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Gorakhpur News: गीता प्रेस की रंगीन पुस्तकों का कमाल, डेढ़ साल में बिकीं 1.75 लाख प्रतियां

Mon, 07 Aug 2023 10:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Updated Mon, 07 Aug 2023 10:56 AM IST
सार

गीता प्रेस प्रबंधक डॉ. लालमणि तिवारी ने कहा कि गीता प्रेस सभी वर्ग के लोगों के लिए पुस्तकें प्रकाशित करता है। रंगीन पुस्तकों को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। कई पुस्तकें ऐसी हैं जो आउट ऑफ स्टॉक हो गई हैं। जल्द से जल्द इनका प्रकाशन कराकर पाठकों को उपलब्ध करा दिया जाएगा।

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Gita Press colorful books sold 1.75 lakh copies in one and a half year
गोरखपुर गीता प्रेस। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गीता प्रेस से रंगीन धार्मिक पुस्तकों का प्रकाशन शुरू होने के बाद से लोग इसके कायल हो गए हैं। लोगों की पसंद का अंदाजा इसी बात से लगाई जा सकता है कि सिर्फ डेढ़ वर्षों में ही गीता प्रेस ने करीब 1.75 लाख रंगीन पुस्तकों की बिक्री कर ली है। खासतौर पर बुजुर्गों का रंगीन पुस्तकों की तरफ विशेष रुझान है।

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गीता प्रेस प्रबंधन, पुस्तकों को लेकर नए-नए प्रयोग करते रहता है। साल 2021 में गीता प्रेस ने जापान से कलर प्रिंटिंग मशीन कोमोरी मंगाई। यह अबतक की सबसे आधुनिक कलर प्रिंटिंग मशीन है। इस मशीन के आने के बाद गीता प्रेस में आर्ट पेपर पर रंगीन पुस्तकों के प्रकाशन का सिलसिला शुरू हो गया। अप्रैल 2021 में सबसे पहले श्रीमद्भागवत गीता का प्रकाशन शुरू हुआ।
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इस पुस्तक को लोगों ने खूब पसंद किया। श्रीमद्भावगत गीता पहले साधारण कागज पर ब्लैक एंड व्हाइट छपती थी। लोगों की पसंद को देखते हुए गीता प्रेस ने इसके बाद 2022 में दुर्गा सप्तशती और फिर सुंदरकांड का प्रकाशन शुरू किया। इन पुस्तकों को भी लोगों ने हाथों-हाथ लिया।
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इसके बाद लोगों की मांग पर गीता प्रेस ने आर्ट पेपर पर रंगीन चित्रों के साथ रामचरितमानस का प्रकाशन शुरू किया। गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष समारोह के उद्घाटन अवसर पर तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रामचरित मानस के इस विशिष्ट अंक का विमोचन किया।

इसके बाद गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष समारोह के समापन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चित्रमय शिव महापुराण के विशिष्ट अंक का विमोचन किया। गीता प्रेस अबतक आर्ट पेपर पर पांच पुस्तकें प्रकाशित कर चुका है। पांचों पुस्तकों की लोग खूब खरीदारी कर रहे हैं।

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इतनी छपीं रंगीन पुस्तकें

श्रीमद्भगवत गीता 52, 000
दुर्गा सप्तशती 80,000
सुंदरकांड 25,000
रामचरित मानस 9,500
शिव महापुराण 5000

गीता प्रेस प्रबंधक डॉ. लालमणि तिवारी ने कहा कि गीता प्रेस सभी वर्ग के लोगों के लिए पुस्तकें प्रकाशित करता है। रंगीन पुस्तकों को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। कई पुस्तकें ऐसी हैं जो आउट ऑफ स्टॉक हो गई हैं। जल्द से जल्द इनका प्रकाशन कराकर पाठकों को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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