{"_id":"5fd285388ebc3e3ec81e527d","slug":"gorakhpur-link-expressway-will-be-ready-by-march-2022-cm-gorakhpur-city-news-gkp3763715134","type":"story","status":"publish","title_hn":"मार्च 2022 तक बन कर तैयार हो जाएगा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे : सीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मार्च 2022 तक बन कर तैयार हो जाएगा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे : सीएम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मार्च 2022 तक बन कर तैयार हो जाएगा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे : सीएम
गोरखपुर। पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे से शहर को जोड़ने वाला गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे मार्च 2022 तक बनकर तैयार हो जाएगा। बृहस्पतिवार को सिकरीगंज के नकौड़ी में स्थित यूपीडा-एपको प्लांट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य की समीक्षा के बाद इसका निरीक्षण भी किया। इस दौरान निर्माण कंपनियों ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि तय समय पर एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने काम की गुणवत्ता पर विशेष जोर देने को कहा।
कार्यदायी संस्था और यूपीडा के अफसरों के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की निर्माण कंपनियों को मिट्टी की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। मिट्टी की कमी से काम प्रभावित नहीं होना चाहिए। इसी तरह मुख्यमंत्री ने पीजीसीआईएल, पावर ट्रांसमिशन और पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह विद्युत लाइनों के विस्थापन के कार्य को शीर्ष वरीयता पर करें। उन्होंने मिट्टी के तटबंधों के निर्माण कार्य को आगामी बरसात से पहले ही पूरा कराने के निर्देश दिए। वहीं, यूपीडा के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को घाघरा नदी पर बनने वाले पुल के बारे में जानकारी दी।
यूपीडा के चेयरमैन अवनीश अवस्थी ने बताया कि घाघरा नदी पुल पर 50 वेल में से 18 पर काम शुरू हो गया है, शेष वेल बनाने का काम बरसात आने से पहले शुरू हो जाएगा। मौके पर निर्माण कंपनी एपको और डिलीट बिल्ड कार्न के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि मार्च 2022 तक गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का काम पूरा हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
लखनऊ के लिए मिलेगा एक और वैकल्पिक मार्ग
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद गोरखपुर से लखनऊ आने-जाने के लिए एक और मार्ग तैयार हो जाएगा। गौरतलब है कि पूर्वांचल में विकास को रफ्तार देने के लिए प्रदेश सरकार लखनऊ से आजमगढ़ होते हुए गाजीपुर तक छह लेन के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का निर्माण करा रही है। एक्सप्रेसवे को गोरखपुर से जोड़ने के लिए गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण हो रहा है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के साथ ही अब गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे को भी समय से पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री विशेष प्रयास कर रहे हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से गोरखपुर को जोड़ने वाला लिंक गोरखपुर से निकल कर सदर, सहजनवां और खजनी तहसील होते हुए घनघटा तहसील के चार गांवों से होकर जाएगा। यह आंबेडकर होते हुए आजमगढ़ जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे में जाकर मिल जाएगा। लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई- 91.352 किमी है, जिसमें भविष्य को ध्यान में रखते हुए छह लेन का स्ट्रक्चर बनेगा मगर शुरूआत में अभी चार लेन की सड़क बनेगी।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे एक नजर में
छह लेन का पूर्वांचल एक्सप्रेस गाजीपुर जिले को राज्य की राजधानी लखनऊ समेत आजमगढ़ और अयोध्या से जोड़ेगा। 340.824 किलोमीटर एक्सप्रेस-वे का निर्माण 22,494 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, आंबेडकर नगर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर सहित नौ जिलों से होकर गुजरेगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अनुसार, एक्सप्रेसवे को मार्च 2022 तक जनता के लिए खोले जाने की उम्मीद है।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 जुलाई, 2018 को आजमगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखी थी। इस योजना पर अब तक करीब 68 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है। यह 302 किमी लंबे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे और आगरा से दिल्ली तक 165 किमी लंबे यमुना एक्सप्रेस-वे से जुड़ा होगा।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे एक नजर में
- गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, गोरखपुर बाईपास एनएच- 27 पर स्थित ग्राम-जैतपुर के पास से शुरू होकर आजमगढ़ के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर जाकर जुड़ेगा।
- लिंक एक्सप्रेसवे की लम्बाई 91.352 किलोमीटर है जो गोरखपुर, आंबेडकर नगर, संतकबीरनगर, आजमगढ़ से होकर गुजरेगा
- एक्सप्रेसवे चार लेन चौड़ा (छह लेन तक विस्तारणीय) तथा संरचनाएं छह लेन चौड़ाई की बनायी जाएंगी। इसके एक ओर 3.75 मीटर चौड़ाई की सर्विस रोड बनाई जाएगी ताकि परियोजना के आसपास के गांव के लोगों को एक्सप्रेसवे पर आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सके।
- इसके निर्माण में दो टोल प्लाजा, तीन रैंप प्लाजा, सात फ्लाई ओवर, 16 व्हेकुलर अंडरपास, 50 लाइट व्हेकुलर अंडरपास, 35 पेडेस्ट्रियन अंडरपास, सात दीर्घ सेतु, 27 लघु सेतु तथा 389 पुलियों का निर्माण होगा।
- इस परियोजना की कुल अनुमोदित लागत 5876.68 करोड़ तथा सिविल निर्माण की अनुबंधित लागत 3024.10 करोड़ रुपये है।
- परियोजना के क्रियान्वयन के लिए इसे दो पैकेजों में बांटा गया है। पैकेज-1 का निर्माण कार्य 10 फरवरी 2020 से एवं पैकेज-2 का निर्माण कार्य 19 जून 2020 से शुरू हो गया है।
- नौ दिसंबर 2020 यानी बुधवार तक 83.62 प्रतिशत क्लीयरिंग एंड ग्रबिंग एवं 20.14 प्रतिशत मिट्टी का कार्य पूर्ण हो चुका है। परियोजना की कुल भौतिक प्रगति 60 प्रतिशत पूर्ण हुई है। विभाग के मुताबिक परियोजना को पूर्ण करने की संभावित अवधि अप्रैल, 2022 है।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लाभ
- एक्सप्रेसवे के निर्माण से गोरखपुर क्षेत्र पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के माध्यम से लखनऊ, आगरा एवं दिल्ली तक त्वरित एवं सुगम यातायात कॉरिडोर से जुड़ जाएगा।
- एक्सप्रेसवे के निर्माण से गोरखपुर के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। एक्सप्रेसवे के प्रवेश नियंत्रित होने से वाहनों के ईंधन खपत में महत्वपूर्ण बचत, समय की बचत एवं पर्यावरणीय प्रदूषण का नियंत्रण भी संभव हो सकेगा।
- परियोजना से अच्छादित क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के साथ ही कृषि, वाणिज्य, पर्यटन तथा उद्योगों की आय को बढ़ावा मिलेगा।
- एक्सप्रेसवे से अच्छादित क्षेत्रों में स्थित विभिन्न उत्पादन इकाईयों, विकास केन्द्रों तथा कृषि उत्पादन क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने के लिए एक औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में सहायक होगा।
- एक्सप्रेसवे के निकट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान, मेडिकल संस्थान आदि की स्थापना के लिए भी अवसर मिलेंगे।
- एक्सप्रेसवे खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों, भंडारण ग्रह मंडी तथा दुग्ध आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में काम करेगा।
विज्ञापन
गोरखपुर। पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे से शहर को जोड़ने वाला गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे मार्च 2022 तक बनकर तैयार हो जाएगा। बृहस्पतिवार को सिकरीगंज के नकौड़ी में स्थित यूपीडा-एपको प्लांट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य की समीक्षा के बाद इसका निरीक्षण भी किया। इस दौरान निर्माण कंपनियों ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि तय समय पर एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने काम की गुणवत्ता पर विशेष जोर देने को कहा।
कार्यदायी संस्था और यूपीडा के अफसरों के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की निर्माण कंपनियों को मिट्टी की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। मिट्टी की कमी से काम प्रभावित नहीं होना चाहिए। इसी तरह मुख्यमंत्री ने पीजीसीआईएल, पावर ट्रांसमिशन और पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह विद्युत लाइनों के विस्थापन के कार्य को शीर्ष वरीयता पर करें। उन्होंने मिट्टी के तटबंधों के निर्माण कार्य को आगामी बरसात से पहले ही पूरा कराने के निर्देश दिए। वहीं, यूपीडा के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को घाघरा नदी पर बनने वाले पुल के बारे में जानकारी दी।
विज्ञापन
यूपीडा के चेयरमैन अवनीश अवस्थी ने बताया कि घाघरा नदी पुल पर 50 वेल में से 18 पर काम शुरू हो गया है, शेष वेल बनाने का काम बरसात आने से पहले शुरू हो जाएगा। मौके पर निर्माण कंपनी एपको और डिलीट बिल्ड कार्न के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि मार्च 2022 तक गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का काम पूरा हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
लखनऊ के लिए मिलेगा एक और वैकल्पिक मार्ग
