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Gorakhpur News: महिला अस्पताल में 16 '' कान्हा'', 13 ''राधा'' का हुआ जन्म
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महिला अस्पताल में मना उत्सव, गूंजने लगी बधाई और बंटी मिठाइयां
नॉर्मल तरीके से 12 प्रसव और ऑपरेशन से 17 प्रसव
गोरखपुर। जन्माष्टमी का पर्व कुछ लोगों के लिए यादगार बन गया। जिला महिला अस्पताल में 24 घंटे के भीतर 29 प्रसव हुए, जिनमें से 16 बच्चे व 13 बेटियां हैं। कई लोगों ने अपने बच्चों का नाम कान्हा या राधा रखा। जन्माष्टमी के दिन जिनके घर कान्हा ने जन्म लिए, घरवालों ने अस्पताल में ही उत्सव मनाया।
सिकरीगंज की विनीता जन्माष्टमी के दिन ही अपने प्रसव को करवाना चाह रही थीं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार देर रात 11 बजे करीब से कृष्ण जन्माष्टमी का लग्न शुरू हो गया था। रात 2:45 बजे उन्हें नवजात शिशु कान्हा के रूप में मिला। नाम भी इन्होंने नवजात शिशु का कृष्ण और कान्हा रखा है। ऐसे ही, रात 3:32 बजे रात में महुआडाबर की प्रीति भी प्रसव से बेटी को जन्म दिया। जन्माष्टमी के उत्साह के बीच 15 अगस्त को जिला महिला अस्पताल में रात 12 बजे से लेकर शनिवार देर रात तक कुल 29 प्रसव हुए, जिनमें 16 बेटों और 13 बेटियों का जन्म हुआ। अधिकांश हिंदू परिवार की महिलाएं हैं, जिन्होंने अपने बच्चों को नाम कान्हा दिया है। बेटियों ने जन्म लिया, जिन्हें राधा नाम दिया गया।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक शोभा ने बताया रात 12 बजे से लेकर 16 अगस्त की देर शाम तक कुल 29 बच्चों ने जन्म लिया। अस्पताल की स्टाफ नर्सों ने बताया कि प्रसव के बाद अस्पताल में बधाई गूंजने लगी और मिठाई बंटी।
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नॉर्मल तरीके से 12 प्रसव और ऑपरेशन से 17 प्रसव
गोरखपुर। जन्माष्टमी का पर्व कुछ लोगों के लिए यादगार बन गया। जिला महिला अस्पताल में 24 घंटे के भीतर 29 प्रसव हुए, जिनमें से 16 बच्चे व 13 बेटियां हैं। कई लोगों ने अपने बच्चों का नाम कान्हा या राधा रखा। जन्माष्टमी के दिन जिनके घर कान्हा ने जन्म लिए, घरवालों ने अस्पताल में ही उत्सव मनाया।
सिकरीगंज की विनीता जन्माष्टमी के दिन ही अपने प्रसव को करवाना चाह रही थीं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार देर रात 11 बजे करीब से कृष्ण जन्माष्टमी का लग्न शुरू हो गया था। रात 2:45 बजे उन्हें नवजात शिशु कान्हा के रूप में मिला। नाम भी इन्होंने नवजात शिशु का कृष्ण और कान्हा रखा है। ऐसे ही, रात 3:32 बजे रात में महुआडाबर की प्रीति भी प्रसव से बेटी को जन्म दिया। जन्माष्टमी के उत्साह के बीच 15 अगस्त को जिला महिला अस्पताल में रात 12 बजे से लेकर शनिवार देर रात तक कुल 29 प्रसव हुए, जिनमें 16 बेटों और 13 बेटियों का जन्म हुआ। अधिकांश हिंदू परिवार की महिलाएं हैं, जिन्होंने अपने बच्चों को नाम कान्हा दिया है। बेटियों ने जन्म लिया, जिन्हें राधा नाम दिया गया।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक शोभा ने बताया रात 12 बजे से लेकर 16 अगस्त की देर शाम तक कुल 29 बच्चों ने जन्म लिया। अस्पताल की स्टाफ नर्सों ने बताया कि प्रसव के बाद अस्पताल में बधाई गूंजने लगी और मिठाई बंटी।
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