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गोरखपुर एमएमएमयूटी: विश्व के वैज्ञानिकों की रैंकिंग में MMMUT के 114 शिक्षक, जानिए किस खास विषय पर किए थे शोध
Thu, 09 Jan 2025 02:32 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: रोहित सिंह
Updated Thu, 09 Jan 2025 02:32 PM IST
सार
पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष आई-10 इंडेक्स के आधार पर विश्वविद्यालय की रैंकिंग में बड़ा उछाल आया है। वैज्ञानिक शोध के मानकों पर होने वाली आई-10 इंडेक्स के आधार पर विश्वविद्यालय की देश में इस वर्ष 172 वीं रैंक है। जबकि पिछले वर्ष यह 229 थी।
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एमएमएमयूटी( सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में शिक्षा के साथ रिसर्च की गुणवत्ता लगातार बेहतर हो रही है। एमएमएमयूटी के 114 शोधकर्ताओं को एडी साइंटिफिक रैंकिंग के वर्ल्ड साइंटिस्ट रैंकिंग-2025 में जगह मिली है। इन शोधकर्ताओं में शिक्षक व शोध छात्र शामिल हैं।
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खास बात यह है कि उत्कृष्ट रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों के इस विश्वस्तरीय रैंकिंग में एमएमएमयूटी के शोधकर्ताओं ने एक साल में ही दो गुनी छलांग लगाई है। पिछले वर्ष इसी रैंकिंग में विश्वविद्यालय के 58 शोधकर्ताओं को जगह मिली थी। जबकि इस बार लगभग दोगुने शोधकर्ताओं को जगह मिली है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष आई-10 इंडेक्स के आधार पर विश्वविद्यालय की रैंकिंग में बड़ा उछाल आया है।
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वैज्ञानिक शोध के मानकों पर होने वाली आई-10 इंडेक्स के आधार पर विश्वविद्यालय की देश में इस वर्ष 172 वीं रैंक है। जबकि पिछले वर्ष यह 229 थी। इसी प्रकार, एशिया में इस वर्ष 800वीं रैंक है। जबकि पिछले वर्ष यह 1033 थी।विश्व स्तर पर में पिछले वर्ष विश्वविद्यालय की रैंक 2797 थी। जबकि इस वर्ष 2186वीं रैंक है।
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रैंकिंग में सरकारी विश्वविद्यालयों की अलग से भी रैंकिंग की जाती है। इसमें में आई-10 इंडेक्स के आधार पर विश्वविद्यालय की रैंकिंग में अच्छा सुधार आया है। सरकारी विश्वविद्यालयों में देश में इस वर्ष विश्वविद्यालय को 143 वीं रैंक, एशिया में 632वीं रैंक और विश्व में 1793वीं रैंक मिली है। जबकि पिछले वर्ष यह क्रमशः 182, 791, एवं 2244 थी। दो वर्ष में ही बदल गई सूरत : विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता शोध एवं विकास प्रो. राकेश कुमार ने बताया कि शोध की गुणवत्ता मापने की अन्य प्रचलित प्रणालियों से थोड़ी अलग और 2021 में प्रो म्यूरत अल्पर एवं प्रो. सिहान डेयर द्वारा एडी साइंटिफिक इंडेक्स (एल्पर-डेयर साइंटिफिक इंडेक्स) विकसित किया गया है।
यह प्रणाली संस्थानों, पत्रिकाओं और विश्वविद्यालयों के समग्र मूल्यांकन के स्थान पर व्यक्तिगत शोधकर्ताओं के शोध प्रकाशन, एच इंडेक्स, और शोध उत्पादकता संबंधी नौ मापदंडों पर कुल बारह विषय क्षेत्रों में शोधकर्ताओं की रैंकिंग प्रकाशित करता है।