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घाघरा नदी अब भी उफान पर
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घाघरा नदी अब भी उफान पर
गोरखपुर। मंडल में बहने वाली प्रमुख नदियों में घाघरा नदी अब भी उफान पर है। दो दिन से उसके जलस्तर में कमी हो रही पर अब भी वह खतरे के निशान से 59 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जिले में घाघरा नदी की बाढ़ से 73 गांव प्रभावित और 55 मैरुंड हैं।
लंबे समय से तटबंधों के किनारे पानी के कारण तटबंधों पर खतरा मड़रा रहा है। हालांकि सिंचाई विभाग के अभियंताओं का दावा है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और सभी बंधे सुरक्षित हैं। उधर, अन्य सभी नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे हैं। उनका जलस्तर या तो उतर रहा है या स्थिर है। कुआनो नदी एक बार फिर बढ़ने लगी है। माना जा रहा है कि मैदानी इलाकों में हुई बारिश के कारण उसके जलस्तर में वृद्धि हुई है।
घाघरा नदी के बाढ़ से अब भी 73 गांव प्रभावित हैं। जबकि 55 मैरुंड हैं। इसका असर खजनी और गोला तहसीलों में दिख रहा है। जब सभी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर था तब 169 गांव प्रभावित हुए थे। उनमें से 93 मैरुंड घोषित किए गए थे। मैरुंड गांवों में प्रशासन की तरफ से राहत सामग्री वितरित की गई। जिन क्षेत्रों से पानी हटा है वहां पर राजस्व एवं कृषि विभाग की टीम को फसलों के नुकसान का आकलन के लिए लगाया गया है।
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नदियों का जलस्तर
घाघरा अयोध्या में सुबह 93-390, शाम को 93-320, खतरे का निशान 92-730
राप्ती नदी बर्डघाट में सुबह 73-580, शाम को 73-575, खतरे का निशान 74-980
कुआनो नदी मुखलिसपुर में सुबह 76-730, शाम को 76-780, खतरे का निशान 78-650
रोहिन नदी तिनमुहानी घाट में सुबह 78-870, शाम को 78-860, खतरे का निशान 82-440
गोर्रा नदी पिड़रा घाट में सुबह-शाम 69-400 पर स्थिर है। इसके खतरे का निशान 70-500
बाल्मीकि नगर बैराज का डिस्चार्ज रविवार को 1444800 था।
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गोरखपुर। मंडल में बहने वाली प्रमुख नदियों में घाघरा नदी अब भी उफान पर है। दो दिन से उसके जलस्तर में कमी हो रही पर अब भी वह खतरे के निशान से 59 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जिले में घाघरा नदी की बाढ़ से 73 गांव प्रभावित और 55 मैरुंड हैं।
लंबे समय से तटबंधों के किनारे पानी के कारण तटबंधों पर खतरा मड़रा रहा है। हालांकि सिंचाई विभाग के अभियंताओं का दावा है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और सभी बंधे सुरक्षित हैं। उधर, अन्य सभी नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे हैं। उनका जलस्तर या तो उतर रहा है या स्थिर है। कुआनो नदी एक बार फिर बढ़ने लगी है। माना जा रहा है कि मैदानी इलाकों में हुई बारिश के कारण उसके जलस्तर में वृद्धि हुई है।
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घाघरा नदी के बाढ़ से अब भी 73 गांव प्रभावित हैं। जबकि 55 मैरुंड हैं। इसका असर खजनी और गोला तहसीलों में दिख रहा है। जब सभी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर था तब 169 गांव प्रभावित हुए थे। उनमें से 93 मैरुंड घोषित किए गए थे। मैरुंड गांवों में प्रशासन की तरफ से राहत सामग्री वितरित की गई। जिन क्षेत्रों से पानी हटा है वहां पर राजस्व एवं कृषि विभाग की टीम को फसलों के नुकसान का आकलन के लिए लगाया गया है।
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नदियों का जलस्तर
घाघरा अयोध्या में सुबह 93-390, शाम को 93-320, खतरे का निशान 92-730
राप्ती नदी बर्डघाट में सुबह 73-580, शाम को 73-575, खतरे का निशान 74-980
कुआनो नदी मुखलिसपुर में सुबह 76-730, शाम को 76-780, खतरे का निशान 78-650
रोहिन नदी तिनमुहानी घाट में सुबह 78-870, शाम को 78-860, खतरे का निशान 82-440
गोर्रा नदी पिड़रा घाट में सुबह-शाम 69-400 पर स्थिर है। इसके खतरे का निशान 70-500
बाल्मीकि नगर बैराज का डिस्चार्ज रविवार को 1444800 था।