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Gorakhpur News: ई-कॉमर्स के जरिये कई गुना दाम पर बिक रहीं गीताप्रेस की पुस्तकें..जताई नाराजगी
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गीताप्रेस में विदेशों से भी आई शिकायतें, प्रेस प्रबंधन का ऐतराज- ऊंचे दामों पर बिक्री से छवि को नुकसान पहुंच रहा
अधिकारियों की ओर से ई-कॉमर्स कंपनियों को लिखा जाएगा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर गीताप्रेस की पुस्तकों को कई गुना अधिक दाम पर बेचे जाने का मामला सामने आया है। गीताप्रेस की ओर से इस पर कड़ी नाराजगी जताई गई है। प्रेस प्रबंधन का कहना है कि उनकी पुस्तकों की मूल नीति सेवा और जनकल्याण की है, न कि मुनाफाखोरी। ऐसे में ऊंचे दामों पर बिक्री से उनकी छवि को नुकसान पहुंच रहा है।
गीताप्रेस के अधिकारियों के अनुसार, इस संबंध में न केवल देश के विभिन्न हिस्सों से बल्कि विदेशों से भी शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पाठकों और श्रद्धालुओं ने बताया है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पुस्तकों के दाम वास्तविक मूल्य से कई गुना अधिक दर्शाए जा रहे हैं, जिससे आम लोगों में भ्रम और असंतोष फैल रहा है।
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गीताप्रेस प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि उनकी पुस्तकों की अधिकृत मूल्य सूची पहले से निर्धारित है और किसी भी माध्यम से इससे अधिक मूल्य वसूलना अनुचित है। प्रबंधन ने ई-कॉमर्स कंपनियों पर बिना अनुमति पुस्तकों की ऊंची कीमत तय करने का आरोप लगाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए गीताप्रेस के अधिकारियों की ओर से संबंधित ई-कॉमर्स कंपनियों को पत्र लिखने की तैयारी की जा रही है।
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पत्र में पुस्तकों के दाम निर्धारित मूल्य के अनुरूप रखने, मुनाफाखोरी बंद करने और गीताप्रेस की साख से खिलवाड़ न करने की मांग की जाएगी।
वर्जन
ई-कॉमर्स के जरिये कई गुना अधिक दाम पर बिक रहीं गीताप्रेस की पुस्तकों को लेकर शिकायतें आई हैं। इसको लेकर ई-कॉमर्स कंपनियों को पत्र लिखकर निर्धारित पुस्तकों के दाम में ही बेचने को कहा जाएगा। यदि इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो अन्य कानूनी विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा।
- लालमणि तिवारी, प्रबंधक, गीताप्रेस