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Gorakhpur News: पारिवारिक बंटवारे को रजिस्टर्ड कराने के लिए साक्ष्य के 12 विकल्प
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पक्षकारों को डीड प्रस्तुत करते समय एक से ज्यादा साक्ष्य देने होंगे, तभी मिलेगी स्टांप व शुल्क में छूट
जिले के बाहर होगी संपत्ति तो वहां के अधिकारी जांच कर देंगे रिपोर्ट
गोरखपुर। पारिवारिक बंटवारे को रजिस्टर्ड कराने के लिए पक्षकारों को डीड प्रस्तुत करते समय एक या इससे ज्यादा साक्ष्य देने हाेंगे। इसके लिए निबंधन विभाग ने 12 साक्ष्य का विकल्प दिया है। इसके अलावा अगर संपत्ति जिले के बाहर की होगी तो वहां के संबंधित उप निबंधक से आख्या रिपोर्ट लेनी होगी।
तीन पीढ़ी के पैतृक संपत्ति के विभाजन को लेकर आईजी निबंधन नेहा शर्मा ने निबंधन अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पारिवारिक बंटवारे को रजिस्टर्ड कराने में छूट तभी मिलेगी जब सभी नियमों का पालन किया जाएगा। शासन ने इसके लिए पांच हजार रुपये स्टांप व पांच हजार रुपये का निबंधन शुल्क तय किया है। इसके तहत संपत्ति का विभाजन पैतृक संपत्ति के सहस्वामियों के बीच होगा तथा पक्षकारों के मध्य अधिकतम तीन पीढि़यां सम्मिलित होंगी। पक्षकारों की ओर से तीन पीढि़यों तक का उल्लेख करते हुए विलेख में पारिवारिक वंशावली प्रस्तुत करना होगा।
-
इनमें से एक या इससे अधिक साक्ष्य देने होंगे
- सक्षम न्यायालय की ओर से निर्गत उत्तराधिकार प्रमाणपत्र
- खतौनी
- सक्षम प्राधिकारी की ओर से निर्गत पारिवारिक सदस्यता प्रमाणपत्र
- नगरीय निकायों के नामांतरण संबंधी अभिलेख
- उत्तर प्रदेश फैमिली आईडी
- परिवार रजिस्टर
- सर्विस बुक (सरकारी सेवकों के लिए)
- शैक्षणिक अभिलेख
- पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस)
- राशन कार्ड
- जन्म प्रमाणपत्र
- विवाह प्रमाणपत्र
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जिले के बाहर होगी संपत्ति तो वहां के अधिकारी जांच कर देंगे रिपोर्ट
गोरखपुर। पारिवारिक बंटवारे को रजिस्टर्ड कराने के लिए पक्षकारों को डीड प्रस्तुत करते समय एक या इससे ज्यादा साक्ष्य देने हाेंगे। इसके लिए निबंधन विभाग ने 12 साक्ष्य का विकल्प दिया है। इसके अलावा अगर संपत्ति जिले के बाहर की होगी तो वहां के संबंधित उप निबंधक से आख्या रिपोर्ट लेनी होगी।
तीन पीढ़ी के पैतृक संपत्ति के विभाजन को लेकर आईजी निबंधन नेहा शर्मा ने निबंधन अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पारिवारिक बंटवारे को रजिस्टर्ड कराने में छूट तभी मिलेगी जब सभी नियमों का पालन किया जाएगा। शासन ने इसके लिए पांच हजार रुपये स्टांप व पांच हजार रुपये का निबंधन शुल्क तय किया है। इसके तहत संपत्ति का विभाजन पैतृक संपत्ति के सहस्वामियों के बीच होगा तथा पक्षकारों के मध्य अधिकतम तीन पीढि़यां सम्मिलित होंगी। पक्षकारों की ओर से तीन पीढि़यों तक का उल्लेख करते हुए विलेख में पारिवारिक वंशावली प्रस्तुत करना होगा।
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इनमें से एक या इससे अधिक साक्ष्य देने होंगे
- सक्षम न्यायालय की ओर से निर्गत उत्तराधिकार प्रमाणपत्र
- खतौनी
- सक्षम प्राधिकारी की ओर से निर्गत पारिवारिक सदस्यता प्रमाणपत्र
- नगरीय निकायों के नामांतरण संबंधी अभिलेख
- उत्तर प्रदेश फैमिली आईडी
- परिवार रजिस्टर
- सर्विस बुक (सरकारी सेवकों के लिए)
- शैक्षणिक अभिलेख
- पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस)
- राशन कार्ड
- जन्म प्रमाणपत्र
- विवाह प्रमाणपत्र