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UP: हुक्काबार में गैंगरेप, उड़ाने सा ही नहीं दुनिया से उठाने जैसा भी था हुक्के का कश, इसलिए करते सीरप का उपयोग
Mon, 20 Jan 2025 01:26 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 20 Jan 2025 01:26 PM IST
सार
गोरखपुर के हुक्का बार जानलेवा भी थे। हुक्के में कफ सीरप की भाप देते थे। हुक्केबाज हार्ट अटैक के खतरे में थे। कफ सीरप के कश से लड़कियां सुस्त पड़ जाती थीं। पुलिस को हुक्का बार में कफ सीरप की बोतलें मिलीं हैं।
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Gorakhpur Girls Gang Raped
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोरखपुर शाहपुर के गीता वाटिका स्थित हुक्काबार में सामूहिक दुष्कर्म के मामलों की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, उसके संचालक अनिरुद्ध ओझा के नए-नए कारनामे सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि हुक्काबार की जांच में नशे का सामान न मिले, इसलिए वे खांसी की दवा के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले दो कफ सीरप का इस्तेमाल करते थे।
उन दोनों को मिलाकर हुक्का तैयार किया जाता था, जिसका कश अंदर जाते ही युवा झूमने के साथ सुस्त भी पड़ जाते थे। सरगना अनिरुद्ध ओझा ने पुलिस पूछताछ में दोनों सीरप के नाम भी बताए। डॉक्टरों के अनुसार, इन दवाओं की भाप लेने से हार्ट अटैक का खतरा भी हो सकता है।
खांसी-जुखाम के दोनों सीरप शेड्यूल एच में शामिल है, जो दवाओं की पर्ची पर ही मिलनी चाहिए, लेकिन यह आसानी से कैसे मिल रहे थे, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। उधर, पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि अनिरुद्ध बातचीत के लिए जिन दो नंबरों का इस्तेमाल करता था, वह सिम रेशमा के नाम से हैं।
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अनिरुद्ध किसी को फोन करता था तो ट्रूकॉलर पर रेशमा का ही नाम आता था। पुलिस रेशमा की तलाश कर रही है, लेकिन अभी तक उसे कामयाबी नहीं मिली है। रेशमा पर स्कूल-कॉलेज की लड़कियों को बरगला कर हुक्का बार लाने का आरोप है, जिसके बाद अनिरुद्ध उन्हें झांसे में लेकर देह व्यापार में धकेल देता था।
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उन दोनों को मिलाकर हुक्का तैयार किया जाता था, जिसका कश अंदर जाते ही युवा झूमने के साथ सुस्त भी पड़ जाते थे। सरगना अनिरुद्ध ओझा ने पुलिस पूछताछ में दोनों सीरप के नाम भी बताए। डॉक्टरों के अनुसार, इन दवाओं की भाप लेने से हार्ट अटैक का खतरा भी हो सकता है।
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खांसी-जुखाम के दोनों सीरप शेड्यूल एच में शामिल है, जो दवाओं की पर्ची पर ही मिलनी चाहिए, लेकिन यह आसानी से कैसे मिल रहे थे, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। उधर, पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि अनिरुद्ध बातचीत के लिए जिन दो नंबरों का इस्तेमाल करता था, वह सिम रेशमा के नाम से हैं।
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अनिरुद्ध किसी को फोन करता था तो ट्रूकॉलर पर रेशमा का ही नाम आता था। पुलिस रेशमा की तलाश कर रही है, लेकिन अभी तक उसे कामयाबी नहीं मिली है। रेशमा पर स्कूल-कॉलेज की लड़कियों को बरगला कर हुक्का बार लाने का आरोप है, जिसके बाद अनिरुद्ध उन्हें झांसे में लेकर देह व्यापार में धकेल देता था।
उधर, पुलिस अनिरुद्ध के पास मिले मोबाइल नंबरों की जांच कर उन युवतियों तक पहुंचना चाहती है, जो उसके चंगुल में फंसी हैं। उसने बात कर पुलिस पूरे गिरोह की तह तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। जांच में यह भी पता चला है कि अनिरुद्ध ने गोरखपुर के आसपास के जिलों के अलावा लखनऊ के हुक्का बार में भी लड़कियों को भेजा है। मानव तस्करी की कड़ी मिलने के बाद पुलिस ने जांच और तेज कर दी है।
सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद खुला मामला
सहेलियों संग हुक्का बार में गई किशोरी को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला सामने आने पर पुलिस ने सोमवार को चार आरोपियों को जेल भेजा था। पुलिस ने हुक्का बार व होटल फ्लाई इन के संचालक अनिरुद्ध ओझा, उसके दोस्त निखिल गौड़, अनुराग सिंह, आदित्य मौर्या को गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस ने पूरे प्रकरण की जांच तेज कर दी है।
सहेलियों संग हुक्का बार में गई किशोरी को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला सामने आने पर पुलिस ने सोमवार को चार आरोपियों को जेल भेजा था। पुलिस ने हुक्का बार व होटल फ्लाई इन के संचालक अनिरुद्ध ओझा, उसके दोस्त निखिल गौड़, अनुराग सिंह, आदित्य मौर्या को गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस ने पूरे प्रकरण की जांच तेज कर दी है।
कप सीरप का भाप लेना हो सकता है खतरनाक
कफ सीरप में डेक्सट्रोमेथॉर्फन (खांसी दबाने वाला), फेनिलेफ्रिन (डिकॉन्गेस्टेंट) और पैरासिटामोल (एक दर्द निवारक और बुखार कम करने वाला) होता है। इसका भाप लेने से फेफड़ों में जलन और सूजन हो सकती है, जो सांस लेने में समस्याएं पैदा कर सकती हैं। यह रक्तचाप बढ़ाएगा जिससे हार्ट अटैक भी आ सकता है। इसके उपयोग से नशे की लत लग सकती है, जिससे मतीभ्रम और अवसाद की स्थिति आ सकती है।-डॉ गौरव पाण्डेय, फिजिशियन
कफ सीरप में डेक्सट्रोमेथॉर्फन (खांसी दबाने वाला), फेनिलेफ्रिन (डिकॉन्गेस्टेंट) और पैरासिटामोल (एक दर्द निवारक और बुखार कम करने वाला) होता है। इसका भाप लेने से फेफड़ों में जलन और सूजन हो सकती है, जो सांस लेने में समस्याएं पैदा कर सकती हैं। यह रक्तचाप बढ़ाएगा जिससे हार्ट अटैक भी आ सकता है। इसके उपयोग से नशे की लत लग सकती है, जिससे मतीभ्रम और अवसाद की स्थिति आ सकती है।-डॉ गौरव पाण्डेय, फिजिशियन
इस केस की जांच चल रही है। जल्द से जल्द विवेचना पूरी कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करनी है। ताकि आरोपियों को जेल से छूटने से पहले ही सजा दिलाई जा सके। -अभिनव त्यागी, एसपी सिटी