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Gorakhpur: एम्स से दूर रहेगा इंफेक्शन, CSSD की शुरुआत, आधुनिक तरीके से होगी तकिया, चादर की धुलाई
Wed, 31 Aug 2022 01:34 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 31 Aug 2022 01:34 PM IST
सार
डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि ओटी से इंफेक्टेड सामान लिफ्ट के जरिए मशीन तक आएगा, फिर तीन चरणों में इंफेक्शन दूर किया जाएगा। हर विभाग की ओटी के सामान अलग-अलग बॉक्स में रखे जाएंगे। इसका कंप्यूटराइज्ड रिकार्ड भी बनाया जा रहा है। नई व्यवस्था से इंफेक्शन की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
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गोरखपुर एम्स।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ऑपरेशन थियेटर (ओटी) से अब इंफेक्शन दूर रहेगा। इसकी शुरुआत मंगलवार से हो गई। निदेशक डॉ सुरेखा किशोर ने केंद्रीय विसंक्रमित आपूर्ति विभाग (सीएसएसडी) का लोकार्पण कर दिया है। अब ओटी से सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट, तकिया व चादर लिफ्ट के जरिए सीधे सीएसएसडी में आएगा, फिर विसंक्रमित करके लिफ्ट से ही ओटी में भेज दिया जाएगा।
एम्स गोरखपुर में मेजर व माइनर ऑपरेशन किए जा रहे हैं। अलग-अलग विभागों की ओटी काम कर रही हैं। लिहाजा, सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट, ताकिया व चादर सहित अन्य सामानों को विसंक्रमित करने के लिए आधुनिक मशीनें लगा दी गईं। सारी मशीनें यूरोप से मंगाई गईं। इसकी कीमत करीब नौ करोड़ रुपये है।
डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि ओटी से इंफेक्टेड सामान लिफ्ट के जरिए मशीन तक आएगा, फिर तीन चरणों में इंफेक्शन दूर किया जाएगा। हर विभाग की ओटी के सामान अलग-अलग बॉक्स में रखे जाएंगे। इसका कंप्यूटराइज्ड रिकार्ड भी बनाया जा रहा है। नई व्यवस्था से इंफेक्शन की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। सीएसएसडी का प्रभारी डॉ. गौरव गुप्ता को बनाया गया है।
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एम्स गोरखपुर में मेजर व माइनर ऑपरेशन किए जा रहे हैं। अलग-अलग विभागों की ओटी काम कर रही हैं। लिहाजा, सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट, ताकिया व चादर सहित अन्य सामानों को विसंक्रमित करने के लिए आधुनिक मशीनें लगा दी गईं। सारी मशीनें यूरोप से मंगाई गईं। इसकी कीमत करीब नौ करोड़ रुपये है।
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डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि ओटी से इंफेक्टेड सामान लिफ्ट के जरिए मशीन तक आएगा, फिर तीन चरणों में इंफेक्शन दूर किया जाएगा। हर विभाग की ओटी के सामान अलग-अलग बॉक्स में रखे जाएंगे। इसका कंप्यूटराइज्ड रिकार्ड भी बनाया जा रहा है। नई व्यवस्था से इंफेक्शन की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। सीएसएसडी का प्रभारी डॉ. गौरव गुप्ता को बनाया गया है।
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