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद गोरखपुर से लखनऊ आने-जाने के लिए एक और मार्ग तैयार हो जाएगा। गौरतलब है कि पूर्वांचल में विकास को रफ्तार देने के लिए प्रदेश सरकार लखनऊ से आजमगढ़ होते हुए गाजीपुर तक छह लेन के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का निर्माण करा रही है। एक्सप्रेसवे को गोरखपुर से जोड़ने के लिए गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण हो रहा है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के साथ ही अब गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे को भी समय से पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री विशेष प्रयास कर रहे हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से गोरखपुर को जोड़ने वाला लिंक गोरखपुर से निकल कर सदर, सहजनवां और खजनी तहसील होते हुए घनघटा तहसील के चार गांवों से होकर जाएगा। यह आंबेडकर होते हुए आजमगढ़ जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे में जाकर मिल जाएगा। लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई- 91.352 किमी है, जिसमें भविष्य को ध्यान में रखते हुए छह लेन का स्ट्रक्चर बनेगा मगर शुरूआत में अभी चार लेन की सड़क बनेगी।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे एक नजर में
छह लेन का पूर्वांचल एक्सप्रेस गाजीपुर जिले को राज्य की राजधानी लखनऊ समेत आजमगढ़ और अयोध्या से जोड़ेगा। 340.824 किलोमीटर एक्सप्रेस-वे का निर्माण 22,494 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, आंबेडकर नगर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर सहित नौ जिलों से होकर गुजरेगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अनुसार, एक्सप्रेसवे को मार्च 2022 तक जनता के लिए खोले जाने की उम्मीद है।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 जुलाई, 2018 को आजमगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखी थी। इस योजना पर अब तक करीब 68 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है। यह 302 किमी लंबे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे और आगरा से दिल्ली तक 165 किमी लंबे यमुना एक्सप्रेस-वे से जुड़ा होगा।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे एक नजर में
- गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, गोरखपुर बाईपास एनएच- 27 पर स्थित ग्राम-जैतपुर के पास से शुरू होकर आजमगढ़ के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर जाकर जुड़ेगा।
- लिंक एक्सप्रेसवे की लम्बाई 91.352 किलोमीटर है जो गोरखपुर, आंबेडकर नगर, संतकबीरनगर, आजमगढ़ से होकर गुजरेगा
- एक्सप्रेसवे चार लेन चौड़ा (छह लेन तक विस्तारणीय) तथा संरचनाएं छह लेन चौड़ाई की बनायी जाएंगी। इसके एक ओर 3.75 मीटर चौड़ाई की सर्विस रोड बनाई जाएगी ताकि परियोजना के आसपास के गांव के लोगों को एक्सप्रेसवे पर आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सके।
- इसके निर्माण में दो टोल प्लाजा, तीन रैंप प्लाजा, सात फ्लाई ओवर, 16 व्हेकुलर अंडरपास, 50 लाइट व्हेकुलर अंडरपास, 35 पेडेस्ट्रियन अंडरपास, सात दीर्घ सेतु, 27 लघु सेतु तथा 389 पुलियों का निर्माण होगा।
- इस परियोजना की कुल अनुमोदित लागत 5876.68 करोड़ तथा सिविल निर्माण की अनुबंधित लागत 3024.10 करोड़ रुपये है।
- परियोजना के क्रियान्वयन के लिए इसे दो पैकेजों में बांटा गया है। पैकेज-1 का निर्माण कार्य 10 फरवरी 2020 से एवं पैकेज-2 का निर्माण कार्य 19 जून 2020 से शुरू हो गया है।
- नौ दिसंबर 2020 यानी बुधवार तक 83.62 प्रतिशत क्लीयरिंग एंड ग्रबिंग एवं 20.14 प्रतिशत मिट्टी का कार्य पूर्ण हो चुका है। परियोजना की कुल भौतिक प्रगति 60 प्रतिशत पूर्ण हुई है। विभाग के मुताबिक परियोजना को पूर्ण करने की संभावित अवधि अप्रैल, 2022 है।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लाभ
- एक्सप्रेसवे के निर्माण से गोरखपुर क्षेत्र पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के माध्यम से लखनऊ, आगरा एवं दिल्ली तक त्वरित एवं सुगम यातायात कॉरिडोर से जुड़ जाएगा।
- एक्सप्रेसवे के निर्माण से गोरखपुर के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। एक्सप्रेसवे के प्रवेश नियंत्रित होने से वाहनों के ईंधन खपत में महत्वपूर्ण बचत, समय की बचत एवं पर्यावरणीय प्रदूषण का नियंत्रण भी संभव हो सकेगा।
- परियोजना से अच्छादित क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के साथ ही कृषि, वाणिज्य, पर्यटन तथा उद्योगों की आय को बढ़ावा मिलेगा।
- एक्सप्रेसवे से अच्छादित क्षेत्रों में स्थित विभिन्न उत्पादन इकाईयों, विकास केन्द्रों तथा कृषि उत्पादन क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने के लिए एक औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में सहायक होगा।
- एक्सप्रेसवे के निकट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान, मेडिकल संस्थान आदि की स्थापना के लिए भी अवसर मिलेंगे।
- एक्सप्रेसवे खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों, भंडारण ग्रह मंडी तथा दुग्ध आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में काम करेगा।