फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur mistake was not found in being junior to 144 policemen

पुलिस विभाग में खेल: 144 दरोगाओं के जूनियर होने में नहीं मिली गोरखपुर की गलती, लखनऊ भेजी गई फाइल

Wed, 09 Jun 2021 09:43 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 09 Jun 2021 09:43 PM IST
सार

जांच के बाद एसएसपी ने बताया, लखनऊ से होता है निर्धारण, मामले की जांच के लिए फाइल भेजी गई लखनऊ।

विज्ञापन
Gorakhpur mistake was not found in being junior to 144 policemen
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : iStock

विस्तार

घूस न देने पर 144 दरोगाओं को गोरखपुर में जूनियर किए जाने के आरोपों के बीच मामले में नया मोड़ आ गया है। एसएसपी की ओर से कराई गई जांच में पता चला है कि यह गड़बड़ी गोरखपुर से हुई ही नहीं है। यह पूरा मामला सूचना तकनीकी सेवा विभाग लखनऊ संभालता है।

विज्ञापन


एसएसपी के मुताबिक, पीएनओ वहीं से जारी हुआ था। उन्होंने बताया कि सब इंस्पेक्टरों की भर्ती का रिकॉर्ड मंगाने के बाद उसे ठीक करने के लिए तकनीकी सेवा विभाग, लखनऊ को भेजा जाएगा।
विज्ञापन

 
जानकारी के मुताबिक, 2015 और 2017 बैच में गोरखपुर से नौकरी की शुरुआत करने वाले 144 सब इंस्पेक्टरों को एक से दो साल जूनियर कर दिया गया है। गोरखपुर में ज्वानिंग करते ही वे अपने साथियों से एक से दो साल पीछे हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


सभी का आरोप है कि पुलिस कार्यालय में तैनात रहे बर्खास्त बाबू ज्ञानेंद्र सिंह की गलती से ऐसा हुआ था। मामला सामने आने के बाद एसएसपी ने जांच कराई तो यहां से कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। एसएसपी की ओर से बताया गया कि वर्ष 2015, 2016, 2017, 2018 के भर्ती उपनिरीक्षकों का ट्रेनिंग के बाद जनपद में आगमन की तिथि से नियमित वेतन निर्धारित किया गया है।

दरोगाओं की जनपद आगमन की तिथि के आधार पर बायोडाटा संबंधित कर्मी से भरवाकर निर्धारित प्रारूप में सूचना तकनीकी सेवा विभाग लखनऊ को प्रेषित किया गया था, जिसके आधार पर पीएनओ नंबर आवंटित किया गया है। पीएनओ आवंटन की प्रक्रिया तकनीकी सेवा उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा ही संपादित की जाती है, जनपद स्तर पर उपनिरीक्षक का पीएनओ आवंटित नहीं किया जाता है।


गोरखपुर में तैनात उपनिरीक्षक के सेवाभिलेख से स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि उन्होंने प्रशिक्षण केंद्र में कब प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसके लिए संबंधित प्रशिक्षण केंद्र पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय सीतापुर, मुरादाबाद और उन्नाव से पत्राचार किया गया है। प्रशिक्षण केंद्र से आख्या प्राप्त होने पर उसके अनुसार पीएनओ के संबंध में निर्धारित प्रारूप में बायोडाटा तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक तकनीकी सेवा उत्तर प्रदेश लखनऊ को भेजा जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed