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कुर्ता पायजामा पहन रात में कैंट थाना पहुंचे गोरखपुर के एडीजी, नहीं पहचान पाए थाने के पुलिसकर्मी
Wed, 17 Feb 2021 06:10 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 17 Feb 2021 06:10 PM IST
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नवागत एडीजी जोन अखिल कुमार
- फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर के नवागत एडीजी जोन अखिल कुमार मंगलवार की रात लगभग 11 बजे कुर्ता पायजामा पहनकर थानों की हकीकत जानने के लिए पैदल ही कैंट थाने पहुंच गए। उनके साथ उनकी पत्नी भी थीं। एडीजी व उनकी पत्नी थाने के अंदर दाखिल हुए और एक आम नागरिक की तरह कुछ ही देर में बाहर निकलने लगे। लेकिन तबतक उनसे किसी ने नहीं पूछा की आने का कारण क्या है। जब वे लोग गेट पर आए तो एक संतरी ने पूछा की क्या काम है। इसपर एडीजी ने कहा कि कुछ नहीं वैसे ही आ गए थे। उधर तबतक एडीजी के गनर व उनके स्टाफ भी आ गए। तब पुलिसकर्मियों को पता चला कि ये तो नवागत एडीजी हैं। उसके बाद थाने में हडकंप मच गया।
दरअसल एडीजी अखिल कुमार इससे पहले भी जहां तैनात रहे वहां सादे ड्रेस में अकेले ही निकल जाते रहे हैं। गोरखपुर आए उन्हें अभी कुछ ही दिन हुए है। मंगलवार की रात में भोजन के बाद वह अपनी पत्नी के संग पैदल ही टहलने निकल गए। इस दौरान उनके मन में थाने की हालत देखने का ख्याल आया। लिहाजा वह पत्नी के संग कैंट थाने पहुंच गए। वहां रात्रि अधिकारी दफ्तर में बैठकर कार्य निपटा रहे थे। महिला व पुरूष संतरी तैनात थे। एडीजी थाने में दाखिल हुए और चुपचाप चंद मिनट में बाहर निकलने लगे। तब संतरी ने उनसे पूछा कि क्या काम है। जिसपर उन्होंने कहा कि वैसे ही आ गए थे। इतने में एडीजी दफ्तर से उनके गनर, पीआरओ आदि पहुंच गए। तब जाकर पुलिसकर्मियों को पता चला कि यह नवागत एडीजी है। जिसके बाद थाने में हडकंप मच गया।
पत्नी ने एडीजी को दिए सुझाव
एडीजी की पत्नी ने उन्हें थाने की हालत व महिला पुलिसकर्मियों के लिए थाने में जरूरी संसाधन मुहैया कराने का सुझाव दिया। एडीजी ने बताया कि चूंकि महिला पुलिसकर्मी रात व दिन में ड्यूटी कर रही है। लिहाजा उनकी सुविधा का हर ख्याल रखा जाएगा।
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आगे भी रहे तैयार
एडीजी ने कहा कि वह आगे भी इसी तरह निकलते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह सादे ड्रेस में कभी रिक्शे से या कभी बाइक से निकलेंगे। कभी भी किसी थाने या चौराहे पर रात में औचक निरीक्षण कर जायजा लेंगे। पुलिसकर्मी इसके लिए तैयार रहें।
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दरअसल एडीजी अखिल कुमार इससे पहले भी जहां तैनात रहे वहां सादे ड्रेस में अकेले ही निकल जाते रहे हैं। गोरखपुर आए उन्हें अभी कुछ ही दिन हुए है। मंगलवार की रात में भोजन के बाद वह अपनी पत्नी के संग पैदल ही टहलने निकल गए। इस दौरान उनके मन में थाने की हालत देखने का ख्याल आया। लिहाजा वह पत्नी के संग कैंट थाने पहुंच गए। वहां रात्रि अधिकारी दफ्तर में बैठकर कार्य निपटा रहे थे। महिला व पुरूष संतरी तैनात थे। एडीजी थाने में दाखिल हुए और चुपचाप चंद मिनट में बाहर निकलने लगे। तब संतरी ने उनसे पूछा कि क्या काम है। जिसपर उन्होंने कहा कि वैसे ही आ गए थे। इतने में एडीजी दफ्तर से उनके गनर, पीआरओ आदि पहुंच गए। तब जाकर पुलिसकर्मियों को पता चला कि यह नवागत एडीजी है। जिसके बाद थाने में हडकंप मच गया।
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पत्नी ने एडीजी को दिए सुझाव
एडीजी की पत्नी ने उन्हें थाने की हालत व महिला पुलिसकर्मियों के लिए थाने में जरूरी संसाधन मुहैया कराने का सुझाव दिया। एडीजी ने बताया कि चूंकि महिला पुलिसकर्मी रात व दिन में ड्यूटी कर रही है। लिहाजा उनकी सुविधा का हर ख्याल रखा जाएगा।
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आगे भी रहे तैयार
एडीजी ने कहा कि वह आगे भी इसी तरह निकलते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह सादे ड्रेस में कभी रिक्शे से या कभी बाइक से निकलेंगे। कभी भी किसी थाने या चौराहे पर रात में औचक निरीक्षण कर जायजा लेंगे। पुलिसकर्मी इसके लिए तैयार रहें।