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गोरखपुर: शहर के 117 जर्जर भवन मालिकों को नगर निगम ने जारी किया नोटिस, इस वजह से हरकत में आया प्रशासन
Tue, 20 Jul 2021 02:59 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 20 Jul 2021 02:59 PM IST
सार
महाराष्ट्र में बारिश की वजह से जर्जर मकानों के ध्वस्त होने के बाद हरकत में आया नगर निगम प्रशासन।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर नगर निगम ने शहर के 117 जर्जर भवनों के मालिकों को भवन खाली करने का नोटिस भेजा जा रहा है। चीफ इंजीनियर की ओर से नोटिस जारी किया गया है।
मूसलाधार बारिश के बाद महाराष्ट्र में कई जर्जर मकानों के गिरने से हुई मौत की घटनाओं के बाद नगर आयुक्त ने ऐसे सभी भवन मालिकों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। ये सभी भवन नगर निगम परिक्षेत्र में 70 वार्डों के हैं। भवनों को खाली करने के लिए पहले भी कई बार नोटिस दिया गया है, लेकिन अब भी लोग उन्हीं भवनों में रह रहे हैं। खाली न करने का कारण पूछने पर कहते हैं कि महंगाई इतनी ज्यादा है, घर छोड़कर कहां जाएं? दोबारा घर बनवाना चाहें तो लाखों रुपये खर्च होंगे। लिहाजा, जान जोखिम में डालकर जर्जर भवन में रह रहे हैं।
घनी आबादी में हैं ऐसे भवन
शहर के ये जर्जर भवन काफी घनी आबादी में हैं। ऐसे तमाम भवन, बाजारों में भी हैं। मकान के ऊपरी हिस्से में परिवार सहित लोग रहते हैं तो उसके निचले हिस्से में दुकानें हैं। खरीदारों की अक्सर भीड़ लगी रहती है।
तिवारीपुर-माधोपुर में सर्वाधिक जर्जर भवन
नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक, शहर में सबसे ज्यादा जर्जर भवन तिवारीपुर और माधोपुर इलाके में हैं। यह इलाका पुराना है। ज्यादातर भवनों की दीवारों व छत से प्लास्टर उखड़ चुके हैं। सरिये तक बाहर आ चुके हैं। कई भवनों की तो रेलिंग टूटकर गिर चुकी हैं। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता है।
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117 भवन चिह्नित किए गए
चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने बताया कि नगर निगम के निर्माण विभाग द्वारा कराए गए सर्वे में अब तक 117 भवन चिह्नित किए गए हैं। कुछ को खाली करने के लिए तो कुछ को दोबारा मरम्मत कराने के लिए कहा गया है। मरम्मत कराने के लिए जो भी आवेदन आते हैं, उनपर अनुमति दी जाती है। यह सिलसिला लगातार चल रहा है। अगर जर्जर भवनों को गिराने या अन्य कोई कार्रवाई करने का आदेश मिला तो पूरी तैयारी है।
नगर निगम के चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने बताया कि नगर आयुक्त के निर्देशानुसार शहर के विभिन्न इलाकों में जर्जर भवनों का सर्वे किया जा रहा है। साथ ही सभी को नोटिस भी दी जा रही है।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि बारिश के दौरान महाराष्ट्र में कई जर्जर मकान ध्वस्त हो गए। इसको देखते हुए, एहतियातन शहर के जर्जर भवन के मालिकों को नोटिस देने का निर्देश दिया गया है।
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मूसलाधार बारिश के बाद महाराष्ट्र में कई जर्जर मकानों के गिरने से हुई मौत की घटनाओं के बाद नगर आयुक्त ने ऐसे सभी भवन मालिकों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। ये सभी भवन नगर निगम परिक्षेत्र में 70 वार्डों के हैं। भवनों को खाली करने के लिए पहले भी कई बार नोटिस दिया गया है, लेकिन अब भी लोग उन्हीं भवनों में रह रहे हैं। खाली न करने का कारण पूछने पर कहते हैं कि महंगाई इतनी ज्यादा है, घर छोड़कर कहां जाएं? दोबारा घर बनवाना चाहें तो लाखों रुपये खर्च होंगे। लिहाजा, जान जोखिम में डालकर जर्जर भवन में रह रहे हैं।
घनी आबादी में हैं ऐसे भवन
शहर के ये जर्जर भवन काफी घनी आबादी में हैं। ऐसे तमाम भवन, बाजारों में भी हैं। मकान के ऊपरी हिस्से में परिवार सहित लोग रहते हैं तो उसके निचले हिस्से में दुकानें हैं। खरीदारों की अक्सर भीड़ लगी रहती है।
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तिवारीपुर-माधोपुर में सर्वाधिक जर्जर भवन
नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक, शहर में सबसे ज्यादा जर्जर भवन तिवारीपुर और माधोपुर इलाके में हैं। यह इलाका पुराना है। ज्यादातर भवनों की दीवारों व छत से प्लास्टर उखड़ चुके हैं। सरिये तक बाहर आ चुके हैं। कई भवनों की तो रेलिंग टूटकर गिर चुकी हैं। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता है।
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117 भवन चिह्नित किए गए
चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने बताया कि नगर निगम के निर्माण विभाग द्वारा कराए गए सर्वे में अब तक 117 भवन चिह्नित किए गए हैं। कुछ को खाली करने के लिए तो कुछ को दोबारा मरम्मत कराने के लिए कहा गया है। मरम्मत कराने के लिए जो भी आवेदन आते हैं, उनपर अनुमति दी जाती है। यह सिलसिला लगातार चल रहा है। अगर जर्जर भवनों को गिराने या अन्य कोई कार्रवाई करने का आदेश मिला तो पूरी तैयारी है।
नगर निगम के चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने बताया कि नगर आयुक्त के निर्देशानुसार शहर के विभिन्न इलाकों में जर्जर भवनों का सर्वे किया जा रहा है। साथ ही सभी को नोटिस भी दी जा रही है।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि बारिश के दौरान महाराष्ट्र में कई जर्जर मकान ध्वस्त हो गए। इसको देखते हुए, एहतियातन शहर के जर्जर भवन के मालिकों को नोटिस देने का निर्देश दिया गया है।