गोरखपुर जीडीए: तय वक्त पर नहीं पहुंचे 43 कर्मचारी, अब कटेगा वेतन
इनमें चपरासी से लेकर अभियंता तक शामिल, सुबह 10.30 बजे उपाध्यक्ष ने किया औचक निरीक्षण, एक अवर अभियंता के निलंबन की संस्तुति।
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गोरखपुर में जीडीए में तय वक्त पर दफ्तर नहीं पहुंचने वाले 43 कर्मचारियों का वेतन कटेगा। इनमें चपरासी से लेकर अभियंता तक शामिल हैं। सोमवार को गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कुल 43 कर्मचारी पटल से अनुपस्थित पाए गए जबकि 89 कर्मचारी दफ्तर में मौजूद थे। उपाध्यक्ष ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों से जवाब-तलब करने के साथ ही उनका एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया है। चेताया है कि दोबारा यदि ये कर्मचारी समय से कार्यालय में उपस्थित नहीं मिलेंगे तो उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपाध्यक्ष ने लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे अवर अभियंता सैयद रफत मुईन के निलंबन की संस्तुति शासन से की है।
जीडीए उपाध्यक्ष को पिछले कई दिनों से कर्मचारियों की उपस्थिति के संबंध में शिकायतें मिल रही थीं। सोमवार सुबह 10.30 बजे उन्होंने प्राधिकरण के सभी अनुभागों की उपस्थिति पंजिका जांची तो वे हैरान रह गए। चपरासी, कर्मचारी, अभियंता से लेकर अधिकारी तक कुल 43 कर्मी अनुपस्थित मिले।
ये थे अनुपस्थित
अवर अभियंता राम इकबाल सिंह, सत्य प्रकाश चौधरी, रामेश्वर दुबे, वरिष्ठ लिपिक ब्रज भूषण उपाध्याय, लिपिक मनीष तिवारी, नित्यानंद शुक्ला, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, शशिकांत गुप्ता, राम सिंह यादव, सतीश चंद तिवारी, उषा मिश्रा, सरोज मिश्र, इलियास अहमद, उपेंद्र मिश्र, अरुण सिंह, इलेक्ट्रीशियन रामाश्रय मल्ल सहित 17 चपरासी अनुपस्थित मिले हैं। सहायक विधि अधिकारी राकेश भी गैरहाजिर थे।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि सुबह 10.30 बजे प्राधिकरण के सभी अनुभागों की उपस्थिति रजिस्टर की जांच की तो कुल 132 में से 89 कर्मचारी ही उपस्थित मिले। सभी 43 गैरहाजिर कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगने के साथ ही उनका एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया है। चेतावनी दी गई है कि यदि दोबारा कोई समय से उपस्थित नहीं मिला तो उसपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।