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जीडीए: फोन कर बुलाए गए आवेदक, सम्मान मिला- परेशानी भी दूर हुई
Sun, 08 Aug 2021 01:08 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 08 Aug 2021 01:08 PM IST
सार
कल तक जिन लोगों की समस्याओं को प्राधिकरण के जेई और कर्मचारी ठीक से सुनते तक न थे, अब उन्हें न केवल फोन कर बुलाया जा है बल्कि पूरा सम्मान देने के साथ ही उनके मामलों का निस्तारण भी कराया जा रहा है।
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह की सख्ती के बाद प्राधिकरण का माहौल बदलने लगा है। कल तक जिन लोगों की समस्याओं को प्राधिकरण के जेई और कर्मचारी ठीक से सुनते तक न थे, अब उन्हें न केवल फोन कर बुलाया जा है बल्कि पूरा सम्मान देने के साथ ही उनके मामलों का निस्तारण भी कराया जा रहा है। छोटी-छोटी कमियों की वजह से जो लोग प्राधिकरण के चक्कर लगा रहे थे, उन्हें बुलाकर जीडीए उपाध्यक्ष ने खुद समस्याएं सुनीं और निस्तारण भी कराया। इस दौरान करीब 21 साल से लंबित रजिस्ट्री का एक मामला भी सुलझाया गया।
इसके लिए आवेदक के साथ ही उसके परिवार के लोग भी चक्कर लगा रहे थे। जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह के सामने शनिवार को जब मामला आया तो उन्होंने फाइल मंगाई। संबंधित अभियंताओं से उसे समझा और फिर उसका निस्तारण कराया। पिछले तीन महीने के भीतर जिनके भी मानचित्र के आवेदन रिजेक्ट लिस्ट में जा चुके थे या फिर आवेदन लंबे समय से लंबित थे, उन्हें फोन कर शुक्रवार और शनिवार को जीडीए बुलाया गया था।
दो दिनों में करीब 100 आवेदक प्राधिकरण पहुंचे। सभी की समस्याओं को सुनने के साथ उन्हें उनकी फाइल की कमियों की जानकारी देने के साथ ही उसे दुरुस्त करने का भी तरीका बताया गया। जिन मामलों में दस्तावेज पूरे थे, बावजूद इसके आवेदकों को दौड़ाया जा रहा था, उसका तत्काल निस्तारण कराया गया। दो दिनों के भीतर ऐसे करीब 18 लोगों के मामलों का निस्तारण कर उन्हें राहत दी गई। प्राधिकरण में सोमवार एवं मंगलवार को भी शिविर लगाया जाएगा। इस शिविर में मानचित्र एवं नामांतरण से जुड़े मामलों को निस्तारित किया जाएगा।
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जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि लंबे समय से लंबित मामलों की सूची तैयार कर संबंधित आवेदकों, पीड़ितों को फोन कर जीडीए बुलाया जा रहा है। उनकी समस्याएं सुनी जा रहीं हैं। जिनमें छोटी-छोटी कमियां हैं, उन्हें तत्काल दूर कर मामले का निस्तारण कराया जा रहा है। शनिवार को करीब 21 वर्षों से लंबित एक मामले का भी निस्तारण कर दिया गया। जिनके भी मामले लंबित हैं, वे प्राधिकरण में आकर अपनी समस्या बताएं, उनकी समस्या दूर की जाएगी। अगले सप्ताह के सोमवार एवं मंगलवार को भी विशेष शिविर लगाया जाएगा।
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इसके लिए आवेदक के साथ ही उसके परिवार के लोग भी चक्कर लगा रहे थे। जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह के सामने शनिवार को जब मामला आया तो उन्होंने फाइल मंगाई। संबंधित अभियंताओं से उसे समझा और फिर उसका निस्तारण कराया। पिछले तीन महीने के भीतर जिनके भी मानचित्र के आवेदन रिजेक्ट लिस्ट में जा चुके थे या फिर आवेदन लंबे समय से लंबित थे, उन्हें फोन कर शुक्रवार और शनिवार को जीडीए बुलाया गया था।
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दो दिनों में करीब 100 आवेदक प्राधिकरण पहुंचे। सभी की समस्याओं को सुनने के साथ उन्हें उनकी फाइल की कमियों की जानकारी देने के साथ ही उसे दुरुस्त करने का भी तरीका बताया गया। जिन मामलों में दस्तावेज पूरे थे, बावजूद इसके आवेदकों को दौड़ाया जा रहा था, उसका तत्काल निस्तारण कराया गया। दो दिनों के भीतर ऐसे करीब 18 लोगों के मामलों का निस्तारण कर उन्हें राहत दी गई। प्राधिकरण में सोमवार एवं मंगलवार को भी शिविर लगाया जाएगा। इस शिविर में मानचित्र एवं नामांतरण से जुड़े मामलों को निस्तारित किया जाएगा।
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जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि लंबे समय से लंबित मामलों की सूची तैयार कर संबंधित आवेदकों, पीड़ितों को फोन कर जीडीए बुलाया जा रहा है। उनकी समस्याएं सुनी जा रहीं हैं। जिनमें छोटी-छोटी कमियां हैं, उन्हें तत्काल दूर कर मामले का निस्तारण कराया जा रहा है। शनिवार को करीब 21 वर्षों से लंबित एक मामले का भी निस्तारण कर दिया गया। जिनके भी मामले लंबित हैं, वे प्राधिकरण में आकर अपनी समस्या बताएं, उनकी समस्या दूर की जाएगी। अगले सप्ताह के सोमवार एवं मंगलवार को भी विशेष शिविर लगाया जाएगा।