजबूत पासवर्ड का प्रयोग करें और समय-समय पर बदलते रहें।
एंटीवायरस और अपडेट, मोबाइल/कंप्यूटर का सॉफ्टवेयर और एंटीवायरस अपडेटेड रखें।
सोशल मीडिया पर सतर्क रहें, अपनी निजी जानकारी (फोन नंबर, पता, बैंक डिटेल्स) सार्वजनिक न करें।
संदेह होने पर साइबर ठगी की शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें।
मजबूत पासवर्ड का प्रयोग करें और समय-समय पर बदलते रहें।
एंटीवायरस और अपडेट, मोबाइल/कंप्यूटर का सॉफ्टवेयर और एंटीवायरस अपडेटेड रखें।
सोशल मीडिया पर सतर्क रहें, अपनी निजी जानकारी (फोन नंबर, पता, बैंक डिटेल्स) सार्वजनिक न करें।
संदेह होने पर साइबर ठगी की शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें।