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Gorakhpur News: गोरखपुर की बेटी प्रोफेसर मीनाक्षी नारायण का अमेरिका में निधन, शोक की लहर
Mon, 02 Jan 2023 02:25 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 02 Jan 2023 02:25 PM IST
सार
प्रोफेसर मीनाक्षी अमेरिका के 10 प्रमुख भौतिक शास्त्र वैज्ञानिकों में शामिल थीं। वह 2020 से कैंसर से पीड़ित थी। इसके बाद अपने जिजीविषा एवं साहस से उन्होंने इस रोग का मुकाबला किया। नए साल एक जनवरी 2023 को बीमारी ने उन्हें हरा दिया।
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प्रोफेसर मीनाक्षी नारायण।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर की बेटी प्रोफेसर मीनाक्षी नारायण का अमेरिका में रविवार को निधन हो गया। प्रोफेसर मीनाक्षी नेशनल एजुकेशनल सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष महात्मा गांधी पीजी कॉलेज के पूर्व प्रबंधक स्व. प्रेम नारायण श्रीवास्तव की बड़ी पुत्री थीं। वह अमेरिका के बोस्टन शहर में रहती थीं।
इनका जन्म 9 मई 1963 को गोरखपुर में हुआ था। इनकी प्रारंभिक शिक्षा कार्मेल स्कूल में हुई थी, इसके बाद एडी कन्या इंटर कॉलेज से उन्होंने इंटर की परीक्षा पास कर स्नातक की शिक्षा के लिए गोरखपुर विश्वविद्यालय में विज्ञान संकाय में प्रवेश लिया था।
प्रोफेसर मीनाक्षी स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई हेतु आईआईटी कानपुर से एमएससी पूरी की कर रिसर्च के लिए अमेरिका चली गईं। पीएचडी पूरी करने के बाद उन्होंने यूएसए में ही अध्यापन का कार्य प्रारंभ किया। वह दुनिया के गिने-चुने भौतिक शास्त्री में एक थीं। अपने निधन के दिन तक प्रोफेसर मीनाक्षी ब्राउन यूनिवर्सिटी के फिजिक्स विभाग की चेयरमैन थीं।
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प्रोफेसर मीनाक्षी अमेरिका के 10 प्रमुख भौतिक शास्त्र वैज्ञानिकों में शामिल थीं। वह 2020 से कैंसर से पीड़ित थी। इसके बाद अपने जिजीविषा एवं साहस से उन्होंने इस रोग का मुकाबला किया। नए साल एक जनवरी 2023 को बीमारी ने उन्हें हरा दिया। उनके परिवार में उनके पति प्रोफेसर उल्रिक के अलावा 2 पुत्र अनीश एवं आनंद हैं। उनके निधन की सूचना आते ही गोरखपुर नगर में उदासी छा गई।
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इनका जन्म 9 मई 1963 को गोरखपुर में हुआ था। इनकी प्रारंभिक शिक्षा कार्मेल स्कूल में हुई थी, इसके बाद एडी कन्या इंटर कॉलेज से उन्होंने इंटर की परीक्षा पास कर स्नातक की शिक्षा के लिए गोरखपुर विश्वविद्यालय में विज्ञान संकाय में प्रवेश लिया था।
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प्रोफेसर मीनाक्षी स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई हेतु आईआईटी कानपुर से एमएससी पूरी की कर रिसर्च के लिए अमेरिका चली गईं। पीएचडी पूरी करने के बाद उन्होंने यूएसए में ही अध्यापन का कार्य प्रारंभ किया। वह दुनिया के गिने-चुने भौतिक शास्त्री में एक थीं। अपने निधन के दिन तक प्रोफेसर मीनाक्षी ब्राउन यूनिवर्सिटी के फिजिक्स विभाग की चेयरमैन थीं।
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प्रोफेसर मीनाक्षी अमेरिका के 10 प्रमुख भौतिक शास्त्र वैज्ञानिकों में शामिल थीं। वह 2020 से कैंसर से पीड़ित थी। इसके बाद अपने जिजीविषा एवं साहस से उन्होंने इस रोग का मुकाबला किया। नए साल एक जनवरी 2023 को बीमारी ने उन्हें हरा दिया। उनके परिवार में उनके पति प्रोफेसर उल्रिक के अलावा 2 पुत्र अनीश एवं आनंद हैं। उनके निधन की सूचना आते ही गोरखपुर नगर में उदासी छा गई।