गोरखपुर नगर निगम: 31 गांवों में प्रधानी खत्म अब यहां बनेंगे 10 पार्षद
प्रदेश कैबिनेट की ओर से नगर निगम गोरखपुर के सीमा विस्तार को स्वीकृति दे दी गई है। अधिसूचना जारी होने के बाद 31 गांव नगर निगम का हिस्सा बन गए। विस्तार के बाद नगर निगम का दायरा भी तकरीबन 65 वर्ग किलोमीटर बढ़ गया है।
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विस्तार
गोरखपुर नगर निगम की सीमा विस्तृत होने के बाद अब 31 गांवों में प्रधानी व्यवस्था खत्म हो गई है। इन इलाकों के लोगों की रहनुमाई अब नगर निगम के पार्षद करेंगे। इन गांवों को नगर निगम के आसपास के वार्डाें में शामिल करने के साथ 10 नए वार्डाें का सृजन किया गया है। इसके साथ ही नगर निगम का विस्तार 210 वर्ग किलोमीटर में हो गया है और वार्डों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है।
प्रदेश कैबिनेट की ओर से नगर निगम गोरखपुर के सीमा विस्तार को स्वीकृति दे दी गई है। अधिसूचना जारी होने के बाद 31 गांव नगर निगम का हिस्सा बन गए। विस्तार के बाद नगर निगम का दायरा भी तकरीबन 65 वर्ग किलोमीटर बढ़ गया है। इसके पहले नगर निगम का दायरा 147 वर्ग किमी था।
क्षेत्रफल में विस्तार के बाद मतदाताओं की संख्या में भी करीब एक लाख की बढ़ोतरी हुई है। पहले नगर निगम में मतदाताओं की संख्या करीब साढे नौ लाख थी, जो बढ़कर 10.48 लाख हो गई है। विस्तार के बाद 80 निर्वाचित पार्षदों के अलावा मनोनीत पार्षदों की संख्या 10 से बढ़कर 12 हो जाएगी।
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ये गांव हुए हैं नगर निगम में शामिल
सिक्टौर तप्पा हवेली, रानीडीहा, खोराबार उर्फ सूबा बाजार, जंगल सिकरी उर्फ खोराबार, भरवलिया बुजुर्ग, कजाकपुर, बड़गो, मनहट, गायघाट बुजुर्ग, पथरा, बाघरानी, गायघाट खुर्द, सेमरा देवी प्रसाद, गुलरिहा, मुंडिला उर्फ मुंडेरा, मिर्जापुर तप्पा खुटहन, करमहा उर्फ कम्हरिया, जंगल तिकोनिया नंबर-1, जंगल बहादुर अली, नुरुद्दीन चक, चकरा दोयम, रामपुर तप्पा हवेली, सेंदुली बिंदुली, कठवतिया उर्फ कठउर, पिपरा तप्पा हवेली, झरवा, हरसेवकपुर नंबर दो, लक्ष्मीपुर तप्पा कस्बा, उमरपुर तप्पा खुटहन, जंगल हकीम नंबर-2।
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इससे पहले 2000 में हुआ था नगर निगम का विस्तार
इससे पहले वर्ष 2000 में नगर निगम का विस्तार हुआ था। उस समय नगर निगम में कुल 60 वार्ड थे। सिंघडिय़ा, झरना टोला, जेल बाईपास शाहपुर, खजांची चौराहा, राप्तीनगर, 10 नंबर बोरिंग, रसूलपुर, नेताजी सुभाष चंद बोस नगर, नदी के किनारे के बांध, महेवा, आजाद चौक, पैड़लेगंज के बीच के क्षेत्र को सन 2000 नगर निगम में शामिल किया गया था।
दायरा बढ़ने से मिला योजनाओं का लाभ
दायरा बढ़ने के बाद गोरखपुर नगर निगम को केंद्र की कई योजनाओं का फायदा मिलने लगा है। दरअसल, 10 लाख से कम जनसंख्या होने की वजह से गोरखपुर नगर निगम को केंद्र सरकार के जवाहर लाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूअल मिशन (जेएनएनयूआरएम) का लाभ नहीं मिलता था।
ये बने हैं 10 नए वार्ड
एक नजर में
- वार्डों की कुल संख्या- 80
- मतदान केंद्र- 191
- कुल मतदान स्थल- 818
- मतदाताओं की संख्या- 10,48,462
- पुरुष मतदाता- 5,75,826
- महिला मतदाता- 4,72,636