{"_id":"645ffe4506fb95d8e50ad9d7","slug":"gorakhpur-bharatiya-janata-party-gorakhpur-news-c-7-1-gkp1003-165767-2023-05-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: पहली बार बनेगी पूर्ण बहुमत की “शहर की सरकार”","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: पहली बार बनेगी पूर्ण बहुमत की “शहर की सरकार”
विज्ञापन
गोरखपुर। भारतीय जनता पार्टी पहली बार पूर्ण बहुमत वाली “शहर की सरकार” बनाएगी। नगर निगम के चुनाव में इस बार भाजपा को 42 वार्डों में सफलता मिली है, जबकि पूर्ण बहुमत के नगर निगम बोर्ड के लिए 41 सीटों पर जीत जरूरी थी। नगर निगम गोरखपुर के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी भी दल को पूर्ण बहुमत हासिल हुआ है।
शनिवार को घोषित हुआ नगर निगम चुनाव का परिणाम भाजपा के लिए जश्न मनाने वाला रहा, वहीं, समाजवादी पार्टी के लिए मायूसी भरा रहा। पिछली बार की तुलना में भाजपा को 15 सीटों का फायदा हुआ। वहीं, समाजवादी पार्टी को पांच सीटों का नुकसान झेलना पड़ा। बहुजन समाज पार्टी ने पिछली बार की तरह पांच सीट हासिल कर,अपनी पुरानी स्थिति कायम रखी। वहीं कांग्रेस पार्टी को एक सीट से संतोष करना पड़ा। पिछली बार नगर निगम बोर्ड में कांग्रेस पार्टी से दो पार्षद थे।
लगातार बढ़ता गया भाजपा का ग्राफ
नगर निगम के पिछले तीन चुनावों के दौरान भाजपा का जीत का ग्राफ बढ़ता रहा है। 2012 में 19 सीट और 2017 में 27 सीट हासिल हुई थी। 2012 के चुनाव में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने अपने आपको चुनाव से बाहर रखा था। ऐसे में कुल 48 वार्डों में निर्दलीय ने जीत का परचम लहराया था। कांग्रेस पार्टी भी तीन वार्डों में जीत हासिल करने में कामयाब रही थी। 2017 के चुनाव में भाजपा ने सपा के मैदान में उतरने के बावजूद अपने सीटों में बढ़ोतरी करते हुए 27 सीट पर जीत हासिल की थी। वहीं, 10 नए वार्ड जुड़ने और वार्डों की कुल संख्या 80 होने के बावजूद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी की स्थिति कमजोर होती गई है। किसी वक्त शहर का पहला निर्वाचित मेयर कांग्रेस पार्टी का था, वहीं अब पार्टी का अब सिर्फ एक पार्षद रह गया है।
विज्ञापन
कुछ यूं रही थी नगर निगम बोर्ड में दलों की स्थिति
दल- 2023 2017 2012
भाजपा- 42 27 19
सपा- 17 18 0
बसपा- 5 5 0
कांग्रेस- 1 2 3
निर्दलीय- 15 18 48
नोट: 2012 के चुनाव में सपा और बसपा ने किसी को अपना सिंबल नहीं दिया था।
विज्ञापन
शनिवार को घोषित हुआ नगर निगम चुनाव का परिणाम भाजपा के लिए जश्न मनाने वाला रहा, वहीं, समाजवादी पार्टी के लिए मायूसी भरा रहा। पिछली बार की तुलना में भाजपा को 15 सीटों का फायदा हुआ। वहीं, समाजवादी पार्टी को पांच सीटों का नुकसान झेलना पड़ा। बहुजन समाज पार्टी ने पिछली बार की तरह पांच सीट हासिल कर,अपनी पुरानी स्थिति कायम रखी। वहीं कांग्रेस पार्टी को एक सीट से संतोष करना पड़ा। पिछली बार नगर निगम बोर्ड में कांग्रेस पार्टी से दो पार्षद थे।
विज्ञापन
लगातार बढ़ता गया भाजपा का ग्राफ
नगर निगम के पिछले तीन चुनावों के दौरान भाजपा का जीत का ग्राफ बढ़ता रहा है। 2012 में 19 सीट और 2017 में 27 सीट हासिल हुई थी। 2012 के चुनाव में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने अपने आपको चुनाव से बाहर रखा था। ऐसे में कुल 48 वार्डों में निर्दलीय ने जीत का परचम लहराया था। कांग्रेस पार्टी भी तीन वार्डों में जीत हासिल करने में कामयाब रही थी। 2017 के चुनाव में भाजपा ने सपा के मैदान में उतरने के बावजूद अपने सीटों में बढ़ोतरी करते हुए 27 सीट पर जीत हासिल की थी। वहीं, 10 नए वार्ड जुड़ने और वार्डों की कुल संख्या 80 होने के बावजूद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी की स्थिति कमजोर होती गई है। किसी वक्त शहर का पहला निर्वाचित मेयर कांग्रेस पार्टी का था, वहीं अब पार्टी का अब सिर्फ एक पार्षद रह गया है।
विज्ञापन
कुछ यूं रही थी नगर निगम बोर्ड में दलों की स्थिति
दल- 2023 2017 2012
भाजपा- 42 27 19
सपा- 17 18 0
बसपा- 5 5 0
कांग्रेस- 1 2 3
निर्दलीय- 15 18 48
नोट: 2012 के चुनाव में सपा और बसपा ने किसी को अपना सिंबल नहीं दिया था।